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मुहर्रम पर क्या होता है.. तुम क्या जानो वकील बाबू
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बरेली। बेटी की कस्टडी के लिए मेरा हक फाउंडेशन की अध्यक्ष फरहत नकवी की अपने पति की ओर से दायर मुकदमे की सुनवाई के दौरान उनके वकील के बीच अच्छीखासी नोंकझोंक हो गई। फरहत गवाही के लिए अगली तारीख लेना चाह रही थीं जबकि पति के वकील की ओर से इसका विरोध किया जा रहा था। गर्मागर्मी बढ़ने के बाद अदालत को हस्तक्षेप कर दोनों को शांत करना पड़ा।
फरहत नकवी के पति रेहान ने अपनी बेटी की कस्टडी हासिल करने के लिए मुकदमा दायर किया है। एडीजे अजय सिंह के फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम में बृहस्पतिवार को इस केस की सुनवाई थी जिसमें फरहत की ओर से गवाही पेश की जानी थी। फरहत ने अर्जी लगाई कि मुहर्रम की वजह से वह गवाही पेश नहीं कर पाएंगी। रेहान के वकील ने इस पर आपत्ति करते हुए कहा फरहत के शौहर भी उसी फिरके के हैं। वह अदालत आ सकते हैं तो फरहत की गवाही कोर्ट में क्यों नहीं पेश हो सकती। फरहत ने कहा कि मुहर्रम के दौरान मजलिस होती है जिसमें वह शरीक होती हैं। इस पर वकील ने कहा कि उनका मुवक्किल भी मजलिसों में शरीक होता है। इस पर उखड़ी फरहत बोलीं- वकील साहब जिस बारे में आपको जानकारी न हो उस पर मत बोलिए। इस पर वकील भी नाराज हो गए । उन्होंने अदालत से फरहत के व्यवहार की शिकायत की। अदालत ने दोनों को चेतावनी दी कि वे एक-दूसरे से बहस करने के बजाया कोर्ट से बात करें। एडीजे अजय सिंह ने फरहत की अर्जी पर 100 रुपये का हर्जाना लगाते हुए मामले में 16 सितंबर की तारीख तय कर दी है।
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फरहत नकवी के पति रेहान ने अपनी बेटी की कस्टडी हासिल करने के लिए मुकदमा दायर किया है। एडीजे अजय सिंह के फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम में बृहस्पतिवार को इस केस की सुनवाई थी जिसमें फरहत की ओर से गवाही पेश की जानी थी। फरहत ने अर्जी लगाई कि मुहर्रम की वजह से वह गवाही पेश नहीं कर पाएंगी। रेहान के वकील ने इस पर आपत्ति करते हुए कहा फरहत के शौहर भी उसी फिरके के हैं। वह अदालत आ सकते हैं तो फरहत की गवाही कोर्ट में क्यों नहीं पेश हो सकती। फरहत ने कहा कि मुहर्रम के दौरान मजलिस होती है जिसमें वह शरीक होती हैं। इस पर वकील ने कहा कि उनका मुवक्किल भी मजलिसों में शरीक होता है। इस पर उखड़ी फरहत बोलीं- वकील साहब जिस बारे में आपको जानकारी न हो उस पर मत बोलिए। इस पर वकील भी नाराज हो गए । उन्होंने अदालत से फरहत के व्यवहार की शिकायत की। अदालत ने दोनों को चेतावनी दी कि वे एक-दूसरे से बहस करने के बजाया कोर्ट से बात करें। एडीजे अजय सिंह ने फरहत की अर्जी पर 100 रुपये का हर्जाना लगाते हुए मामले में 16 सितंबर की तारीख तय कर दी है।
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