{"_id":"99678837d297d367f3a2c10eaabe7e1c","slug":"students-said-energy-production-techniques-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"छात्रों को बताई ऊर्जा उत्पादन की तकनीक ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छात्रों को बताई ऊर्जा उत्पादन की तकनीक
बरेली
Updated Fri, 26 Feb 2016 02:07 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय के मेकैनिकल इंजीनियरिंग विभाग की ओर से ‘एडवांसमेंट इन इंजीनियरिंग मैटेरियल्स’ पर नेशनल कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। गुरुवार को कुलपति प्रो. मुशाहिद हुसैन और जामिया मिलिया इस्लामिया के प्रो. एमएम हसन ने भी व्याख्यान दिया।
रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मुशाहिद हुसैन ने नैनो टेेक्नोलॉजी के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डाला। उन्होंने मैटेरियल साइंस के क्षेत्र में हो रहे शोध और रोजगार के बढ़ते अवसरों के बारे में जानकारी दी। जामिया मिलिया इस्लामिया के प्रो. एमएम हसन ने विद्यार्थियों को सुपर क्रिटिकल और अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल पॉवर प्लांट में प्रयोग होने वाले मैटेरियल के बारे में बताया। केमिकल इंजीनियरिंग के विभागाध्यक्ष विशाल सक्सेना ने मशीन में प्रयोग होने वाले कूलिंग तकनीक पर व्याख्यान दिया। केमिकल इंजीनियरिंग विभाग की सादिया अल्माज़ ने तरल प्राकृतिक गैस को एक मेजर फ्यूल सोर्स बताते हुए उसके प्रयोग के बारे में जानकारी दी। इसके बाद डॉ. पंकज मौर्य और सूरज मौर्य ने भी विचार व्यक्त किए। कॉन्फ्रेेंस के कोऑर्डीनेटर मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के मनोज कुमार सिंह ने दो दिनी कॉन्फ्रेंस का संचालन किया। इस मौके पर मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्रों के साथ ही शिक्षक भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मुशाहिद हुसैन ने नैनो टेेक्नोलॉजी के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डाला। उन्होंने मैटेरियल साइंस के क्षेत्र में हो रहे शोध और रोजगार के बढ़ते अवसरों के बारे में जानकारी दी। जामिया मिलिया इस्लामिया के प्रो. एमएम हसन ने विद्यार्थियों को सुपर क्रिटिकल और अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल पॉवर प्लांट में प्रयोग होने वाले मैटेरियल के बारे में बताया। केमिकल इंजीनियरिंग के विभागाध्यक्ष विशाल सक्सेना ने मशीन में प्रयोग होने वाले कूलिंग तकनीक पर व्याख्यान दिया। केमिकल इंजीनियरिंग विभाग की सादिया अल्माज़ ने तरल प्राकृतिक गैस को एक मेजर फ्यूल सोर्स बताते हुए उसके प्रयोग के बारे में जानकारी दी। इसके बाद डॉ. पंकज मौर्य और सूरज मौर्य ने भी विचार व्यक्त किए। कॉन्फ्रेेंस के कोऑर्डीनेटर मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के मनोज कुमार सिंह ने दो दिनी कॉन्फ्रेंस का संचालन किया। इस मौके पर मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्रों के साथ ही शिक्षक भी मौजूद रहे।
विज्ञापन