32 दाल मिलों से हो रही आवासीय दरों से टैक्स वसूली
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नगर निगम की टैक्स टीम ने 32 दाल मिलें ऐसी चिह्नित की हैं जिन पर पिछले करीब एक दशक से आवासीय दरों से टैक्स वसूलकर हर साल दो करोड़ से ज्यादा के राजस्व का चूना लगाया जा रहा था। टैक्स से जुड़े अफसर और कर्मचारी मालिकों से मिलकर प्रत्येक दाल मिल से एक हजार से तीन या चार हजार ही कर वसूल रहे थे। यही टैक्स कामर्शियल दरों से वसूलने पर प्रत्येक दाल मिल से 50 हजार से एक लाख तक का राजस्व मिलता। उपनगर आयुक्त ईश शक्ति कुमार सिंह ने बताया कि ऐसी दाल मिलों को कामर्शियल दरों से टैक्स लगाकर नोटिस भेजे जा रहे हैं। सभी बकायेदारों को 31 मार्च से पहले अपना टैक्स अदा करने को कहा गया है। लंबे समय से टैक्स बकाया न अदा करने वालों की चल और अचल संपत्ति सील करने का सिलसिला शुरू हो गया है। जो लगातार चलता रहेगा।
इन दाल मिलों को भेजा नोटिस
हजियापुर में -गोयल दाल मिल, सौरव इंडस्ट्रीज, आरआर दाल मिल, सिद्धि इंडस्ट्रीज, शैलेश पंकज दाल मिल, गणेश इंडस्ट्रीज, रामस्वरूप ताराचंद, माधौबाड़ी में-जय जय राम राजेंद्र कुमार, रघुनंदन दाल मिल, महावीर दाल मिल, सुशील दाल एंड आयल मिल, जय अंबे कुटीर उद्योग, जगदंबा उद्योग, दुर्गा इंडस्ट्रीज, ब्रह्मपुरा में-राहुल इंडस्ट्रीज, नई बस्ती में-हरीशंकर एंड संस, चुन्नीलाल एंड संस, मुकुंद उद्योग, बद्रीस ट्रेडर्स, गोपाल उद्योग, रश्मि दाल मिल, सौरभ दाल मिल, माचिस फैक्ट्री एरिया में-हरगोविंद दाल मिल, सतीश चंद्र एंड संस, सरला इंडस्ट्रीज, कृष्ण मुरारी एंड संस, लक्ष्मणदास एंड संस, गुलाटी इंडस्ट्रीज, गुलाटी इंडस्ट्रीज, जानकी इंउस्ट्रीज, किशनलाल हरनाम दास, आलमगिरीगंज में भाजपा पार्षद ब्रजकिशोर गिरीश कुमार दाल मिल।