Bareilly: अशरफ के गुर्गे को 25 हजार रुपये लेकर छोड़ने वाले दरोगा और तीन सिपाही निलंबित, एसएसपी ने की कार्रवाई
बरेली में ड्यूटी को लेकर लापरवाह और भ्रष्ट पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई जारी है। शुक्रवार को एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने थाना इज्जतनगर के दरोगा समेत चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया।
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बरेली जेल में बंद अशरफ के गुर्गे फरहद को पकड़कर छोड़ने वाले इज्जतनगर थाने के चार पुलिसकर्मियों को एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने निलंबित कर दिया है। दरोगा सचिन शर्मा, सिपाही अनिल पाल, शुभम कुमार और अंकित कुमार सौदेबाजी करने के लिए काफी चर्चित थे। इनकी कई शिकायतें भी मिल रही थीं।
इन्होंने मार्च में सद्दाम (अशरफ के साले) के साथी फरहद को हिरासत में ले लिया था, जिसका नाम बिथरी थाने में दर्ज मुकदमे में प्रकाश में आया था। इस बीच फरहद ने 25 हजार रुपये में इनसे सौदेबाजी कर ली तो उसे थाने से छोड़ दिया गया था।
इसके कुछ दिन बाद ही बिथरी में दर्ज अशरफ व सद्दाम आदि के मामले की विवेचना कर रही एसआईटी ने फरहद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। फरहद का सद्दाम के साथ बैंक खाते में रुपये का लेनदेन साबित हुआ। पता लगा कि वह इनके साथ प्रॉपर्टी का काम करता था। उससे पूछताछ में इसका पता चला कि उसे पहले पैसे लेकर छोड़ दिया गया था। इसके बाद तत्कालीन एसएसपी अखिलेश चौरसिया ने मामले की जांच एसपी सिटी राहुल भाटी को सौंप दी थी।
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बस-टेंपो वालों से मांगे एक लाख रुपये
निलंबित दरोगा और सिपाही पूरे इज्जतनगर थाना क्षेत्र में लोगों की धरपकड़ करते थे। डेढ़ महीने पहले हल्का नंबर तीन में बस और टेंपो में ओवरटेकिंग को लेकर छोटा सा एक्सीडेंट हो गया था। इसके बाद दरोगा सचिन शर्मा व उनकी टीम ने दोनों वाहनों को थाने में खड़ा कर लिया।
टेंपो चालक अरुण कुमार, टेंपो में रखे सामान के मालिक आरिफ, बस चालक अशफाक और अब्दुल रऊफ को हिरासत में लिया। आरोप है कि उन्हें हवालात में डालकर एक लाख रुपये मांगे थे। बस स्टाफ ने किसी भाजपा नेता से शिकायत कर दी तो अधिकारियों के हस्तक्षेप पर वाहन और संबंधित लोगों को छोड़ा गया था। इस मामले में भी इनकी जांच चल रही थी।
एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि जांच में प्राथमिक तौर पर अवैध वसूली जैसे आरोप साबित होने पर चारों को निलंबित किया गया है। भ्रष्टाचार पर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। जनता के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है।