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Bareilly News: सर्विलांस अधिकारी पहुंचे मलूकपुर, पानी की कराई जाएगी ओटी और एच2एस जांच
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बरेली। मलूकपुर जुग्गन वाली गली मेें डायरिया के 25 मरीज मिलने पर अब मंडलीय सर्विलांस टीम भी सक्रिय हो गई है। सोमवार को टीम ने क्षेत्र का निरीक्षण कर डायरिया के संभावित कारण पर निवासियों से बातचीत की। जलकल विभाग के जीएम को पानी की जांच के लिए पत्र भेजा है।
सोमवार दोपहर करीब एक बजे मंडलीय सर्विलांस अधिकारी डॉ. अखिलेश्वर सिंह और आईडीएसपी इंचार्ज डॉ. मीसम अब्बास के साथ स्वास्थ्य अधिकारी सर्वे के लिए पहुंचे। टीम ने जुग्गन वाली गली समेत आसपास की सघन गलियों का निरीक्षण किया। पता चला कि जुग्गन की गली के साथ ही, अन्य क्षेत्रों में भी डायरिया की चपेट में बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं हैं।
रोगियों की संख्या कम होने के बजाय बढ़ती जा रही है। लोगों ने अशुद्ध पेयजल की वजह से डायरिया के चपेट में आने की आशंका जताई। बताया कि सघन क्षेत्र में जलकल की ओर से उपलब्ध कराया जा रहा पानी पी रहे हैं।
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सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह के मुताबिक सर्वे में दूषित पानी से डायरिया का प्रकोप प्रतीत होने पर जलकल विभाग के महाप्रबंधक को पत्र भेजकर पानी की आर्थोटोलिडाइन (ओटी) और एच2एस (हाइड्रोजन सल्फाइड) जांच कराने के लिए कहा है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
अब तक दो दर्जन से ज्यादा लोगों में डायरिया की पुष्टि
बीते सप्ताह मलूकपुर की जुग्गन वाली गली के 14 लोगों में डायरिया की पुष्टि हुई थी। हालत गंभीर होने की सूचना पर मामले को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया। विभागीय मुस्तैदी की पोल खुली तो जिम्मेदार जागे और शिविर लगाकर जांच की और दस मरीजों में डायरिया की पुष्टि हुई। जिन्हें दवाएं दीं। विभागीय टीम द्वारा प्रकोप की पुष्टि पर सर्विलांस अधिकारियों ने सर्वे कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी है। ब्यूरो
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सोमवार दोपहर करीब एक बजे मंडलीय सर्विलांस अधिकारी डॉ. अखिलेश्वर सिंह और आईडीएसपी इंचार्ज डॉ. मीसम अब्बास के साथ स्वास्थ्य अधिकारी सर्वे के लिए पहुंचे। टीम ने जुग्गन वाली गली समेत आसपास की सघन गलियों का निरीक्षण किया। पता चला कि जुग्गन की गली के साथ ही, अन्य क्षेत्रों में भी डायरिया की चपेट में बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं हैं।
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रोगियों की संख्या कम होने के बजाय बढ़ती जा रही है। लोगों ने अशुद्ध पेयजल की वजह से डायरिया के चपेट में आने की आशंका जताई। बताया कि सघन क्षेत्र में जलकल की ओर से उपलब्ध कराया जा रहा पानी पी रहे हैं।
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सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह के मुताबिक सर्वे में दूषित पानी से डायरिया का प्रकोप प्रतीत होने पर जलकल विभाग के महाप्रबंधक को पत्र भेजकर पानी की आर्थोटोलिडाइन (ओटी) और एच2एस (हाइड्रोजन सल्फाइड) जांच कराने के लिए कहा है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
अब तक दो दर्जन से ज्यादा लोगों में डायरिया की पुष्टि
बीते सप्ताह मलूकपुर की जुग्गन वाली गली के 14 लोगों में डायरिया की पुष्टि हुई थी। हालत गंभीर होने की सूचना पर मामले को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया। विभागीय मुस्तैदी की पोल खुली तो जिम्मेदार जागे और शिविर लगाकर जांच की और दस मरीजों में डायरिया की पुष्टि हुई। जिन्हें दवाएं दीं। विभागीय टीम द्वारा प्रकोप की पुष्टि पर सर्विलांस अधिकारियों ने सर्वे कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी है। ब्यूरो