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Bareilly News: विद्यार्थी कर रहे तकनीकी कक्षा से इतिहास की पढ़ाई
Sat, 09 May 2026 01:35 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Sat, 09 May 2026 01:35 AM IST
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रुहेलखंड विश्वविद्यालय के प्राचीन इतिहास एवं संस्कृति विभाग के विद्यार्थी बृहस्पतिवार को तकनीकी कक्षा में तकनीक का उपयोग कर इतिहास का अध्ययन करते दिखे। छात्र-छात्राएं स्मार्ट बोर्ड पर पॉवर प्रिजेंटेशन से प्राचीन इतिहास में होने वाली परंपराओं पर चर्चा करते रहे।
असिस्टेंट प्रोफेसर पिंकी गुप्ता ने बताया कि इतिहास में तकनीक के इस्तेमाल से विद्यार्थियों की रुचि बढ़ रही है। अंकीय माध्यम से उन्हें दुर्लभ लिपियों और ग्रंथों को समझने में सहायता मिलती है। विभागाध्यक्ष डॉ. प्रिया सक्सेना के अनुसार इतिहास पुराना है, लेकिन इसे जानने की तकनीकें नई-नई हैं। जो विद्यार्थी पहले मात्र सुनता था, अब उसे देखत सकता है शॉर्ट फिल्म के माध्यम से भी इतिहास के विषय में विद्यार्थियों को बताया जा रहा है। इसके अलावा इतिहास विभाग में सेंटर ऑफ ऑनलाइन एंड डिस्टेंस लर्निंग का भी केंद्र है। जहां ऑनलाइन माध्यम से भी विद्यार्थी इतिहास विषय के बारे में पढ़ रहे।
इतिहास को जब डिजिटल रूप में पढ़ते हैं तो उसका अनुभव भी कर पा रहे हैं। पहले चीजें कम समझ आती थी, लेकिन तकनीक की वजह से समझ विकसित हुई। - निधि यादव, एमए चतुर्थ सेमेस्टर
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मेरे लिए इतिहास विषय हमेशा से रुचि भरा रहा है, लेकिन अब तकनीकी रूप से इसे पढ़ने में मजा आने लगा है। वहीं, शिक्षक भी थ्री-डी विजुअल दिखा कर ही चीजें समझाते हैं। - दिव्या, एमए चतुर्थ सेमेस्टर
म्यूजियोलॉजी, आर्कियोलॉजी डिप्लोमा शुरू करने की तैयारी
रुहेलखंड विश्वविद्यालय के प्राचीन इतिहास एवं संस्कृति विभाग में डिप्लोमा इन म्यूजियोलॉजी और डिप्लोमा इन आर्कियोलॉजी शुरू करने की तैयारी की जा रही है। विभागाध्यक्ष डॉ. प्रिया सक्सेना ने बताया कि विभाग में इस समय एमए इतिहास संचालित है, लेकिन अब छात्रों का रुझान रोजगारपरक पाठ्यक्रमों पर है, इसलिए विद्यार्थियों के लिए इतिहास विभाग में भी डिप्लोमा तैयार किए जा रहे हैं। म्यूजियोलॉजी का डिप्लोमा विश्वविद्यालय में पहली बार शुरू होगा। इसके लिए प्रस्ताव बोर्ड ऑफ स्टडीज में प्रस्तुत किया जाएगा। यह डिप्लोमा विद्यार्थियों को म्यूजियम के रख-रखाव की जानकारी देगा, जिससे सीधे नौकरी के अवसर मिलेंगे। आर्कियोलॉजी डिप्लोमा पुरातत्व में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों के लिए लाभकारी होगा और भविष्य में रोजगार के अवसर खोलेगा। इन पाठ्यक्रमों के लिए स्नातक योग्यता अनिवार्य होगी।
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असिस्टेंट प्रोफेसर पिंकी गुप्ता ने बताया कि इतिहास में तकनीक के इस्तेमाल से विद्यार्थियों की रुचि बढ़ रही है। अंकीय माध्यम से उन्हें दुर्लभ लिपियों और ग्रंथों को समझने में सहायता मिलती है। विभागाध्यक्ष डॉ. प्रिया सक्सेना के अनुसार इतिहास पुराना है, लेकिन इसे जानने की तकनीकें नई-नई हैं। जो विद्यार्थी पहले मात्र सुनता था, अब उसे देखत सकता है शॉर्ट फिल्म के माध्यम से भी इतिहास के विषय में विद्यार्थियों को बताया जा रहा है। इसके अलावा इतिहास विभाग में सेंटर ऑफ ऑनलाइन एंड डिस्टेंस लर्निंग का भी केंद्र है। जहां ऑनलाइन माध्यम से भी विद्यार्थी इतिहास विषय के बारे में पढ़ रहे।
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इतिहास को जब डिजिटल रूप में पढ़ते हैं तो उसका अनुभव भी कर पा रहे हैं। पहले चीजें कम समझ आती थी, लेकिन तकनीक की वजह से समझ विकसित हुई। - निधि यादव, एमए चतुर्थ सेमेस्टर
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मेरे लिए इतिहास विषय हमेशा से रुचि भरा रहा है, लेकिन अब तकनीकी रूप से इसे पढ़ने में मजा आने लगा है। वहीं, शिक्षक भी थ्री-डी विजुअल दिखा कर ही चीजें समझाते हैं। - दिव्या, एमए चतुर्थ सेमेस्टर
म्यूजियोलॉजी, आर्कियोलॉजी डिप्लोमा शुरू करने की तैयारी
रुहेलखंड विश्वविद्यालय के प्राचीन इतिहास एवं संस्कृति विभाग में डिप्लोमा इन म्यूजियोलॉजी और डिप्लोमा इन आर्कियोलॉजी शुरू करने की तैयारी की जा रही है। विभागाध्यक्ष डॉ. प्रिया सक्सेना ने बताया कि विभाग में इस समय एमए इतिहास संचालित है, लेकिन अब छात्रों का रुझान रोजगारपरक पाठ्यक्रमों पर है, इसलिए विद्यार्थियों के लिए इतिहास विभाग में भी डिप्लोमा तैयार किए जा रहे हैं। म्यूजियोलॉजी का डिप्लोमा विश्वविद्यालय में पहली बार शुरू होगा। इसके लिए प्रस्ताव बोर्ड ऑफ स्टडीज में प्रस्तुत किया जाएगा। यह डिप्लोमा विद्यार्थियों को म्यूजियम के रख-रखाव की जानकारी देगा, जिससे सीधे नौकरी के अवसर मिलेंगे। आर्कियोलॉजी डिप्लोमा पुरातत्व में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों के लिए लाभकारी होगा और भविष्य में रोजगार के अवसर खोलेगा। इन पाठ्यक्रमों के लिए स्नातक योग्यता अनिवार्य होगी।