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Bareilly News: फेल हो रहे स्मार्ट मीटर...नहीं सुलझ रहीं शिकायतें, उपभोक्ता परेशान
Sat, 27 Apr 2024 06:09 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Sat, 27 Apr 2024 06:09 AM IST
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बरेली। हाईटेक सुविधा वाले बिजली निगम के स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए समस्या बनते जा रहे हैं। स्थिति ये है कि बकाया होने पर तय समय से पहले आपूर्ति बाधित हो जाती है। बकाया बिल जमा होने पर अपने आप बिजली आपूर्ति चालू नहीं हो पाती। ऑटोमेटिक बिल न बनने की शिकायतें भी रहती हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं की शिकायत पर अभियंता मीटर रीडर भेजकर बिलिंग कराते हैं। समस्या दूर न होने पर उपभोक्ताओं को अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
शहर में 2,08,142 उपभोक्ता हैं। पहले चरण में विद्युत वितरण निगम प्रथम और चतुर्थ के तहत 57,472 स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं। भविष्य में सभी उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन स्मार्ट मीटर से जोड़े जाने हैं, लेकिन समस्याएं खत्म न होने से आगे का काम रुका हुआ है। हाल ये है कि एक साल में 500 से ज्यादा स्मार्ट मीटर खराब होने पर बदले जा चुके हैं। फिर भी उपभोक्ताओं की बिलिंग संबंधी समस्या दूर ही नहीं हो रही। अक्सर शिकायतें आ रही हैं। ऑटोमेटिक रीडिंग न होने की शिकायतें ज्यादा हैं। ऐसा न होने से बिल बकाया होने पर उपभोक्ता की बिजली गुल हो जाती है। मीटर रीडर को बुलाने के बाद बिल बनता है और बिल जमा करने के बाद भी बिजली आपूर्ति चालू नहीं होती। इसके अलावा बिलों में गड़बड़ी की शिकायतें भी दूर नहीं हो रहीं।
पुराने मीटरों में भी शिकायतें कम नहीं
स्मार्ट मीटर के अलावा जिन उपभोक्ताओं के घरों में पुराने ऑटोमेटिक मीटर लगे हैं, उनकी बिलिंग भी परेशान कर रही है। कहीं रीडिंग समय से न होने की शिकायत रहती है। कहीं समय से बिल न बनने और कहीं बिल जमा होने के बावजूद पिछला जुड़कर आने की समस्या सामने आ रही है। पिछले दिनों विद्युत निगम के चेयरमैन डॉ. आशीष गोयल की समीक्षा बैठक में बिलिंग के साथ ऑनलाइन शिकायतों और स्मार्ट मीटर को लेकर लंबित शिकायतों पर नाराजगी जताने के बाद विद्युत निगम के अभियंता समस्याओं को दूर करने में लगे हैं।
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रीवैंप योजना में प्रस्तावित है प्री-पेड स्मार्ट मीटर का काम
शहर में रीवैंप योजना के तहत 1.44 लाख प्री-पेड स्मार्ट मीटर लगाए जाने भी प्रस्तावित हैं। प्री-पेड स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ता मोबाइल सिम की तरह बिजली आपूर्ति के लिए के लिए 4-जी स्मार्ट मीटर रिचार्ज करा सकेंगे। लखनऊ स्थित मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के मुख्यालय स्तर से इसके लिए पहले ही प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। हालांकि सवाल उठ रहा है कि पूर्व में लागू स्मार्ट मीटर की व्यवस्था की तरह इसमें भी खामियां आईं तो परेशानी और बढ़ जाएगी।
एक साल में तीन बार बदला मीटर
स्मार्ट मीटर एक साल में तीन बार खराब होने पर बदला जा चुका है। बिल की समस्या हर महीने होती है। बार-बार शिकायत के बाद भी बिल संबंधी समस्या दूर नहीं हो रही। समय से पहले मीटर बिजली कट कर देता है। बिल भी अनियमित रहता है। आसपास कुछ और उपभोक्ता भी स्मार्ट मीटर की गड़बड़ियों के कारण परेशान हैं। शिकायतों का निस्तारण नहीं हो रहा है। - प्रशांत कुमार, जागृति नगर करगैना
शिकायत के बाद स्मार्ट मीटर तो ठीक कर दिया गया, लेकिन बिलिंग में समस्या अब तक दूर नहीं हुई है। कई बार बकाया में बिजली कट जाती है। बिल जमा करने पर भी चालू नहीं होती। मीटर रीडर को बुलाना पड़ता है। बिल जमा करने के लिए जो समय निर्धारित होता है उससे पहले ही मीटर बिजली कट कर देता है। कई बार शिकायत के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो सका है। - महेश कुमार, उपभोक्ता, पीर बहोड़ा
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वर्जन
