Bareilly News: खुलेआम गोली मारने वाले को दी क्लीनचिट, खुलासा होने पर एसएसपी ने दरोगा को किया निलंबित
बरेली में एसएसपी अनुराग आर्य ने प्रेमनगर थाने के दरोगा विक्रांत आर्य को निलंबित कर दिया। आरोप है कि दरोगा ने सेटिंग कर खुलेआम गोली मारने वाले युवक को क्लीनचिट दे दी, जबकि उसके चालक को आरोपी बना दिया।
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बरेली के सलेक्शन प्वाइंट चौराहे पर खड़े युवक को गोली मारने वाले बदमाश को प्रेमनगर थाने के दरोगा विक्रांत आर्य ने क्लीनचिट दे दी। उसके चालक को आरोपी बनाकर चार्जशीट दाखिल कर दी। मामला उजागर होने पर एसएसपी ने विक्रांत को निलंबित कर मामला खुलवा दिया है। फिलहाल, विक्रांत बहेड़ी की भुडिया चौकी प्रभारी के रूप में तैनात था।
पिछले साल जुलाई में शाहजहांपुर के पुवांया के गांव लुखमानपुर का रहने वाला जसकरन अपने दोस्त हंसप्रीत से मिलने बरेली आया था। दोनों दोस्त सलेक्शन प्वाइंट चौराहे पर खड़े थे। कार से आए हमलावरों ने हंसप्रीत को निशाना बनाकर गोली चलाई जो जसकरन की गर्दन में जा धंसी। वह गंभीर रूप से घायल हो गया था।
पुलिस पर भी उठे थे सवाल
जसकरन के पिता मनमोहन ने फरीदपुर थाना क्षेत्र के भगवानपुर फुलवा निवासी जीवनजोत समेत तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ प्रेमनगर थाने में जानलेवा हमले की रिपोर्ट कराई थी। चौराहे पर खुलेआम गोलीकांड होने से पुलिस पर भी सवाल उठे थे।
मामला दर्ज करने के बाद से पुलिस की कार्रवाई शुरुआत से ही सवालों के घेरे में रही। पुलिस ने जीवनजोत की गिरफ्तारी में दिलचस्पी नहीं दिखाई। आरोपी खुलेआम घूमता रहा। पुलिस ने उससे सेटिंग कर ली।
सूत्रों के मुताबिक जब पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो वादी पक्ष भी शांत बैठ गया। चर्चा चली कि जीवनजोत के परिजनों ने सफेदपोशों की पंचायत बुलाकर वादी पक्ष से समझौता कर लिया है। पुलिस समेत सफेदपोशों को करीब 40 लाख रुपये बांटने का भी शोर मचा।
जीवनजोत के चालक को बना दिया आरोपी
खुद को नेशनल शूटर बताने जीवनजोत के एक रिश्तेदार ने भी दबाव बनाने में भूमिका निभाई, जो पुलिस अधिकारी हैं। सेटिंग के बाद विवेचक विक्रांत आर्य ने जीवनजोत को क्लीनचिट देकर उसके चालक समरुल्ला को आरोपी बना दिया।
तब शिकायतें करके थक गए वादी मनमोहन ने नए एसएसपी से गुहार लगाई। एसएसपी ने सीओ प्रथम पंकज श्रीवास्तव से जांच कराई तो खेल खुल गया। तब एसएसपी ने विक्रांत आर्य को निलंबित कर दिया।
खेल करने वाले बचेंगे नहीं- एसएसपी
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि इस मामले में वादी ने शिकायत की थी कि विवेचना के दौरान खेल कर दिया गया। इसकी प्रारंभिक जांच में दरोगा का दोष मिला तो उसे निलंबित कर दिया। कानून से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।