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डोप टेस्ट की ट्रेनिंग लेंगे स्पोर्ट्स टीचर
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली
Updated Wed, 19 Oct 2016 01:02 AM IST
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- फोटो : बरेली, अमर उजाला
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खेलों से पहले खिलाड़ियों का डोप टेस्ट अनिवार्य कर चुके एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय अब संबद्ध सभी महाविद्यालयों के क्रीड़ा अधिकारियों और स्पोर्ट्स टीचरों को डोपिंग को पहचानने का प्रशिक्षण देगा। उनको डोपिंग के लक्षण से लेकर उसका इस्तेमाल करने वाले खिलाड़ियों के व्यवहार में परिवर्तन की जानकारी दी जाएगी ताकि वह डोपिंग के मामलों को आसानी से पकड़ सकें। डोप टेस्ट करने का तरीका बताने के लिए नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी (नाडा) के विशेषज्ञ यहां आ रहे हैं। प्रशिक्षण के दौरान खिलाड़ियों को भी डोपिंग से बचने और उसके नुकसान के प्रति आगाह किया जाएगा।
रुहेलखंड विश्वविद्यालय दिसंबर में एथलेटिक्स का आयोजन कर रहा है। इसमें भाग लेने वाले खिलाड़ियों का डोप टेस्ट किया जाएगा। उससे पहले प्रशिक्षण कार्यशाला कराने का निर्णय लिया गया है। विश्वविद्यालय क्रीड़ा परिषद के सचिव प्रो. एके जेटली ने बताया कि प्रशिक्षण वर्कशाप के लिए संभावित तिथि 26 नवंबर तय की गई है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय से संबंधित चार सौ कालेजों के क्रीड़ा अधिकारी और स्पोर्ट्स टीचरों को डोप टेस्ट का प्रशिक्षण दिया जाएगा। एथलेटिक्स में क्रीड़ाधिकारी भी खिलाड़ियों का डोप टेस्ट कराएंगे, इसीलिए उनको प्रशिक्षण देना जरूरी है। प्रो. जेटली ने बताया कि डॉ. अक्षत के नेतृत्व में नाडा के विशेषज्ञों की टीम प्रशिक्षण के लिए यहां आएगी। बता दें कि विश्वविद्यालय ने दो महीने पहले क्रीड़ा परिषद की बैठक में डोप टेस्ट अनिवार्य करने के साथ इस टेस्ट में फेल होने वाले खिलाड़ियों को खेलों से प्रतिबंधित करने का निर्णय लिया था।
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रुहेलखंड विश्वविद्यालय दिसंबर में एथलेटिक्स का आयोजन कर रहा है। इसमें भाग लेने वाले खिलाड़ियों का डोप टेस्ट किया जाएगा। उससे पहले प्रशिक्षण कार्यशाला कराने का निर्णय लिया गया है। विश्वविद्यालय क्रीड़ा परिषद के सचिव प्रो. एके जेटली ने बताया कि प्रशिक्षण वर्कशाप के लिए संभावित तिथि 26 नवंबर तय की गई है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय से संबंधित चार सौ कालेजों के क्रीड़ा अधिकारी और स्पोर्ट्स टीचरों को डोप टेस्ट का प्रशिक्षण दिया जाएगा। एथलेटिक्स में क्रीड़ाधिकारी भी खिलाड़ियों का डोप टेस्ट कराएंगे, इसीलिए उनको प्रशिक्षण देना जरूरी है। प्रो. जेटली ने बताया कि डॉ. अक्षत के नेतृत्व में नाडा के विशेषज्ञों की टीम प्रशिक्षण के लिए यहां आएगी। बता दें कि विश्वविद्यालय ने दो महीने पहले क्रीड़ा परिषद की बैठक में डोप टेस्ट अनिवार्य करने के साथ इस टेस्ट में फेल होने वाले खिलाड़ियों को खेलों से प्रतिबंधित करने का निर्णय लिया था।
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