स्मार्ट मीटर को लेकर शिकायतें आ रही हैं। ज्यादातर शिकायतों को कार्यदायी संस्था से दूर किया जा रहा है। पहले चरण में करीब 57 हजार स्मार्ट मीटर लगे हैं। बिलिंग सिस्टम को लेकर ज्यादा शिकायत रहती हैं। कुछ बार साॅफ्टवेयर की समस्या भी होती है। पिछले महीनों कुछ ज्यादा शिकायतें थी, लेकिन अब उतनी शिकायतें नहीं हैं। उपभोक्ताओं की शिकायतों को शत-प्रतिशत दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। - विपुल जैन, अधिशासी अभियंता, मीटर
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शहर में 2,08,142 उपभोक्ता हैं। पहले चरण में विद्युत वितरण निगम प्रथम और चतुर्थ के तहत 57,472 स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं। भविष्य में सभी उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन स्मार्ट मीटर से जोड़े जाने हैं, लेकिन समस्याएं खत्म न होने से आगे का काम रुका हुआ है। हाल ये है कि एक साल में 500 से ज्यादा स्मार्ट मीटर खराब होने पर बदले जा चुके हैं। फिर भी उपभोक्ताओं की बिलिंग संबंधी समस्या दूर ही नहीं हो रही। अक्सर शिकायतें आ रही हैं। ऑटोमेटिक रीडिंग न होने की शिकायतें ज्यादा हैं। ऐसा न होने से बिल बकाया होने पर उपभोक्ता की बिजली गुल हो जाती है। मीटर रीडर को बुलाने के बाद बिल बनता है और बिल जमा करने के बाद भी बिजली आपूर्ति चालू नहीं होती। इसके अलावा बिलों में गड़बड़ी की शिकायतें भी दूर नहीं हो रहीं।
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पुराने मीटरों में भी शिकायतें कम नहीं
स्मार्ट मीटर के अलावा जिन उपभोक्ताओं के घरों में पुराने ऑटोमेटिक मीटर लगे हैं, उनकी बिलिंग भी परेशान कर रही है। कहीं रीडिंग समय से न होने की शिकायत रहती है। कहीं समय से बिल न बनने और कहीं बिल जमा होने के बावजूद पिछला जुड़कर आने की समस्या सामने आ रही है। पिछले दिनों विद्युत निगम के चेयरमैन डॉ. आशीष गोयल की समीक्षा बैठक में बिलिंग के साथ ऑनलाइन शिकायतों और स्मार्ट मीटर को लेकर लंबित शिकायतों पर नाराजगी जताने के बाद विद्युत निगम के अभियंता समस्याओं को दूर करने में लगे हैं।
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रीवैंप योजना में प्रस्तावित है प्री-पेड स्मार्ट मीटर का काम
शहर में रीवैंप योजना के तहत 1.44 लाख प्री-पेड स्मार्ट मीटर लगाए जाने भी प्रस्तावित हैं। प्री-पेड स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ता मोबाइल सिम की तरह बिजली आपूर्ति के लिए के लिए 4-जी स्मार्ट मीटर रिचार्ज करा सकेंगे। लखनऊ स्थित मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के मुख्यालय स्तर से इसके लिए पहले ही प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। हालांकि सवाल उठ रहा है कि पूर्व में लागू स्मार्ट मीटर की व्यवस्था की तरह इसमें भी खामियां आईं तो परेशानी और बढ़ जाएगी।
एक साल में तीन बार बदला मीटर
स्मार्ट मीटर एक साल में तीन बार खराब होने पर बदला जा चुका है। बिल की समस्या हर महीने होती है। बार-बार शिकायत के बाद भी बिल संबंधी समस्या दूर नहीं हो रही। समय से पहले मीटर बिजली कट कर देता है। बिल भी अनियमित रहता है। आसपास कुछ और उपभोक्ता भी स्मार्ट मीटर की गड़बड़ियों के कारण परेशान हैं। शिकायतों का निस्तारण नहीं हो रहा है। - प्रशांत कुमार, जागृति नगर करगैना
शिकायत के बाद स्मार्ट मीटर तो ठीक कर दिया गया, लेकिन बिलिंग में समस्या अब तक दूर नहीं हुई है। कई बार बकाया में बिजली कट जाती है। बिल जमा करने पर भी चालू नहीं होती। मीटर रीडर को बुलाना पड़ता है। बिल जमा करने के लिए जो समय निर्धारित होता है उससे पहले ही मीटर बिजली कट कर देता है। कई बार शिकायत के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो सका है। - महेश कुमार, उपभोक्ता, पीर बहोड़ा
वर्जन
स्मार्ट मीटर को लेकर शिकायतें आ रही हैं। ज्यादातर शिकायतों को कार्यदायी संस्था से दूर किया जा रहा है। पहले चरण में करीब 57 हजार स्मार्ट मीटर लगे हैं। बिलिंग सिस्टम को लेकर ज्यादा शिकायत रहती हैं। कुछ बार साॅफ्टवेयर की समस्या भी होती है। पिछले महीनों कुछ ज्यादा शिकायतें थी, लेकिन अब उतनी शिकायतें नहीं हैं। उपभोक्ताओं की शिकायतों को शत-प्रतिशत दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। - विपुल जैन, अधिशासी अभियंता, मीटर