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Bareilly News: मीटर के घपले में खप रही सूरज की बिजली
Thu, 17 Sep 2026 01:21 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Thu, 17 Sep 2026 01:21 AM IST
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बरेली। सूरज की किरणों से पैदा हुई बिजली मीटर के घपले में खप रही है। पीएम सूर्यघर योजना के तहत जिले के 22 हजार उपभोक्ताओं ने सोलर पैनल लगवाए हैं, लेकिन ज्यादातर नेट मीटर की गड़बड़ियों से परेशान हैं। विद्युत निगम की हेल्प डेस्क पर रोजाना 8-10 यानी महीने में दो सौ से ज्यादा शिकायतें आ रही हैं। उपभोक्ताओं के मुताबिक, सोलर से उत्पादित बिजली और ग्रिड से ली गई बिजली का हिसाब सही तरीके से दर्ज नहीं होने पर बिल में गड़बड़ी हो रही है। शिकायतों में मीटर रीडिंग, कनेक्शन क्षमता और बिल में दर्ज यूनिट को लेकर विसंगतियां बताई जा रही हैं।
जानिए, क्या है नेट मीटर
नेट मीटर बिजली के उत्पादन और खपत दोनों का हिसाब रखता है। दिन में सोलर पैनल से जितनी बिजली बनती है, पहले उसका इस्तेमाल घर में होता है। अतिरिक्त बिजली विद्युत ग्रिड को चली जाती है। रात में या धूप कम होने पर जब सोलर से उत्पादन कम होता है तो घर ग्रिड से बिजली लेता है। नेट मीटर इन दोनों दिशाओं में बिजली के प्रवाह को रिकॉर्ड करता है। बिल तैयार करते समय ग्रिड से ली गई बिजली और ग्रिड को भेजी गई अतिरिक्त बिजली के हिसाब का समायोजन किया जाता है।
तीन के बजाय आ रहा चार किलोवाट का बिलजोगी नवादा निवासी फिरोज बेगम ने छह माह पूर्व सोलर पैनल लगवाया था। उन्होंने तीन किलोवाट का कनेक्शन लिया है, लेकिन बिल चार किलोवाट का आ रहा है। नेट मीटर में भी यही दिखा रहा है। उन्होंने हेल्प डेस्क पर शिकायत दर्ज कराई है।
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नेट मीटर में गड़बड़ी से परेशान
दुर्गानगर निवासी अनोखे लाल ने 23 जुलाई को हेल्प डेस्क पर शिकायत दर्ज कराई। बताया कि उनके घर पर सोलर पैनल लगा है। चार किलोवाट का भार स्वीकृत है। सोलर पैनल लगाने के बाद बिल घटने के बजाय बढ़ गया है। उनकी मांग पर अब चेक मीटर लगाया गया है।
वर्जन
पीएम सूर्यघर योजना के जिले में करीब 22 हजार उपभोक्ता हैं। दो माह से नेट मीटर से जुड़ी शिकायतें बढ़ी हैं। हालांकि, नेट मीटर भी स्मार्ट मीटर की तरह पारदर्शिता के साथ कार्य करता है। उपभोक्ताओं की शिकायत पर चेक मीटर लगाए जा रहे हैं। - अंकित कुमार, अधिशासी अभियंता
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जानिए, क्या है नेट मीटर
नेट मीटर बिजली के उत्पादन और खपत दोनों का हिसाब रखता है। दिन में सोलर पैनल से जितनी बिजली बनती है, पहले उसका इस्तेमाल घर में होता है। अतिरिक्त बिजली विद्युत ग्रिड को चली जाती है। रात में या धूप कम होने पर जब सोलर से उत्पादन कम होता है तो घर ग्रिड से बिजली लेता है। नेट मीटर इन दोनों दिशाओं में बिजली के प्रवाह को रिकॉर्ड करता है। बिल तैयार करते समय ग्रिड से ली गई बिजली और ग्रिड को भेजी गई अतिरिक्त बिजली के हिसाब का समायोजन किया जाता है।
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तीन के बजाय आ रहा चार किलोवाट का बिलजोगी नवादा निवासी फिरोज बेगम ने छह माह पूर्व सोलर पैनल लगवाया था। उन्होंने तीन किलोवाट का कनेक्शन लिया है, लेकिन बिल चार किलोवाट का आ रहा है। नेट मीटर में भी यही दिखा रहा है। उन्होंने हेल्प डेस्क पर शिकायत दर्ज कराई है।
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नेट मीटर में गड़बड़ी से परेशान
दुर्गानगर निवासी अनोखे लाल ने 23 जुलाई को हेल्प डेस्क पर शिकायत दर्ज कराई। बताया कि उनके घर पर सोलर पैनल लगा है। चार किलोवाट का भार स्वीकृत है। सोलर पैनल लगाने के बाद बिल घटने के बजाय बढ़ गया है। उनकी मांग पर अब चेक मीटर लगाया गया है।
वर्जन
पीएम सूर्यघर योजना के जिले में करीब 22 हजार उपभोक्ता हैं। दो माह से नेट मीटर से जुड़ी शिकायतें बढ़ी हैं। हालांकि, नेट मीटर भी स्मार्ट मीटर की तरह पारदर्शिता के साथ कार्य करता है। उपभोक्ताओं की शिकायत पर चेक मीटर लगाए जा रहे हैं। - अंकित कुमार, अधिशासी अभियंता