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Bareilly News: अंतिम सेमेस्टर में विद्यार्थी प्लेसमेंट को लेकर चिंतित
Wed, 22 Apr 2026 02:59 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Wed, 22 Apr 2026 02:59 AM IST
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रुहेलखंड विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग, एमबीए और एमसीए जैसे पाठ्यक्रमों के विद्यार्थी अपने अंतिम सत्र की परीक्षाओं के साथ भविष्य को लेकर चिंतित हैं। सभी विभागों में रोजगार का आंकड़ा छात्र संख्या की तुलना में काफी कम है। हालांकि रुविवि का दावा है कि पहले की तुलना में ये प्लेसमेंट का आंकड़ा बेहतर हुआ। कुछ ही विद्यार्थियों को सर्वोच्च वेतनमान मिल सका है।
रोजगार विशेषज्ञों का मानना है कि प्रवेश प्रक्रिया बदलने के बाद विद्यार्थियों में प्रतिस्पर्धा की भावना कम हुई है। इससे वे नौकरी या परीक्षा जैसी चीजों के लिए गंभीर नहीं होते हैं। 2025 और 2026 में इंजीनियरिंग के विभिन्न विषयों में रोजगार के लिए प्रतिष्ठान आए। हालांकि, रोजगार की स्थिति बेहतर नहीं रही। सीएसआईटी के अंतिम वर्ष के 60 में से मात्र 34 विद्यार्थियों को ही रोजगार मिल सका।
वर्तमान में सर्वाधिक विद्यार्थी सीएसआईटी में ही हैं, छात्र-छात्राओं की उम्मीदें भी पैकेज को लेकर बेहद ऊंची हैं, लेकिन उन्हें वो पैकेज कंपनी से नहीं मिल पा रहा। वहीं, केमिकल इंजीनियरिंग में 19, मैकेनिकल में 32 और इलेक्ट्रॉनिक एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में 32 विद्यार्थियों का चयन हुआ। इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में 31, एमबीए में नौ, एमसीए में पांच और बीफार्मा के एक विद्यार्थी को रोजगार मिला है। इलेक्ट्रॉनिक एंड इंस्ट्रूमेंटेशन में आठ विद्यार्थियों को शिक्षकों के माध्यम से रोजगार मिला।
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वेतनमान की स्थिति
अब तक एमबीए के एक विद्यार्थी को ही आठ लाख रुपये का अधिकतम वेतनमान मिला है। इंजीनियरिंग में अधिकतम वेतनमान साढ़े चार लाख रुपये तक ही सीमित रहा है। ये वेतनमान भी प्रशिक्षण के बाद चयन होने पर ही मिलेंगे। विद्यार्थी अभी प्रशिक्षण के लिए चयनित हुए हैं। यदि प्रतिष्ठान प्रशिक्षण से संतुष्ट होता है तो ही नौकरी देगा।
रोजगार बढ़ाने के प्रयास
रोजगार सेल के प्रमुख डॉ. मनोज कुमार का कहना है कि कई बार प्रतिष्ठान अपनी अपेक्षा के अनुरूप विद्यार्थी नहीं पाते हैं। निकट भविष्य में कुछ प्रतिष्ठान रोजगार सेल में ही विद्यार्थियों के लिए प्रशिक्षण चलाने पर विचार कर रहे हैं। इससे विद्यार्थियों को यहीं पर प्रशिक्षण का अनुभव मिल सकेगा। मई तक दस और प्रतिष्ठानों को लाने की कोशिश है ताकि छात्र-छात्राओं को अधिक अवसर मिल सकें।
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रोजगार विशेषज्ञों का मानना है कि प्रवेश प्रक्रिया बदलने के बाद विद्यार्थियों में प्रतिस्पर्धा की भावना कम हुई है। इससे वे नौकरी या परीक्षा जैसी चीजों के लिए गंभीर नहीं होते हैं। 2025 और 2026 में इंजीनियरिंग के विभिन्न विषयों में रोजगार के लिए प्रतिष्ठान आए। हालांकि, रोजगार की स्थिति बेहतर नहीं रही। सीएसआईटी के अंतिम वर्ष के 60 में से मात्र 34 विद्यार्थियों को ही रोजगार मिल सका।
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वर्तमान में सर्वाधिक विद्यार्थी सीएसआईटी में ही हैं, छात्र-छात्राओं की उम्मीदें भी पैकेज को लेकर बेहद ऊंची हैं, लेकिन उन्हें वो पैकेज कंपनी से नहीं मिल पा रहा। वहीं, केमिकल इंजीनियरिंग में 19, मैकेनिकल में 32 और इलेक्ट्रॉनिक एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में 32 विद्यार्थियों का चयन हुआ। इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में 31, एमबीए में नौ, एमसीए में पांच और बीफार्मा के एक विद्यार्थी को रोजगार मिला है। इलेक्ट्रॉनिक एंड इंस्ट्रूमेंटेशन में आठ विद्यार्थियों को शिक्षकों के माध्यम से रोजगार मिला।
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वेतनमान की स्थिति
अब तक एमबीए के एक विद्यार्थी को ही आठ लाख रुपये का अधिकतम वेतनमान मिला है। इंजीनियरिंग में अधिकतम वेतनमान साढ़े चार लाख रुपये तक ही सीमित रहा है। ये वेतनमान भी प्रशिक्षण के बाद चयन होने पर ही मिलेंगे। विद्यार्थी अभी प्रशिक्षण के लिए चयनित हुए हैं। यदि प्रतिष्ठान प्रशिक्षण से संतुष्ट होता है तो ही नौकरी देगा।
रोजगार बढ़ाने के प्रयास
रोजगार सेल के प्रमुख डॉ. मनोज कुमार का कहना है कि कई बार प्रतिष्ठान अपनी अपेक्षा के अनुरूप विद्यार्थी नहीं पाते हैं। निकट भविष्य में कुछ प्रतिष्ठान रोजगार सेल में ही विद्यार्थियों के लिए प्रशिक्षण चलाने पर विचार कर रहे हैं। इससे विद्यार्थियों को यहीं पर प्रशिक्षण का अनुभव मिल सकेगा। मई तक दस और प्रतिष्ठानों को लाने की कोशिश है ताकि छात्र-छात्राओं को अधिक अवसर मिल सकें।