{"_id":"571fc61a4f1c1bfb4ca91d09","slug":"survey-of-smart-city-will-start-from-today","type":"story","status":"publish","title_hn":"आज से शुरू होगा स्मार्ट सिटी का सर्वे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आज से शुरू होगा स्मार्ट सिटी का सर्वे
ब्यूरो/ अमर उजाला बरेली
Updated Wed, 27 Apr 2016 01:19 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
स्मार्ट सिटी के द्वितीय चरण में बरेली का दमदार प्रोजेक्ट बनाने के लिए चयनित कंसल्टेंट एजेंसी दराशा कंपनी प्राइवेट लिमिटेड के प्लानिंग हेड मुजीबुर्रहमान मंगलवार को बरेली पहुंच गए। मेयर और नगर आयुक्त से मिलकर उन्होंने प्रोजेक्ट के एग्रीमेंट की प्रक्रिया पूरी की। इसके तुरंत बाद वह नगर निगम के प्रतिनिधियों के साथ बीडीए की रामगंगा नगर आवासीय योजना की जमीन मौके पर देखने गए। एजेंसी के प्लानिंग हेड ने रेट्रोफिटिंग के विकल्प के मद्देनजर शहर के राजेंद्र नगर, रामपुर गार्डन, सिविल लाइन, पीलीभीत बाईपास आदि इलाके भी देखे। एजेंसी के चार एक्सपर्ट आज पहुंचेंगे। 27 अप्रैल से स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट पर सर्वे का काम विधिवत प्रारंभ हो जाएगा।
राज्य सरकार से चयनित कंसल्टेंट दराशा कंपनी के प्लानिंग हेड मुजीबुर्रहमान ने बरेली पहुंचकर मेयर डा. आईएस तोमर और नगर आयुक्त शीलधर सिंह यादव से मुलाकात की। नगर निगम को एजेंसी की प्रोफाइल की जानकारी देने के बाद स्मार्ट सिटी का प्रोजेक्ट बनाने के लिए एग्रीमेंट पूरा किया। प्लानिंग हेड के मुताबिक उनकी एजेंसी ने प्रथम चरण में गुजरात के सूरत, कर्नाटक के बेलगावी और हुबली धारवाड़ और तमिलनाडु के डिंडीगल शहरों को स्मार्ट बनाने के प्रोजेक्ट पर काम किया था। इनमें दो शहर सूरत और बेलगावी चयनित हो चुके हैं। द्वितीय चरण में एजेंसी को कानपुर और बरेली शहरों के प्रोजेक्ट बनाने का काम मिला है। एजेंसी के चार एक्सपर्ट (प्लानर, फाइनेंशियल इंजीनियरिंग और ई गर्वनेंस) बुधवार को बरेली पहुंचेंगे। चारों एक्सपर्ट के सहयोगी भी 27 अप्रैल से शहर का सर्वे शुरू करेंगे।
ये है एजेंसी का प्रोफाइल
कंसल्टेंट एजेंसी दराशा कंपनी एंड प्राइवेट लिमिटेड का हेड ऑफिस मुंबई में है। इसके बाद प्रमुख क्षेत्रीय जोनल दफ्तर हैदराबाद में है। एजेंसी के कोलकाता, लखनऊ, चंडीगढ़, बंगलौर, सूरत, भोपाल, जयपुर आदि शहरों में 13 जोनल दफ्तर है। 300 इंप्लाई वाली कंसल्टेंट एजेंसी का स्मार्ट शहरों के प्रोजेक्ट बनाने पर काम करती है। हर साल 50 करोड़ से ज्यादा का टर्न ओवर है। कंपनी के दो शहरों सूरत और बेलगावी के प्रोजेक्ट स्मार्ट शहर विकसित करने के लिए चयनित हो चुके हैं।
