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सरकारी दफ्तरों का स्टाफ सहमा... 10 फीसदी भी नहीं आ रहे लोग
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कलक्ट्रेट में साफ-सफाई करते कर्मचारी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
राजस्व अभिलेखागार में न के बराबर नकल लेने वालों की संख्या
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तहसील में सभी नलों के पास सैनिटाइजर की कराई गई व्यवस्था
बरेली। कोरोना वायरस का खौफ लगातार बढ़ता जा रहा है। बढ़ते खतरे को देखते हुए सरकारी दफ्तरों में 10 फीसदी भी लोग नहीं आ रहे हैं। जो पहुंच रहे हैं वो बचाव के लिए बार-बार सैनिटाइजर से हाथ साफ कर रहे हैं। शुक्रवार को कलक्ट्रेट के साथ तहसील परिसर में भी सन्नाटा पसरा हुआ है। हालांकि कलक्ट्रेट में मशीन से सैनिटाइजर का छिड़काव किया गया। राजस्व अभिलेखागार में भी इक्का-दुक्का लोग ही दिखाई दिए। यही हाल तहसील का भी है। वहां भी विभागीय काम लगभग ठप हो गए हैं। अधिवक्ता और वादकारियों की संख्या बहुत ही कम है।
कलक्ट्रेट से विभिन्न अनुभागों में लोगों की काफी कम संख्या रह गई है। डीएम, एडीएम सिटी व प्रशासन सहित दूसरे अधिकारियों के पास फरियादियों की संख्या दस प्रतिशत से भी कम रह गई है। रिकार्ड रूम में भी खतौनियों की नकल लेने वालों की संख्या न के बराबर रह गई है। शुक्रवार को रिकार्ड रूम के स्टाफ ने बताया कि दोपहर दो बजे तक यहां कोई भी अधिवक्ता या भूस्वामी खसरा-खतौनी की नकल लेने नहीं आया था। जबकि आम दिन में 50 से 60 लोगों नकल लेने के लिए आते थे। उधर, ट्रेजरी में पेंशन संबंधी काम लगभग ठप हो गए हैं। कोरोना के खतरे की वजह से रिटायर कर्मचारी बाहर निकलने से बच रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि संक्रमण का खतरा उन्हें भी है। ड्यूटी के दौरान बचाव के लिए कई बार सैनिटाइजर इस्तेमाल करना पड़ रहा है। उधर तहसील में भी वादकारी और फरियादियों की संख्या पांच से दस प्रतिशत ही रह गई है। एसडीएम सदर ईशान प्रताप सिंह ने तहसील के अंदर नलों के पास सैनिटाइजर की व्यवस्था कराई गई है।
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तहसील में सभी नलों के पास सैनिटाइजर की कराई गई व्यवस्था बरेली। कोरोना वायरस का खौफ लगातार बढ़ता जा रहा है। बढ़ते खतरे को देखते हुए सरकारी दफ्तरों में 10 फीसदी भी लोग नहीं आ रहे हैं। जो पहुंच रहे हैं वो बचाव के लिए बार-बार सैनिटाइजर से हाथ साफ कर रहे हैं। शुक्रवार को कलक्ट्रेट के साथ तहसील परिसर में भी सन्नाटा पसरा हुआ है। हालांकि कलक्ट्रेट में मशीन से सैनिटाइजर का छिड़काव किया गया। राजस्व अभिलेखागार में भी इक्का-दुक्का लोग ही दिखाई दिए। यही हाल तहसील का भी है। वहां भी विभागीय काम लगभग ठप हो गए हैं। अधिवक्ता और वादकारियों की संख्या बहुत ही कम है।
कलक्ट्रेट से विभिन्न अनुभागों में लोगों की काफी कम संख्या रह गई है। डीएम, एडीएम सिटी व प्रशासन सहित दूसरे अधिकारियों के पास फरियादियों की संख्या दस प्रतिशत से भी कम रह गई है। रिकार्ड रूम में भी खतौनियों की नकल लेने वालों की संख्या न के बराबर रह गई है। शुक्रवार को रिकार्ड रूम के स्टाफ ने बताया कि दोपहर दो बजे तक यहां कोई भी अधिवक्ता या भूस्वामी खसरा-खतौनी की नकल लेने नहीं आया था। जबकि आम दिन में 50 से 60 लोगों नकल लेने के लिए आते थे। उधर, ट्रेजरी में पेंशन संबंधी काम लगभग ठप हो गए हैं। कोरोना के खतरे की वजह से रिटायर कर्मचारी बाहर निकलने से बच रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि संक्रमण का खतरा उन्हें भी है। ड्यूटी के दौरान बचाव के लिए कई बार सैनिटाइजर इस्तेमाल करना पड़ रहा है। उधर तहसील में भी वादकारी और फरियादियों की संख्या पांच से दस प्रतिशत ही रह गई है। एसडीएम सदर ईशान प्रताप सिंह ने तहसील के अंदर नलों के पास सैनिटाइजर की व्यवस्था कराई गई है।
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