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Bareilly News: सरकारी भूमि को लेकर गलत रिपोर्ट देने पर नपे तहसीलदार
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मीरगंज। सरकारी जमीन को पत्रावलियों में कब्जामुक्त दिखाने के मामले में डीएम रविंद्र कुमार ने तहसीलदार विशाल कुमार शर्मा को तत्काल प्रभाव से मीरगंज से हटाकर बरेली कलेक्ट्रेट संबद्ध कर दिया है। अब उनकी जगह पर तहसीलदार भानु प्रताप मीरगंज तहसील पहुंचकर अतिरिक्त चार्ज ग्रहण कर लिया है। इस मामले में एसडीएम मीरगंज से कुछ और रिपोर्ट मांगी गई है। लोगों में चर्चा है कि तहसीलदार विशाल कुमार पर विभागीय कार्रवाई की तलवार लटक रही है।
29 जनवरी बुधवार को डीएम रविंद्र कुमार ने मीरगंज तहसील का निरीक्षण किया। इसमें उन्होंने न्यायालयों की निस्तारित पत्रावलियों की जांच की थी, जिसमें तहसीलदार कोर्ट की पत्रावलियों में कुछ संदिग्धता नजर आते ही उन्होंने मीरगंज के गांव सिंधौली में जाकर मौका मुआयना किया तो उसमें तहसीलदार मीरगंज की लापरवाही सामने आई। धारा 67 के अंतर्गत नबी अहमद बनाम ग्राम सभा की डीएम ने पत्रावली देखी तो आदेश में खाद के गड्ढों पर कोई अवैध कब्जा नहीं पाया गया था, जबकि लेखपाल के अनुसार कुछ जगहों से इरशाद और अनावर द्वारा चहारदीवारी बनाकर अवैध कब्जा पाया गया था।
डीएम के आदेश पर लेखपाल अनिल कुमार ने दोनों कब्जेदारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। डीएम ने तहसीलदार मीरगंज की भूमिका की जांच एडीएम सिटी को सौंपी थी। बृहस्पतिवार को एडीएम सिटी राजस्व टीम के साथ गांव सिंधौली पहुंचे। यहां कुछ जमीन पर इरफान, आसिफ, जाबिर कुरैशी, अब्दुल हकीम, नवी अहमद, रजा हुसैन का कब्जा पाया गया, जिस पर लेखपाल अनिल कुमार ने लोक संपत्ति निवारण अधिनियम के तहत छह लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कराई।
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इससी प्रकरण को लेकर डीएम ने तहसीलदार विशाल कुमार शर्मा को हटाकर तहसीलदार भानुप्रताप को मीरगंज का अतिरिक्त चार्ज सौंप दिया। एसडीएम सिटी द्वारा रिपोर्ट सौंपे जाने और एसडीएम से अन्य रिपोर्ट की कॉपी मांगी गई है। इससे तहसील परिसर में खलबली मची हुई है। संवाद
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29 जनवरी बुधवार को डीएम रविंद्र कुमार ने मीरगंज तहसील का निरीक्षण किया। इसमें उन्होंने न्यायालयों की निस्तारित पत्रावलियों की जांच की थी, जिसमें तहसीलदार कोर्ट की पत्रावलियों में कुछ संदिग्धता नजर आते ही उन्होंने मीरगंज के गांव सिंधौली में जाकर मौका मुआयना किया तो उसमें तहसीलदार मीरगंज की लापरवाही सामने आई। धारा 67 के अंतर्गत नबी अहमद बनाम ग्राम सभा की डीएम ने पत्रावली देखी तो आदेश में खाद के गड्ढों पर कोई अवैध कब्जा नहीं पाया गया था, जबकि लेखपाल के अनुसार कुछ जगहों से इरशाद और अनावर द्वारा चहारदीवारी बनाकर अवैध कब्जा पाया गया था।
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डीएम के आदेश पर लेखपाल अनिल कुमार ने दोनों कब्जेदारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। डीएम ने तहसीलदार मीरगंज की भूमिका की जांच एडीएम सिटी को सौंपी थी। बृहस्पतिवार को एडीएम सिटी राजस्व टीम के साथ गांव सिंधौली पहुंचे। यहां कुछ जमीन पर इरफान, आसिफ, जाबिर कुरैशी, अब्दुल हकीम, नवी अहमद, रजा हुसैन का कब्जा पाया गया, जिस पर लेखपाल अनिल कुमार ने लोक संपत्ति निवारण अधिनियम के तहत छह लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कराई।
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इससी प्रकरण को लेकर डीएम ने तहसीलदार विशाल कुमार शर्मा को हटाकर तहसीलदार भानुप्रताप को मीरगंज का अतिरिक्त चार्ज सौंप दिया। एसडीएम सिटी द्वारा रिपोर्ट सौंपे जाने और एसडीएम से अन्य रिपोर्ट की कॉपी मांगी गई है। इससे तहसील परिसर में खलबली मची हुई है। संवाद