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नए डलावघर के लिए एक हफ्ते का वक्त मांगा
बरेली
Updated Thu, 11 Feb 2016 01:53 AM IST
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बरेली। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की सुनवाई में नगर निगम और बीडीए के अफसरों ने नया ट्रेंचिंग ग्राउंड बनाने के लिए एक हफ्ते का वक्त मांगा है। नगर आयुक्त, बीडीए उपाध्यक्ष और पर्यावरण अभियंता ने एनजीटी को आठ स्थानों पर जमीन देखने का हवाला देकर कहा कि कहीं पर एयरफोर्स तो कहीं पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड आपत्ति कर रहा है। इसलिए जमीन फाइनल नहीं हो पा रही है। दोनों विभागों की एनओसी मिलने पर शहर से बाहर नए ट्रेंचिंग ग्राउंड बनाने के लिए जमीन तय हो जाएगी। एनजीटी ने अफसरों को हफ्ते भर की मोहलत देते हुए 17 फरवरी को सुनवाई की नई तारीख तय की है।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने पिछली सुनवाई में एक महीने के अंदर नगर निगम को बाकरगंज से ट्रंचिंग ग्राउंड हटाकर शहर से बाहर शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। 10 फरवरी को हुई सुनवाई में नगर आयुक्त शीलधर सिंह यादव, बीडीए उपाध्यक्ष डा. शशांक विक्रम और पर्यावरण अभियंता उत्तम कुमार ने ट्रचिंग ग्राउंड तलाशने की प्रगति के बारे में एनजीटी को अवगत कराया। नगर आयुक्त शीलधर सिंह यादव के मुताबिक उन्होंने नया ट्रचिंग ग्राउंड बनाने के लिए आठ जगह जमीन तलाशने की प्रगति के बारे में एनजीटी को बताया। इसमें कहीं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तो कहीं एयरफोर्स की आपत्ति के बारे में भी एनजीटी को अवगत कराया गया। दौली रघुवरदयाल में पीसीबी ने आबादी होने की बात पर आपत्ति जताकर एनओसी देने से इनकार कर दिया था। सुनवाई के बाद एनजीटी ने एक हफ्ते के अंदर कूड़ा डंपिंग स्थल तय करने की मोहलत दी। इस मामले की अगली सुनवाई 17 फरवरी को होगी।
अब प्लांट चलाने का ही बचा है रास्ता
बाकरगंज से ट्रचिंग ग्राउंड हटाने के लिए नगर निगम को जमीन नहीं मिल पा रही है। अब नगर निगम के पास ट्रेंचिंग ग्राउंड तलाशने के बजाय सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट चलाने का एकमात्र रास्ता बचा है। इसके लिए लीचेड ट्रीटमेंट प्लांट लगाना जरूरी है। नगर निगम ने लीचेड ट्रीटमेंट प्लांट के मानक तय करने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को पत्र लिखा था लेकिन पीसीबी ने उसका जवाब नहीं दिया। मेयर और नगर आयुक्त को आशंका है कि अगर उन्होंने अपने हिसाब से लीचेड ट्रीटमेंट प्लांट लगाया तो पीसीबी उस पर भी आपत्ति जताकर प्लांट चलाने की एनओसी नहीं देगा।
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‘लीचेड ट्रीटमेंट प्लांट के मानकों के बारे में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से पूछा गया था। पीसीबी की ओर से इस पर राय नहीं आई। प्लांट चलाने का प्रयास कर रहे हैं।’ शीलधर सिंह यादव, नगर आयुक्त
‘नया ट्रेंचिंग ग्राउंड बनाने के लिए जमीन हफ्ते भर में फाइनल हो जाएगी। प्लांट चलाने के लिए लीचेट ट्रीटमेंट पर काम चल रहा है। जल्द ही नतीजे सामने आएंगे।’ डा. आईएस तोमर, मेयर
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने पिछली सुनवाई में एक महीने के अंदर नगर निगम को बाकरगंज से ट्रंचिंग ग्राउंड हटाकर शहर से बाहर शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। 10 फरवरी को हुई सुनवाई में नगर आयुक्त शीलधर सिंह यादव, बीडीए उपाध्यक्ष डा. शशांक विक्रम और पर्यावरण अभियंता उत्तम कुमार ने ट्रचिंग ग्राउंड तलाशने की प्रगति के बारे में एनजीटी को अवगत कराया। नगर आयुक्त शीलधर सिंह यादव के मुताबिक उन्होंने नया ट्रचिंग ग्राउंड बनाने के लिए आठ जगह जमीन तलाशने की प्रगति के बारे में एनजीटी को बताया। इसमें कहीं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तो कहीं एयरफोर्स की आपत्ति के बारे में भी एनजीटी को अवगत कराया गया। दौली रघुवरदयाल में पीसीबी ने आबादी होने की बात पर आपत्ति जताकर एनओसी देने से इनकार कर दिया था। सुनवाई के बाद एनजीटी ने एक हफ्ते के अंदर कूड़ा डंपिंग स्थल तय करने की मोहलत दी। इस मामले की अगली सुनवाई 17 फरवरी को होगी।
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अब प्लांट चलाने का ही बचा है रास्ता
बाकरगंज से ट्रचिंग ग्राउंड हटाने के लिए नगर निगम को जमीन नहीं मिल पा रही है। अब नगर निगम के पास ट्रेंचिंग ग्राउंड तलाशने के बजाय सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट चलाने का एकमात्र रास्ता बचा है। इसके लिए लीचेड ट्रीटमेंट प्लांट लगाना जरूरी है। नगर निगम ने लीचेड ट्रीटमेंट प्लांट के मानक तय करने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को पत्र लिखा था लेकिन पीसीबी ने उसका जवाब नहीं दिया। मेयर और नगर आयुक्त को आशंका है कि अगर उन्होंने अपने हिसाब से लीचेड ट्रीटमेंट प्लांट लगाया तो पीसीबी उस पर भी आपत्ति जताकर प्लांट चलाने की एनओसी नहीं देगा।
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‘लीचेड ट्रीटमेंट प्लांट के मानकों के बारे में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से पूछा गया था। पीसीबी की ओर से इस पर राय नहीं आई। प्लांट चलाने का प्रयास कर रहे हैं।’ शीलधर सिंह यादव, नगर आयुक्त
‘नया ट्रेंचिंग ग्राउंड बनाने के लिए जमीन हफ्ते भर में फाइनल हो जाएगी। प्लांट चलाने के लिए लीचेट ट्रीटमेंट पर काम चल रहा है। जल्द ही नतीजे सामने आएंगे।’ डा. आईएस तोमर, मेयर