Bareilly News: बीडीए की नई टाउनशिप के लिए सर्वेक्षण पूरा, बोर्ड की बैठक में लगेगी मुहर
पीलीभीत रोड के किनारे प्रस्तावित नई टाउनशिप के लिए सर्वेक्षण पूरा हो गया है। सर्वेक्षण में धार्मिक स्थल और सार्वजनिक उपयोग की जमीन के गाटा भी दर्ज किए गए हैं।
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बरेली में पीलीभीत रोड करीब स्थित नौ गांवों के रकबे की जमीन पर बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) की नई आवासीय योजना प्रस्तावित है। जमीन का गाटावार सर्वेक्षण पूरा हो चुका है। राजस्व और बीडीए के कर्मचारियों ने सर्वे किया था। कहां आबादी है और कहां जमीन खाली है। इसके गाटा चिह्नित किए गए हैं। आबादी क्षेत्र को छोड़कर शेष जमीन अधिग्रहीत करने की तैयारी है। बोर्ड की अगली बैठक में इस पर मुहर लगेगी।
अड़पुराजागीर, आसपुर खूबचंद, कुंहरा, कलापुर, हरहरपुर, बरकापुर, रूपापुर, मोहरनियां और नवदिया कुर्मियान में नई टाउनशिप के लिए सर्वेक्षण पूरा हो गया है। सर्वेक्षण में धार्मिक स्थल और सार्वजनिक उपयोग की जमीन के गाटा भी दर्ज किए गए हैं। धार्मिक स्थलों को समेटते हुए परियोजना में पार्क आदि विकसित करने की तैयारी है। अब अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होगी लेकिन उसके लिए बोर्ड की बैठक से अनुमोदन लिया जाना है।
चिह्नित की गई जमीन के बदले चार गुना मुआवजा देकर कब्जा लिया जाना है लेकिन अधिग्रहण की दर डीएम तय करेंगे। इससे पहले मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल की अध्यक्षता में बीडीए बोर्ड की बैठक होगी। बोर्ड की बैठक अभी तय नहीं है लेकिन मार्च में हो सकती है। बीडीए सचिव योगेंद्र कुमार ने बताया कि रामपुर रोड की प्रस्तावित योजना को लेकर किसान भी उत्साहित हैं। इसलिए बीडीए इसमें आगे बढ़ेगा।
अगर सर्किल रेट से चार गुना पर अधिग्रहण होता है तो अधिकतम 9.60 करोड़ और कम से कम तीन करोड़ रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से मुआवजा मिल सकता है। नवदिया कुर्मियान में बड़ा बाईपास के निकट की जमीन का सर्किल रेट 2.40 करोड़ रुपये प्रति हेक्टेयर है। यहां पर अधिकतम 9.60 करोड़ और कलापुर में सामान्य भूमि का सर्किल रेट सबसे कम 75 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर है। भू-स्वामियों को यहां पर तीन करोड़ रुपये प्रति हेक्टेयर का मुआवजा मिल सकता है।
बरेली सितारगंज हाईवे के चौड़ीकरण की रफ्तार तेज कराएं
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के सदस्य एडमिन विशाल चौहान ने एनएचएआई और प्रशासन के अधिकारियों के साथ सोमवार को बरेली-सितारगंज हाईवे के चौड़ीकरण और प्रस्तावित रिंग रोड के लिए भूमि अधिग्रहण मामलों की समीक्षा की।
उन्होंने रिंग रोड के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को तेज करने और बरेली-सितारगंज हाईवे के चौड़ीकरण को रफ्तार देने के निर्देश दिए। बरेली-सितारगंज हाईवे पर अभी तक 15 प्रतिशत काम हुआ है। इस पर 1200 करोड़ रुपये का खर्च होना है।
अब तक 100 करोड़ रुपये ही व्यय हुए हैं। उन्होंने इसे पर्याप्त नहीं माना। परियोजना निदेशक से कहा गया कि वह कार्यदायी संस्था से बात करके कार्य की रफ्तार को बढ़ाएं ताकि तय समय पर परियोजना पूरी हो जाए।
उन्होंने कहा कि रिंग रोड के लिए मुआवजा वितरण में अगर कोई अड़चन है तो प्रशासन और भूमि अध्याप्ति अधिकारी से बात करके आगे बढ़ाएं, जिससे फर्म का चयन करके रिंग रोड का निर्माण शुरू कराया जा सके। समीक्षा के दौरान पाया गया कि रिंग रोड के लिए अब तक 377 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। उसमें 15 करोड़ का भी वितरण नहीं हो सका।