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Bareilly News: प्रवेशपत्र पर बदला विषय, भटकते रहे विधि के परीक्षार्थी
Fri, 31 May 2024 04:09 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Fri, 31 May 2024 04:09 AM IST
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बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय की ओर से विधि छात्रों का विषय अंतिम समय में बदल दिया गया। इससे बृहस्पतिवार को परीक्षार्थियों को आधे घंटे तक केंद्र पर भटकना पड़ा। बरेली कॉलेज में पहुंचे परीक्षार्थी भटकते रहे। आनन-फानन में उनके पुराने विषय की परीक्षा कराई गई।
परीक्षार्थियों ने कहा कि वे अपराह्न तीन बजे बरेली कॉलेज में एलएलबी छठवें सेमेस्टर का लैंड लॉ (यूपी रेवेन्यू) विषय का पेपर देने पहुंचे थे। वहां काफी देर ढूंढने के बाद भी विषय से संबंधित परीक्षा कक्ष नहीं मिला। शिक्षकों ने बताया कि उनके प्रवेशपत्र में लैंड लॉ के स्थान पर ट्रेडमार्क्स और डिजाइन का पेपर कर दिया है। ऐसे में वे काफी देर तक कॉलेज परिसर में भटकते रहे। वहां तैनात शिक्षकों से बात की तो उन्होंने लैंड लॉ के प्रश्नपत्र निकलवाए। 20 परीक्षार्थियों की परीक्षा अलग कमरे में कराई गई।
प्रश्नपत्र कम पड़े तो उनका फोटोस्टेट कराया गया। इसमें परीक्षार्थियों का आधे घंटे का समय व्यर्थ हो गया। परीक्षार्थियों ने कहा कि विश्वविद्यालय की लापरवाही के कारण उन्हें परेशानी झेलनी पड़ी। इसकी सूचना कॉलेज स्तर से देनी चाहिए थी। उन्हें डर है कि नए विषय में अनुपस्थित न कर दिया जाए। विवि के मीडिया प्रभारी डॉ.अमित सिंह का कहना है कि विधि कॉलेजों को विषय से संबंधित जानकारी कई बार भेजी गई। इसकी सूचना परीक्षार्थियों को देना कॉलेज की जिम्मेदारी है।
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परीक्षार्थियों ने कहा कि वे अपराह्न तीन बजे बरेली कॉलेज में एलएलबी छठवें सेमेस्टर का लैंड लॉ (यूपी रेवेन्यू) विषय का पेपर देने पहुंचे थे। वहां काफी देर ढूंढने के बाद भी विषय से संबंधित परीक्षा कक्ष नहीं मिला। शिक्षकों ने बताया कि उनके प्रवेशपत्र में लैंड लॉ के स्थान पर ट्रेडमार्क्स और डिजाइन का पेपर कर दिया है। ऐसे में वे काफी देर तक कॉलेज परिसर में भटकते रहे। वहां तैनात शिक्षकों से बात की तो उन्होंने लैंड लॉ के प्रश्नपत्र निकलवाए। 20 परीक्षार्थियों की परीक्षा अलग कमरे में कराई गई।
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प्रश्नपत्र कम पड़े तो उनका फोटोस्टेट कराया गया। इसमें परीक्षार्थियों का आधे घंटे का समय व्यर्थ हो गया। परीक्षार्थियों ने कहा कि विश्वविद्यालय की लापरवाही के कारण उन्हें परेशानी झेलनी पड़ी। इसकी सूचना कॉलेज स्तर से देनी चाहिए थी। उन्हें डर है कि नए विषय में अनुपस्थित न कर दिया जाए। विवि के मीडिया प्रभारी डॉ.अमित सिंह का कहना है कि विधि कॉलेजों को विषय से संबंधित जानकारी कई बार भेजी गई। इसकी सूचना परीक्षार्थियों को देना कॉलेज की जिम्मेदारी है।
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