फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Students under the shadow of fear... forced to study in a dilapidated building

Bareilly News: खौफ के साए में विद्यार्थी... जर्जर भवन में पढ़ने को मजबूर

Mon, 21 Oct 2024 05:38 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 21 Oct 2024 05:38 AM IST
विज्ञापन
Students under the shadow of fear... forced to study in a dilapidated building
बरेली। बरेली कॉलेज का ऐतिहासिक भवन जिम्मेदारों की बेपरवाही से जर्जर होता जा रहा है। कक्षाओं की छत से प्लास्टर गिर रहा है। खौफ के साये में विद्यार्थी पढ़ने को विवश हैं। रेगुलर पाठ्यक्रम के शिक्षक सेल्फ फाइनेंस कोर्स की तरह भवनों की मरम्मत कराने की मांग कर रहे हैं, लेकिन जिम्मेदारों ने इस मामले में आंखें मूंद रखी हैं। इसके पीछे प्रबंध समिति और प्राचार्य के बीच समन्वय नहीं होना वजह मानी जा रही है।
विज्ञापन

कॉलेज में प्रतिदिन हजारों की संख्या में विद्यार्थी पढ़ने आते हैं। भवन पुराने हैं, रखरखाव के अभाव में कक्षाओं की स्थिति खराब है। फिजिक्स, केमिस्ट्री, बॉटनी, मैथ्स, खेल विभाग आदि के भवन मरम्मत मांग रहे हैं। बारिश का पानी फर्श तक जाता है। प्लास्टर उखड़ कर गिर रहा है, जोकि कभी भी हादसे का कारण बन सकता है। ऐसे अव्यवस्थाओं के बीच विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। कॉलेज में स्ववित्त पोषित पाठ्यक्रम संचालित करने के लिए डॉ. एपी सिंह को निदेशक नियुक्त किया गया है। ऐसे में इन दोनों सेल्फ फाइनेंस कोर्स के भवनों में तेजी से निर्माण व मरम्मत कार्य किया जा रहा है। हाल में ही सेल्फ फाइनेंस की एक कक्षा को स्मार्ट क्लास में तब्दील करने पर रेगुलर कोर्स के शिक्षकों ने भी उनके यहां स्मार्ट क्लास की जरूरत बताई। आरोप है कि इसे नजरअंदाज कर दिया गया।
विज्ञापन


खेल सुविधाएं भी ध्वस्त
कॉलेज में खेल सुविधाएं भी बदहाल हैं। बास्केटबाल कोर्ट का फर्श उखड़ चुका है। ऐसे में बास्केटबाल का ट्रायल भी बैडमिंटन कोर्ट में कराना पड़ रहा है। यहां व्यवस्थाएं सुधारने के लिए कई बार एस्टीमेट बनाया गया, लेकिन काम कभी शुरू नहीं हो सका।
विज्ञापन
विज्ञापन


समन्वय का अभाव
प्रबंध समिति की ओर से कॉलेज में रखरखाव की जिम्मेदारी डॉ. एपी सिंह को दी गई थी, जिसके बाद उन्होंने कॉलेज में मरम्मत के लिए प्रस्ताव बनाया, लेकिन प्राचार्य ने इसे अग्रसारित नहीं किया, क्योंकि वह रखरखाव प्रभारी पद को स्वीकार नहीं कर रहे थे। इस बात से ही प्रबंध समिति और प्राचार्य के बीच मतभेद बने हुए हैं।


कॉलेज में विकास कार्य के लिए प्रबंध समिति के समक्ष प्रस्ताव भेजा गया है। जैम पोर्टल शुरू होने से धरातल पर कार्य शुरू हो सकेगा। - प्रो. ओपी राय, प्राचार्य, बरेली कॉलेज

-
प्रबंध समिति की ओर से लंबे समय से जैम पोर्टल पर पंजीकरण कराने के लिए प्राचार्य से कहा जा रहा है। पूर्व में भी रेगुलर पाठ्यक्रमों के जर्जर भवनों की मरम्मत के लिए प्रस्ताव बनाया गया, लेकिन प्राचार्य ने इसे अग्रसारित नहीं किया। ऐसे में मरम्मत कार्य नहीं हो सका। - डॉ. एपी सिंह, निदेशक, सेल्फ फाइनेंस कोर्स, बरेली कॉलेज
संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed