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सूफियाना रिवायत के साथ पूरी हुई गुस्ल की रस्म
बरेली।
Updated Mon, 13 Nov 2017 01:24 AM IST
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उर्स-ए-रजवी की पूर्व संध्या पर खानकाही और सूफियाना रस्मोरिवाज के साथ गुस्ल शरीफ की रस्म अदा की गई, जिसके बाद रिवायत के मुताबिक संदल पेश किया गया। इस रस्म में शिरकत करने के लिए भारी संख्या में जायरीन की मौजूदगी रही।
आला हजरत इमाम अहमद रजा खां फाजिले बरेलवी का तीन रोज उर्स सोमवार से शुरू होगा। रविवार की रात गुस्ल की रस्म फातेहा ख्वानी से शुरू हुई जिसमें मजार शरीफ से पुरानी चादरों और गिलाफ को हटाकर गुलाब जल के छिड़काव से मजार शरीफ को गुस्ल दिया गया। इसके बाद मजार शरीफ पर संदल मला गया और फिर नए गिलाफ और चादरें पेश की गईं।
दरगाह आला हजरत की खासियत के मुताबिक गुस्ल की रस्म किसी सैय्यदजादे के हाथों अदा कराई जाती है। रिवायत के मुताबिक यह रस्म इस बार ख्वाजा गरीब नवाज के गद्दीनशीन सैय्यद अब्दुल कादिर व सैय्यद आसिफ मियां और दीगर सादाते इकराम के हाथों पूरी हुई। यह रस्म दरगाह प्रमुख अश्शाह मौलाना सुब्हान रजा खां सुब्हानी मियां की सरपरस्ती और सज्जादानशीन मौलाना अहसन रजा खां कादरी की मौजूदगी में अदा की गई।
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इस मौके पर मुफ्ती मोहम्मद सलीम नूरी, मुफ्ती आकिल, मुफ्ती अफरोज आलम, मुफ्ती अनवर अली, मुफ्ती सय्यद कफील अहमद, सैय्यद शाकिर अली, सैय्यद शाकिर अली, मुफ्ती जमील खां, मुफ्ती मोइन खां, मौलाना अख्तर, मौलाना एजाज अंजुम आदि मौजूद रहे। इसमें अजमल नूरी, जुबैर रजा खां, शाहिद नूरी, औरंगजेब खां, तारिख सईद, परवेज खां, ताहिर अल्वी, हाजी जावेद खान आदि ने व्यवस्था संभाली।
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आला हजरत इमाम अहमद रजा खां फाजिले बरेलवी का तीन रोज उर्स सोमवार से शुरू होगा। रविवार की रात गुस्ल की रस्म फातेहा ख्वानी से शुरू हुई जिसमें मजार शरीफ से पुरानी चादरों और गिलाफ को हटाकर गुलाब जल के छिड़काव से मजार शरीफ को गुस्ल दिया गया। इसके बाद मजार शरीफ पर संदल मला गया और फिर नए गिलाफ और चादरें पेश की गईं।
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दरगाह आला हजरत की खासियत के मुताबिक गुस्ल की रस्म किसी सैय्यदजादे के हाथों अदा कराई जाती है। रिवायत के मुताबिक यह रस्म इस बार ख्वाजा गरीब नवाज के गद्दीनशीन सैय्यद अब्दुल कादिर व सैय्यद आसिफ मियां और दीगर सादाते इकराम के हाथों पूरी हुई। यह रस्म दरगाह प्रमुख अश्शाह मौलाना सुब्हान रजा खां सुब्हानी मियां की सरपरस्ती और सज्जादानशीन मौलाना अहसन रजा खां कादरी की मौजूदगी में अदा की गई।
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इस मौके पर मुफ्ती मोहम्मद सलीम नूरी, मुफ्ती आकिल, मुफ्ती अफरोज आलम, मुफ्ती अनवर अली, मुफ्ती सय्यद कफील अहमद, सैय्यद शाकिर अली, सैय्यद शाकिर अली, मुफ्ती जमील खां, मुफ्ती मोइन खां, मौलाना अख्तर, मौलाना एजाज अंजुम आदि मौजूद रहे। इसमें अजमल नूरी, जुबैर रजा खां, शाहिद नूरी, औरंगजेब खां, तारिख सईद, परवेज खां, ताहिर अल्वी, हाजी जावेद खान आदि ने व्यवस्था संभाली।