{"_id":"61b26600afdb2b5f653dc087","slug":"teachers-protested-by-tying-a-black-band-in-their-hands-bareilly-news-bly468644721","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाथ में काली पट्टी बांधकर शिक्षकों ने जताया विरोध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाथ में काली पट्टी बांधकर शिक्षकों ने जताया विरोध
विज्ञापन
बिशप कॉनराड में हुई घटना के विरोध में काली पट्टी बांधकर सेंट मैरी कान्वेंट स्कूल में किया प्रदर्?
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिशप कॉनराड स्कूल में हुई मारपीट की घटना के विरोध में बांधी पट्टी
बरेली। शहर के निजी स्कूलों के शिक्षकों ने बृहस्पतिवार को हाथ में काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। अधिकतर स्कूलों ने इस विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया।
इंडिपेंडेंट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष पारुष अरोड़ा ने बताया कि सात दिसंबर को बिशप कॉनराड स्कूल में शिक्षक के साथ कक्षा में घुसकर पिटाई की गई। यह बेहद गलत तरीका है। इसके विरोध में सभी स्कूलों ने हाथ में काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया और कक्षा में पढ़ाई करते समय बच्चों को इस बारे में बताया भी गया कि शिक्षक इस तरह से विरोध क्यों कर रहे हैं। बच्चों को बताया गया कि शिक्षक समाज का एक अहम अंग है और शिक्षक का सम्मान सर्वोपरि है। शहर के 60 स्कूलों में आठ हजार से अधिक शिक्षकों ने विरोध किया। बताया कि विरोध के दौरान बच्चों की पढ़ाई बाधित नहीं हुई।
विज्ञापन
बरेली। शहर के निजी स्कूलों के शिक्षकों ने बृहस्पतिवार को हाथ में काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। अधिकतर स्कूलों ने इस विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया।
इंडिपेंडेंट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष पारुष अरोड़ा ने बताया कि सात दिसंबर को बिशप कॉनराड स्कूल में शिक्षक के साथ कक्षा में घुसकर पिटाई की गई। यह बेहद गलत तरीका है। इसके विरोध में सभी स्कूलों ने हाथ में काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया और कक्षा में पढ़ाई करते समय बच्चों को इस बारे में बताया भी गया कि शिक्षक इस तरह से विरोध क्यों कर रहे हैं। बच्चों को बताया गया कि शिक्षक समाज का एक अहम अंग है और शिक्षक का सम्मान सर्वोपरि है। शहर के 60 स्कूलों में आठ हजार से अधिक शिक्षकों ने विरोध किया। बताया कि विरोध के दौरान बच्चों की पढ़ाई बाधित नहीं हुई।