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जल्द होगी उलमा की श्री श्री रविशंकर के साथ बैठक
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Thu, 08 Mar 2018 02:09 AM IST
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आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर का बरेली दौरा अयोध्या मसले का क्या भविष्य तय करेगा यह तो नहीं पता, मगर उनके मिशन को गति जरूर मिलती नजर आ रही है। यहां के कुछ बुद्धिजीवी और उलमा श्री श्री के साथ आए हैं। यह भी चर्चा है कि अयोध्या मसले पर उलमा की एक बैठक जल्द ही लखनऊ या दिल्ली में श्री श्री के साथ होगी।
श्री श्री रविशंकर मंगलवार को अयोध्या मसले को अदालत के बाहर बातचीत और आपसी सहमति से निपटाने का फार्मूला लेकर बरेली आए थे। इस मुद्दे पर उन्होंने खुले तौर पर इत्तेहादे मिल्लत काउंसिल (आईएमसी) के मुखिया मौलाना तौकीर रजा खां से मुलाकात की। दरगाह आला हजरत पर हाजिरी भी दी। अलबत्ता आला हजरत परिवार का दूसरा कोई भी सदस्य इसमें शामिल नहीं रहा। इसके बावजूद दरगाह से जुड़े कुछ लोग जरूर बचते-बचाते श्री श्री से वीर सावरकर नगर में एक जगह भोजन के दौरान मिलने पहुंचे। कुछ और लोग भी वहां पहुंचे। इन्होंने अयोध्या मसले पर श्री श्री के मिशन को बेहतर बताते हुए उन्हें साथ आने का भरोसा दिलाया।
इस मुद्दे पर जहां एक तरफ मौलाना तौकीर ने एक शरायतनामा (शर्त की तहरीर) तैयार कर दोनों पक्षों की सहमति बनने की बात पर मंगलवार को समर्थन जताया, वहीं अलग से मिलने वालों ने भी श्री श्री की दोनों पक्षों के बीच आम सहमति बनाने की पहल को बेहतर माना और समर्थन देने की बात कही। हालांकि श्री श्री की इस बात पर कि ‘मंदिर वहीं बने और मस्जिद थोड़ी दूर पर शिफ्ट कर दी जाए’, समर्थन करने वालों का मत स्पष्ट नहीं हैं। यानी कहीं न कहीं पेच अभी बाकी है। हालांकि श्री श्री का अपने बयान में यह भरोसे के साथ कहना कि ‘आएंगे, सब साथ आएंगे’.. किसी और मुद्दे पर सहमति का संकेत दे रहा है। इन सारे संदर्भों को लेकर बुधवार को यह बात भी चर्चा में आई कि जल्द ही उलमा की बैठक श्री श्री के साथ होगी। इसमें कुछ और कद्दावर लोग भी शामिल हो सकते हैं। इसमें श्री श्री के फार्मूले पर सहमति बनाने की कोशिश की जाएगी। इसकी तैयारियां भी बुधवार से शुरू हो चुकी हैं। अलबत्ता अभी जगह तय नहीं हुई है, फिर भी यह माना जा रहा है कि बैठक लखनऊ या दिल्ली में हो सकती है।
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श्री श्री रविशंकर मंगलवार को अयोध्या मसले को अदालत के बाहर बातचीत और आपसी सहमति से निपटाने का फार्मूला लेकर बरेली आए थे। इस मुद्दे पर उन्होंने खुले तौर पर इत्तेहादे मिल्लत काउंसिल (आईएमसी) के मुखिया मौलाना तौकीर रजा खां से मुलाकात की। दरगाह आला हजरत पर हाजिरी भी दी। अलबत्ता आला हजरत परिवार का दूसरा कोई भी सदस्य इसमें शामिल नहीं रहा। इसके बावजूद दरगाह से जुड़े कुछ लोग जरूर बचते-बचाते श्री श्री से वीर सावरकर नगर में एक जगह भोजन के दौरान मिलने पहुंचे। कुछ और लोग भी वहां पहुंचे। इन्होंने अयोध्या मसले पर श्री श्री के मिशन को बेहतर बताते हुए उन्हें साथ आने का भरोसा दिलाया।
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इस मुद्दे पर जहां एक तरफ मौलाना तौकीर ने एक शरायतनामा (शर्त की तहरीर) तैयार कर दोनों पक्षों की सहमति बनने की बात पर मंगलवार को समर्थन जताया, वहीं अलग से मिलने वालों ने भी श्री श्री की दोनों पक्षों के बीच आम सहमति बनाने की पहल को बेहतर माना और समर्थन देने की बात कही। हालांकि श्री श्री की इस बात पर कि ‘मंदिर वहीं बने और मस्जिद थोड़ी दूर पर शिफ्ट कर दी जाए’, समर्थन करने वालों का मत स्पष्ट नहीं हैं। यानी कहीं न कहीं पेच अभी बाकी है। हालांकि श्री श्री का अपने बयान में यह भरोसे के साथ कहना कि ‘आएंगे, सब साथ आएंगे’.. किसी और मुद्दे पर सहमति का संकेत दे रहा है। इन सारे संदर्भों को लेकर बुधवार को यह बात भी चर्चा में आई कि जल्द ही उलमा की बैठक श्री श्री के साथ होगी। इसमें कुछ और कद्दावर लोग भी शामिल हो सकते हैं। इसमें श्री श्री के फार्मूले पर सहमति बनाने की कोशिश की जाएगी। इसकी तैयारियां भी बुधवार से शुरू हो चुकी हैं। अलबत्ता अभी जगह तय नहीं हुई है, फिर भी यह माना जा रहा है कि बैठक लखनऊ या दिल्ली में हो सकती है।
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