{"_id":"6150c95e8ebc3efd1447c01d","slug":"teacher-turned-minister-chhatrapal-singh-is-counted-among-the-leaders-related-to-the-land-baheri-news-bly4609105121","type":"story","status":"publish","title_hn":"जमीन से जुड़े नेताओं में गिने जाते हैं शिक्षक से मंत्री बने छत्रपाल सिंह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जमीन से जुड़े नेताओं में गिने जाते हैं शिक्षक से मंत्री बने छत्रपाल सिंह
विज्ञापन
बहेड़ी के विधायक छत्रपाल गंगवार।
वर्ष 2002 में लड़ा था पहला चुनाव, अब तक दो बार बन चुके हैं विधायक
विज्ञापन
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में भी प्रचारक समेत कई जिम्मेदारियों का किया निर्वहन
बहेड़ी। दमखोदा गांव के रहने वाले छत्रपाल सिंह ने शिक्षक से मंत्री पद तक का सफर तय किया है। उनकी गिनती जमीन से जुड़े नेताओं में की जाती है। वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में भी प्रचारक समेत कई जिम्मेदारियों का निर्वहन कर चुके हैं।
छत्रपाल सिंह 1979 में दमखोदा के धनीराम इंटर कालेज में अर्थशास्त्र के प्रवक्ता बने। उनके पिता रामलाल आरएसएस से जुड़े थे। इसी वजह से छत्रपाल सिंह का भी आरएसएस से जुड़ाव बन गया। इसी बीच वर्ष 1985 में वह आरएसएस के प्रचारक और फिर 1993 में विभाग शारीरिक प्रमुख बन गए। इसी बीच वर्ष 2009 में वह धनीराम इंटर कालेज में ही प्रधानाचार्य बन गए।
विज्ञापन
उनके राजनीतिक सफर की शुरुआत वर्ष 2002 में हुई। बहेड़ी विधानसभा से भाजपा के टिकट पर उन्होंने पहली बार चुनाव लड़ा लेकिन सपा-बसपा गठबंधन के अताउर्रहमान से हार गए। दूसरा चुनाव 2007 में भाजपा से ही लड़कर विधायक बन गए। वर्ष 2012 में उन्होंने तीसरी बार चुनाव लड़ा लेकिन 18 वोट से हार गए। वर्ष 2017 में भाजपा से ही चुनाव लड़कर उन्होंने 43,800 वोटों से बसपा के नसीम अहमद को हराकर दूसरी बार विधायक बने।
विज्ञापन
विज्ञापन
स्कूटी से करते हैं क्षेत्र भ्रमण
दो बार के विधायक छत्रपाल सिंह जमीन से जुड़े नेताओं में गिने जाते हैं। आज भी वह स्कूटी से नगर का भ्रमण करते हैं और लोगों को रास्ते में खड़ा देखकर वहीं रुककर चर्चा करने लगते हैं। उनके मंत्री बनने के बाद लोगों को नगर के बेहतर विकास की उम्मीदें हैं। लोगों का कहना है कि अब बहेड़ी की शक्ल बदल जाएगी।
बहेड़ी से दूसरी बार कोई मंत्री विधायक बना मंत्री
आजादी के बाद से अब तक बहेड़ी विधानसभा से दूसरी बार कोई विधायक मंत्री बना है। छत्रपाल सिंह से पहले सपा के अताउर्रहमान कुछ समय के लिए मंत्री रहे थे। हालांकि बहेड़ी से कई दिग्गज चुनाव जीत चुके हैं लेकिन मंत्री की कुर्सी तक नहीं पहुंचे। इससे पहले जब बहेड़ी, नैनीताल संसदीय क्षेत्र का हिस्सा होता था तो एनडी तिवारी, केसीपंत को बहेड़ी ने चुनाव जिताकर भेजा था। इनमें केसी पंत रक्षा मंत्री और एनडी तिवारी उद्योग मंत्री बने थे।
विज्ञापन
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में भी प्रचारक समेत कई जिम्मेदारियों का किया निर्वहन बहेड़ी। दमखोदा गांव के रहने वाले छत्रपाल सिंह ने शिक्षक से मंत्री पद तक का सफर तय किया है। उनकी गिनती जमीन से जुड़े नेताओं में की जाती है। वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में भी प्रचारक समेत कई जिम्मेदारियों का निर्वहन कर चुके हैं।
छत्रपाल सिंह 1979 में दमखोदा के धनीराम इंटर कालेज में अर्थशास्त्र के प्रवक्ता बने। उनके पिता रामलाल आरएसएस से जुड़े थे। इसी वजह से छत्रपाल सिंह का भी आरएसएस से जुड़ाव बन गया। इसी बीच वर्ष 1985 में वह आरएसएस के प्रचारक और फिर 1993 में विभाग शारीरिक प्रमुख बन गए। इसी बीच वर्ष 2009 में वह धनीराम इंटर कालेज में ही प्रधानाचार्य बन गए।
विज्ञापन
उनके राजनीतिक सफर की शुरुआत वर्ष 2002 में हुई। बहेड़ी विधानसभा से भाजपा के टिकट पर उन्होंने पहली बार चुनाव लड़ा लेकिन सपा-बसपा गठबंधन के अताउर्रहमान से हार गए। दूसरा चुनाव 2007 में भाजपा से ही लड़कर विधायक बन गए। वर्ष 2012 में उन्होंने तीसरी बार चुनाव लड़ा लेकिन 18 वोट से हार गए। वर्ष 2017 में भाजपा से ही चुनाव लड़कर उन्होंने 43,800 वोटों से बसपा के नसीम अहमद को हराकर दूसरी बार विधायक बने।
विज्ञापन