विज्ञापन
कंसल्टेंट एजेंसी इन बिंदुओं पर करेगी काम
1- नगर नगम की आमदनी के स्रोत
2- प्रति वर्ष जनसंख्या पर खर्च होने वाला बजट
3- सड़क, ट्रांसपोर्ट, न्यूसिटी डेवलपमेंट प्लान, सीवर, पार्क, कूड़ा प्रबंधन
4- सफाई की मानीटरिंग, पर्यावरण, ट्रैफिक मैनेजमेंट, वाटर सप्लाई, बिजली
5- शहर में रहने वाले लोगों की आर्थिक स्थित और शैक्षिक योग्यता
6- बेरोजगारों की संख्या, उनको रोजगार देने के साधन
7- उद्योग धंधों के प्रकार और उनकी संख्या
8- पीपीपी मोड पर नए उद्योग धंधे लगने की संभावना
विज्ञापन
राज्य सरकार से चयनित कंसल्टेंट दराशा कंपनी के प्लानिंग हेड मुजीबुर्रहमान ने बरेली पहुंचकर मेयर डा. आईएस तोमर और नगर आयुक्त शीलधर सिंह यादव से मुलाकात की। नगर निगम को एजेंसी की प्रोफाइल की जानकारी देने के बाद स्मार्ट सिटी का प्रोजेक्ट बनाने के लिए एग्रीमेंट पूरा किया। प्लानिंग हेड के मुताबिक उनकी एजेंसी ने प्रथम चरण में गुजरात के सूरत, कर्नाटक के बेलगावी और हुबली धारवाड़ और तमिलनाडु के डिंडीगल शहरों को स्मार्ट बनाने के प्रोजेक्ट पर काम किया था। इनमें दो शहर सूरत और बेलगावी चयनित हो चुके हैं। द्वितीय चरण में एजेंसी को कानपुर और बरेली शहरों के प्रोजेक्ट बनाने का काम मिला है। एजेंसी के चार एक्सपर्ट (प्लानर, फाइनेंशियल इंजीनियरिंग और ई गर्वनेंस) बुधवार को बरेली पहुंचेंगे। चारों एक्सपर्ट के सहयोगी भी 27 अप्रैल से शहर का सर्वे शुरू करेंगे।
विज्ञापन
ये है एजेंसी का प्रोफाइल
कंसल्टेंट एजेंसी दराशा कंपनी एंड प्राइवेट लिमिटेड का हेड ऑफिस मुंबई में है। इसके बाद प्रमुख क्षेत्रीय जोनल दफ्तर हैदराबाद में है। एजेंसी के कोलकाता, लखनऊ, चंडीगढ़, बंगलौर, सूरत, भोपाल, जयपुर आदि शहरों में 13 जोनल दफ्तर है। 300 इंप्लाई वाली कंसल्टेंट एजेंसी का स्मार्ट शहरों के प्रोजेक्ट बनाने पर काम करती है। हर साल 50 करोड़ से ज्यादा का टर्न ओवर है। कंपनी के दो शहरों सूरत और बेलगावी के प्रोजेक्ट स्मार्ट शहर विकसित करने के लिए चयनित हो चुके हैं।
विज्ञापन
कंसल्टेंट एजेंसी इन बिंदुओं पर करेगी काम
1- नगर नगम की आमदनी के स्रोत
2- प्रति वर्ष जनसंख्या पर खर्च होने वाला बजट
3- सड़क, ट्रांसपोर्ट, न्यूसिटी डेवलपमेंट प्लान, सीवर, पार्क, कूड़ा प्रबंधन
4- सफाई की मानीटरिंग, पर्यावरण, ट्रैफिक मैनेजमेंट, वाटर सप्लाई, बिजली
5- शहर में रहने वाले लोगों की आर्थिक स्थित और शैक्षिक योग्यता
6- बेरोजगारों की संख्या, उनको रोजगार देने के साधन
7- उद्योग धंधों के प्रकार और उनकी संख्या
8- पीपीपी मोड पर नए उद्योग धंधे लगने की संभावना