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दहेज हत्या के मामले में पांच लोगों को दस साल की कैद
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दंपती और बेटों समेत एक ही परिवार के हैं सभी दोषी
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बरेली। दहेज हत्या के आरोपी पति, सास, ससुर समेत एक ही परिवार के पांच लोगों को कोर्ट ने दस साल कैद की सजा सुनाई है। इस मामले में फैसला घटना के 14 साल बाद आया है। सजा का आदेश जिला जज रेणु अग्रवाल ने किया।
घटना की रिपोर्ट गांव अहियापुर, थाना बिथरीचैनपुर के रहने वाले रीतराम ने एक मई, 2007 को लिखाई थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि रीतराम ने अपनी बेटी शशि की शादी हरदासपुर गांव थाना सिरौली के राजेंद्र के साथ घटना से पांच साल पहले की थी। शशि के ससुराल वाले शादी में दिए दहेज से खुश नहीं थे। और दहेज की मांग को लेकर पति राजेंद्र, देवर चरन सिहं, चंद्रपाल, ससुर गंगा सहाय, सास नन्हीं देवी उसे पीटते थे। शादी के डेढ साल बाद राजेंद्र की फौज में सिपाही के पद पर नौकरी लग गई। जब वह ड्यूटी पर चला गया तो ससुराल वालों के शशि पर जुल्म और बढ़ गए। घटना से कुछ समय पहले राजेंद्र छुट्टी पर घर आया तभी सभी ने मिलकर शशि की गला दबाकर हत्या कर दी।
इस मामले में अभियोजन की ओर से कुल नौ गवाह पेश किए गए। बचाव पक्ष की ओर से भी दो गवाह पेश किए। कोर्ट ने पांचों अभियुक्तों को दोषी पाते हुए दस-दस साल कैद और हरेक को दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
घटना की रिपोर्ट गांव अहियापुर, थाना बिथरीचैनपुर के रहने वाले रीतराम ने एक मई, 2007 को लिखाई थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि रीतराम ने अपनी बेटी शशि की शादी हरदासपुर गांव थाना सिरौली के राजेंद्र के साथ घटना से पांच साल पहले की थी। शशि के ससुराल वाले शादी में दिए दहेज से खुश नहीं थे। और दहेज की मांग को लेकर पति राजेंद्र, देवर चरन सिहं, चंद्रपाल, ससुर गंगा सहाय, सास नन्हीं देवी उसे पीटते थे। शादी के डेढ साल बाद राजेंद्र की फौज में सिपाही के पद पर नौकरी लग गई। जब वह ड्यूटी पर चला गया तो ससुराल वालों के शशि पर जुल्म और बढ़ गए। घटना से कुछ समय पहले राजेंद्र छुट्टी पर घर आया तभी सभी ने मिलकर शशि की गला दबाकर हत्या कर दी।
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इस मामले में अभियोजन की ओर से कुल नौ गवाह पेश किए गए। बचाव पक्ष की ओर से भी दो गवाह पेश किए। कोर्ट ने पांचों अभियुक्तों को दोषी पाते हुए दस-दस साल कैद और हरेक को दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
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