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अपनी व्यथा सुनाएंगी और सिस्टम के सलूक की भी शिकायत करेंगी तीन तलाक पीड़िताएं
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बरेली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपनी व्यथा सुनाने के लिए मंगलवार को 29 तीन तलाक पीड़ित महिलाएं लखनऊ रवाना हो गईं। बरेली से मेरा हक फाउंडेशन की अध्यक्ष फरहत नकवी के साथ छह और आला हजरत फाउंडेशन की अध्यक्ष निदा खान के साथ ससुर से हलाला करने के लिए मजबूर की गई एक तलाक पीड़ित लखनऊ गई है। इन महिलाओं के साथ अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अफसर भी रवाना हुए हैं। मुख्यमंत्री को ये सभी बुधवार को आपबीती सुनाएंगी, साथ ही इंसाफ मिलने में सिस्टम की सुस्ती की वजह से हो रही दिक्कतें भी बयान करेंगी।
मुख्यमंत्री की पहल पर प्रदेश भर से तीन तलाक पीड़ित महिलाओं को लखनऊ बुलाया गया है। मुख्यमंत्री इन सभी महिलाओं से संवाद करेंगे और उन्हें इंसाफ मिलने में आ रही दिक्कतें भी सुनेंगे। मंगलवार को मुख्यमंत्री को अपनी व्यथा सुनाने के लिए बरेली से मंडल भर की 29 तीन तलाक पीड़ित महिलाएं लखनऊ रवाना हुईं। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की ओर से इन महिलाओं को लखनऊ ले जाने के लिए बस का इंतजाम किया गया था। लखनऊ के लिए प्रस्थान करते वक्त यहां प्रशासन के अफसर भी मौजूद रहे। मेरा हक फाउंडेशन की फरहत नकवी छह पीड़ित महिलाओं के साथ इसी बस से रवाना हुईं जबकि आला हजरत फाउंडेशन की निदा खान ससुर से हलाला के लिए मजबूर की गई पीड़ित महिला के साथ अपनी कार से लखनऊ के लिए निकलीं। इसके अलावा समाज सेवा मंच की ओर से दो तीन तलाक पीड़ित महिला शाहीन खान और महनाज खान को इसी बस में लखनऊ भेजा गया है।
बरेली से रवाना हुई तलाक पीड़ित महिलाओं ने बताया कि सरकार की ओर से उन्हें जितनी मदद और सहारा दिया जा रहा है, सिस्टम उन्हें इंसाफ के लिए उतना ही ज्यादा दौड़ा रहा है। पहले तो रिपोर्ट दर्ज होना मुश्किल है, उस पर पुलिस और अफसर उनके साथ ठीक से सलूक तक नहीं करते। ससुराल वाले अलग उत्पीड़न और धमकियां देते रहते हैं। वे मुख्यमंत्री के सामने अपनी इसी दुर्दशा को बयान करेंगी और यह उम्मीद भी उनके सामने रखेंगी कि अफसर उनके साथ सहानुभूतिपूर्ण रवैया रखें और उनकी पूरी कानूनी मदद करें।
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मुख्यमंत्री की पहल पर प्रदेश भर से तीन तलाक पीड़ित महिलाओं को लखनऊ बुलाया गया है। मुख्यमंत्री इन सभी महिलाओं से संवाद करेंगे और उन्हें इंसाफ मिलने में आ रही दिक्कतें भी सुनेंगे। मंगलवार को मुख्यमंत्री को अपनी व्यथा सुनाने के लिए बरेली से मंडल भर की 29 तीन तलाक पीड़ित महिलाएं लखनऊ रवाना हुईं। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की ओर से इन महिलाओं को लखनऊ ले जाने के लिए बस का इंतजाम किया गया था। लखनऊ के लिए प्रस्थान करते वक्त यहां प्रशासन के अफसर भी मौजूद रहे। मेरा हक फाउंडेशन की फरहत नकवी छह पीड़ित महिलाओं के साथ इसी बस से रवाना हुईं जबकि आला हजरत फाउंडेशन की निदा खान ससुर से हलाला के लिए मजबूर की गई पीड़ित महिला के साथ अपनी कार से लखनऊ के लिए निकलीं। इसके अलावा समाज सेवा मंच की ओर से दो तीन तलाक पीड़ित महिला शाहीन खान और महनाज खान को इसी बस में लखनऊ भेजा गया है।
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बरेली से रवाना हुई तलाक पीड़ित महिलाओं ने बताया कि सरकार की ओर से उन्हें जितनी मदद और सहारा दिया जा रहा है, सिस्टम उन्हें इंसाफ के लिए उतना ही ज्यादा दौड़ा रहा है। पहले तो रिपोर्ट दर्ज होना मुश्किल है, उस पर पुलिस और अफसर उनके साथ ठीक से सलूक तक नहीं करते। ससुराल वाले अलग उत्पीड़न और धमकियां देते रहते हैं। वे मुख्यमंत्री के सामने अपनी इसी दुर्दशा को बयान करेंगी और यह उम्मीद भी उनके सामने रखेंगी कि अफसर उनके साथ सहानुभूतिपूर्ण रवैया रखें और उनकी पूरी कानूनी मदद करें।
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