पुलिस की पाठशाला: एसएसपी ने विद्यार्थियों को पढ़ाया सुरक्षा का पाठ, साइबर अपराध से बचाव के बताए उपाय
बरेली में सोमवार को अमर उजाला फाउंडेशन के बैनर तले गुरुनानक खालसा इंटर कॉलेज में पुलिस की पाठशाला का आयोजन हुआ। इसमें एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान ने विद्यार्थियों को सुरक्षा का पाठ पढ़ाया। साइबर अपराध से बचाव के उपाय बताए।
विस्तार
पहले चोर बंद घरों की तलाश में इलाके में घूमकर रेकी किया करते थे। इसके लिए अब वे सोशल मीडिया का सहारा ले रहे हैं। आजकल लोग कहीं भी घूमने जाते हैं तो पल-पल की अपडेट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करते हैं। अपनी लाइव लोकेशन भी डालते रहते हैं। इससे चोरों को आसानी से पता चल जाता है कि किस घर के लोग ताला लगाकर बाहर गए हैं। वे बेखौफ होकर चोरी की घटनाओं को अंजाम देते हैं। इसलिए सतर्कता के साथ सोशल मीडिया का प्रयोग करें। सोमवार को अमर उजाला फाउंडेशन के बैनर तले गुरुनानक खालसा इंटर कॉलेज में आयोजित पुलिस की पाठशाला में ये बातें एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान ने कहीं।
एसएसपी ने कहा कि सोशल मीडिया पर अपने अकाउंट को निजी रखें। सुरक्षा के लिए टू स्टेप वेरिफिकेशन का प्रयोग कर सकते हैं। आप किसी यात्रा पर हैं तो लाइव लोकेशन और अपडेट साझा नहीं करें। अगर फोटो या वीडियो शेयर करना है तो उसे घर आकर करें। उन्होंने विद्यार्थियों को साइबर ठगी से बचने के भी उपाय बताए। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्य कवलजीत सिंह ने की। संचालन मुकुल मोहन त्रिपाठी ने किया।
कॅरिअर तबाह कर सकती है एक गलती
एसएसपी ने कहा कि सोशल मीडिया पर किसी लड़की को बार-बार मेसेज करके परेशान करना या एआई की मदद से फोटो से छेड़छाड़ करना भी अपराध है। एक गलत कदम आपके कॅरिअर को तबाह कर सकता है। अब सरकारी के साथ निजी संस्थानों में भी नौकरी के लिए पुलिस वेरिफिकेशन होता है। ऐसे में जिन पर आरोप लगा होगा, उसे कोई भी संस्थान रखना पसंद नहीं करेगा।
यातायात नियमों का करें पालन
मुख्य अतिथि ने विद्यार्थियों को 100, 112 और 1090 जैसे हेल्पलाइन नंबरों के बारे में बताया। ट्रैफिक नियमों की जानकारी देते हुए कहा कि वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें। दोपहिया वाहन पर हेलमेट पहने। ट्रिपल राइडिंग न करें और कार चलाते समय सीट बेल्ट का प्रयोग करें।
प्राइवेसी सेटिंग में करें बदलाव
साइबर थाने की एसआई शालू यादव ने बताया कि आजकल व्हाट्सएप ग्रुप पर बिना अनुमति के कोई भी किसी को उसमें जोड़ लेता है। इनमें अनावश्यक लिंक, वीडियो और फोटो आते रहते हैं। कई बार ग्रुप छोड़ने पर एडमिन फिर से जोड़ लेता है। इससे बचने के लिए प्राइवेसी सेटिंग को बदलें, ताकि ग्रुप में जोड़ने से पहले आपकी अनुमति ली जा सके। उन्होंने वित्तीय जालसाजी और निजता के उल्लंघन के बारे में जानकारी दी।
ऑनलाइन गेम्स खेलना हमेशा बुरा नहीं होता
मुख्य अतिथि घुले सुशील चंद्रभान ने कहा कि आजकल ऐसे ऑनलाइन गेम्स खेले जा रहे हैं, जिनमें दुनियाभर से लोग जुड़े होते हैं। बच्चे अनजान लोगों से बातें करते हैं। कई बार फेक प्रोफाइल बनाकर बच्चों को प्रलोभन दिया जाता है। इससे अभिभावकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। गेम्स खेलना हमेशा बुरा नहीं होता है। इसे सावधानी के साथ खेलें। प्रलोभन में न आएं।
अपनाएं ये टिप्स
- किसी अनजान को मेसेज न करें।
- किसी भी तरह के प्रलोभन से दूर रहें।
- मजबूत पासवर्ड बनाएं। समय-समय पर इसे बदलते रहें।
- फोन पर बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें।
- अपरिचित से बैंक डिटेल साझा नहीं करें।