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Bareilly News: धौरा नदी का जल्द होगा सर्वे
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विभाग को इस माह धनराशि मिलने की उम्मीद
बरेली। धौरा नदी के जीर्णोद्धार के लिए बाढ़ खंड विभाग ने खाका तैयार किया है। बाढ़ खंड विभाग ने शासन से नदी का सर्वे कराने के लिए 17 लाख रुपये का एस्टीमेट शासन को भेजा है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार जल्द ही शासन से धनराशि मिलने की उम्मीद है। उसके बाद सर्वे शुरू किया जाएगा। इसमें विभाग को पता चलेगा कि नदी का जीर्णोद्धार के लिए क्या-क्या करना होगा।
जिले में बहने वाली नदियों में शामिल धौरा नदी, जो यहां पर 40 किलोमीटर की दूरी तय करती है। पहले कलकल करके बहने वाली इस नदी के किनारे खेती करने वाले किसानों को पानी के लिए इधर-उधर नहीं भटकना पड़ता था, लेकिन धीरे-धीरे इस नदी का अस्तित्व ही खत्म होने लगा। अब हालत यह है कि अब कई जगहों पर बड़ी-बड़ी घास उग आयी है। कहीं पर नदी की जमीन ऊंची हैं, तो कहीं पर नीची है। इसकी वजह से धौरा डैम से पानी छोड़े जाने के बाद भी किसानों तक सही से पानी नहीं पहुंच पाता है। ऐसे में इसके जीर्णोद्धार के लिए किसानों ने ब्लॉक से लेकर जिला प्रशासन के अधिकारियों से मुलाकात की। उसके बाद में विभाग ने नदी के सर्वे के लिए एस्टीमेट बनाकर भेजा था। विभागीय अधिकारियों के अनुसार जल्द ही धनराशि स्वीकृत होने की उम्मीद है। संवाद
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नदी के सर्वे के लिए 17 लाख रुपये का एस्टीमेट बनाकर शासन को भेज दिया था। अब जल्द ही धनराशि मिलने की उम्मीद है। इसके बाद में सर्वे का काम कराया जाएगा।
-अमित किशोर, एई बाढ़ खंड
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बरेली। धौरा नदी के जीर्णोद्धार के लिए बाढ़ खंड विभाग ने खाका तैयार किया है। बाढ़ खंड विभाग ने शासन से नदी का सर्वे कराने के लिए 17 लाख रुपये का एस्टीमेट शासन को भेजा है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार जल्द ही शासन से धनराशि मिलने की उम्मीद है। उसके बाद सर्वे शुरू किया जाएगा। इसमें विभाग को पता चलेगा कि नदी का जीर्णोद्धार के लिए क्या-क्या करना होगा।
जिले में बहने वाली नदियों में शामिल धौरा नदी, जो यहां पर 40 किलोमीटर की दूरी तय करती है। पहले कलकल करके बहने वाली इस नदी के किनारे खेती करने वाले किसानों को पानी के लिए इधर-उधर नहीं भटकना पड़ता था, लेकिन धीरे-धीरे इस नदी का अस्तित्व ही खत्म होने लगा। अब हालत यह है कि अब कई जगहों पर बड़ी-बड़ी घास उग आयी है। कहीं पर नदी की जमीन ऊंची हैं, तो कहीं पर नीची है। इसकी वजह से धौरा डैम से पानी छोड़े जाने के बाद भी किसानों तक सही से पानी नहीं पहुंच पाता है। ऐसे में इसके जीर्णोद्धार के लिए किसानों ने ब्लॉक से लेकर जिला प्रशासन के अधिकारियों से मुलाकात की। उसके बाद में विभाग ने नदी के सर्वे के लिए एस्टीमेट बनाकर भेजा था। विभागीय अधिकारियों के अनुसार जल्द ही धनराशि स्वीकृत होने की उम्मीद है। संवाद
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नदी के सर्वे के लिए 17 लाख रुपये का एस्टीमेट बनाकर शासन को भेज दिया था। अब जल्द ही धनराशि मिलने की उम्मीद है। इसके बाद में सर्वे का काम कराया जाएगा।
-अमित किशोर, एई बाढ़ खंड