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Bareilly News: आयुष्मान सुरक्षा से वंचित छह हजार अंत्योदय राशन कार्ड धारक
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बरेली। अंत्योदय दिवस पर गरीब परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा देने की सरकारी कवायद के बीच जिले में करीब छह हजार अंत्योदय राशन कार्ड धारक अब भी आयुष्मान की सुविधा से वंचित हैं। 99,687 अंत्योदय कार्ड के सापेक्ष 94 फीसदी ही आयुष्मान कार्ड बनाए जा सके हैं।
आयुष्मान जिला समन्वयक डॉ. अनुराग मिश्रा के मुताबिक आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए लगातार अभियान चल रहा है। लोगों से अपील भी की जा रही है। इसका परिणाम रहा कि अब तक 94 फीसदी लोगों का ही कार्ड बन सका है। करीब छह फीसदी पात्र लोगों का आयुष्मान से वंचित होने पर तर्क है कि वंचित परिवारों के सदस्यों का रोजगार के सिलसिले में दूसरे जिलों में चले जाना, कई परिवारों के सदस्यों के आधार से जुड़ी जानकारी में अंतर, दस्तावेज संबंधी दिक्कत और अन्य तकनीकी वजहों से भी कार्ड बनने में परेशानी आ रही है। सुधार का सुझाव दिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिले में ऐसे भी कई अंत्योदय परिवार हैं, जिनके सदस्य का सत्यापन या ई-केवाईसी के समय मौजूदगी नहीं होने से कार्ड बनने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। ऐसे परिवारों को दोबारा चिह्नित कर कार्ड बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
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अंत्योदय परिवारों को पांच लाख तक इलाज की सुविधा
आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र परिवारों को सूचीबद्ध अस्पतालों में सालाना पांच लाख रुपये तक के इलाज की सुविधा मिलती है। ऐसे में अंत्योदय परिवारों के लिए आयुष्मान कार्ड केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि गंभीर बीमारी की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा का माध्यम भी है। कार्ड नहीं बनने से पात्र परिवारों को लाभ लेने में परेशानी हो सकती है। हालांकि, इन पात्र परिवारों को अंत्योदय योजना के तहत खाद्यान्न मिल रहा है।
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आयुष्मान जिला समन्वयक डॉ. अनुराग मिश्रा के मुताबिक आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए लगातार अभियान चल रहा है। लोगों से अपील भी की जा रही है। इसका परिणाम रहा कि अब तक 94 फीसदी लोगों का ही कार्ड बन सका है। करीब छह फीसदी पात्र लोगों का आयुष्मान से वंचित होने पर तर्क है कि वंचित परिवारों के सदस्यों का रोजगार के सिलसिले में दूसरे जिलों में चले जाना, कई परिवारों के सदस्यों के आधार से जुड़ी जानकारी में अंतर, दस्तावेज संबंधी दिक्कत और अन्य तकनीकी वजहों से भी कार्ड बनने में परेशानी आ रही है। सुधार का सुझाव दिया गया है।
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स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिले में ऐसे भी कई अंत्योदय परिवार हैं, जिनके सदस्य का सत्यापन या ई-केवाईसी के समय मौजूदगी नहीं होने से कार्ड बनने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। ऐसे परिवारों को दोबारा चिह्नित कर कार्ड बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
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अंत्योदय परिवारों को पांच लाख तक इलाज की सुविधा
आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र परिवारों को सूचीबद्ध अस्पतालों में सालाना पांच लाख रुपये तक के इलाज की सुविधा मिलती है। ऐसे में अंत्योदय परिवारों के लिए आयुष्मान कार्ड केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि गंभीर बीमारी की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा का माध्यम भी है। कार्ड नहीं बनने से पात्र परिवारों को लाभ लेने में परेशानी हो सकती है। हालांकि, इन पात्र परिवारों को अंत्योदय योजना के तहत खाद्यान्न मिल रहा है।