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Bareilly News: रखें ख्याल... गंदे हाथ से होते हैं 80 फीसदी संक्रामक रोग

Tue, 15 Oct 2024 04:19 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 15 Oct 2024 04:19 AM IST
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Take care... 80 percent of infectious diseases are caused by dirty hands.
बरेली। अगर कोई बार-बार संक्रामक रोगों की चपेट में आ रहा है तो संभव है कि हाथ कम या सही तरीके से न धोते हों। क्योंकि जो हाथ को सही तरीके से दिन में कई बार साफ करते हैं वे संक्रमण की चपेट में कम आते हैं। इसलिए बच्चे हों या बड़े सभी हाथ अच्छे से धोएं।
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ये एडवाइजरी भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान इज्जतनगर के पशु-जनस्वास्थ्य विभाग ने जारी की है। इसके अनुसार मनुष्यों को होने वाले 80 फीसदी संक्रामक रोग की वजह सिर्फ सही तरीके से हाथ न धोना ही है। शोध के बाद वैज्ञानिकों की ओर से जारी एडवाइजरी के मुताबिक गंदे हाथ, गंदे नाखून कीटाणुओं का घर होते हैं।
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पेट दर्द, दस्त, आंखों का लाल होना, खुजली, त्वचा संबंधी रोग की वजह भी गंदे हाथ हैं। विशेषज्ञ के अनुसार सही से हाथ धोएं तो वर्ष में दस्त से होने वाली मौतों में 50 फीसदी कमी आ सकती है। 16 फीसदी सांस रोगी बच सकते हैं। वैज्ञानिकों के मुताबिक शौचालय उपयोग के बाद एक गंदे हाथ पर प्रति इंच 20 करोड़, शौचालय की सीट पर 220 करोड़ रोगाणु होते हैं।
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20 सेकंड तक हाथ जरूर धोएं, कब बेहद जरूरी
खाना बनाने और खाने से पहले, घाव के इलाज, बीमार की देखभाल के दौरान, दरवाजे के हैंडल, गैस पंप या शॉपिंग कार्ट छूने पर, सार्वजनिक स्थान पर प्रवेश करना और वहां से निकलने पर हाथ धोना जरूरी है। कांटैक्ट लेंस लगाने या निकालने पर, शौचालय का उपयोग करने, डायपर बदलने, किसी पशु, पशु आहार या पशु अपशिष्ट को छूने, नाक साफ करने, खांसने या छींकने, कचरा प्रबंध को छूने के बाद हाथ जरूर धोएं।


खुशबूदार नहीं एंटीसेप्टिक होना चाहिए साबुन
फिजिशियन डॉ. राहुल वाजपेयी के मुताबिक हाथ धोने वाला साबुन एंटीसेप्टिक होना चाहिए। साबुन से हाथ में झाग बनाएं और करीब 20 सेकंड के दौरान हथेली, ऊंगली, नाखून के पोर, कलाई को रगड़ें। साफ तौलिए से हाथ को पोछें। अल्कोहल-आधारित हैंड सैनिटाइजर का प्रयोग सबसे बेहतर होता है। बच्चों को हाथ दिन में कई बार धुलवाएं क्योंकि वे जल्द संक्रमण की चपेट में आते हैं।
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