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आस्था के आगे छोटे पड़ गए घाट
बरेली।
Updated Sun, 05 Nov 2017 02:08 AM IST
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चाौबारी मेला
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कार्तिक पूर्णिमा पर चौबारी मेले में रामगंगा घाट पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। प्रशासन श्रद्धालुओं की भीड़ का सही अंदाजा ही नहीं लगा पाया। रामगंगा बैराज से फरीदापुर चौधरी गांव के पास तक श्रद्धालुओं ने स्नान किया, जबकि बैरीकेडिंग कर रामगंगा पुल के पूरब दिशा में ही प्रशासन ने घाट बनवाए थे। प्रशासन ने जो घाट बनवाए वे स्नान के लिए आई श्रद्धालुओं की भीड़ के आगे छोटे पड़ गए। लाखों श्रद्धालुओं ने जान जोखिम में डालकर असुरक्षित स्थानों पर डुबकी लगाई।
शनिवार की सुबह छह बजे से स्नान करने आने वालों की संख्या बढ़ने लगी। अमर उजाला की टीम मेले में पहुंची तो रामगंगा के आसपास कोहरा था, लेकिन आस्था के आगे सुबह की सर्दी भी आड़े नहीं आई। करीब नौ बजे तक कोहरा छंटा। उस वक्त तक तो पुलिस प्रशासन के अधिकारी घाटों की भीड़ संभाल नहीं पा रहे थे। घाटों के लिए बनाए गए तीन रास्ते भी कम पड़े गए। हर तरफ से आ रही श्रद्धालुओं की भीड़ ने अफसरों को टेंशन में डाल दिया। प्रशासन की ओर से तैयार कराए गए घाटों पर अफरा-तफरी का माहौल होने लगा। बैरीकेडिंग भी भीड़ की वजह से टूट गई। इसके बाद भीड़ पुल के नीचे से होती हुई पश्चिम की तरफ फरीदापुर चौधरी गांव के पास तक पहुंच गई। पुलिस और गोताखोर भी पूरब की तरफ ही लगाए गए थे, इसलिए पश्चिम में रामगंगा में स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की किसी को परवाह नहीं थी।
अबकी बार कारोबार तीन करोड़ पार
चौबारी मेले में अबकी बार कारोबार तीन करोड़ के पार पहुंच गया। घोड़ों का नखासा खूब गुलजार रहा। शनिवार तक सबसे मंहगा घोड़ा 85 हजार का बिका, जबकि इससे कम 75 हजार का बिका। मेला कमेटी और नखासा के प्रबंधक मोहित चौहान ने बताया कि अभी तक करीब 600 से ज्यादा घोड़े बिके हैं। एक औसत घोड़े की कीमत 10-15 हजार तक रही। कुछ घोड़े मंहगे भी बिके हैं। अभी आगे दो दिन और बिक्री होगी। बाकी जानवर भी बिके हैं। इस तरह पशुओं की बिक्री का आंकड़ा ही 25 लाख रुपये के पार हो गया है। मेले में लकड़ी, लोहे का सामान, कॉस्मेटिक का सामान का सामान भी खूब बिका। अनाज, खेल, तमाशे, झूले, डांस पार्टी आदि वालों ने भी खूब कमाया। मेले में अब तक तीन करोड़ का कारोबार होने का अंदाजा है।
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आंवला प्रशासन ने नहीं की श्रद्धालुओं की परवाह
रामगंगा पुल पार के घाट पर आंवला तहसील प्रशासन को घाट तैयार कराकर बैरीकेडिंग करानी होती है। ताकि कार्तिक पूर्णिमा पर बिना जान जोखिम में डाले श्रद्धालु स्नान कर सकें, लेकिन आंवला तहसील प्रशासन ने इस बार कोई इंतजाम नहीं किया। लिहाजा श्रद्धालुओं को खुद पानी का अंदाजा लगाकर डुबकी लगानी पड़ी। बिशारतगंज पुलिस ने भी लापरवाही दिखाई। घाटों पर कोई सिपाही तक नजर नहीं आया। यह गंगा मैया की कृपा ही रही कि सब सही सलामत स्नान करके लौट गए।
सीओ वोट से घूमकर श्रद्धालुओं को खतरे से आगाह किया
सीओ द्वितीय सीमा यादव अपनी टीम के साथ सारे दिन रामगंगा घाट पर जमी रहीं। उनके साथ रामगंगा चौकी इंचार्ज राजेश कौशिक, घाट चौकी इंचार्ज सलाउद्दीन खान, दरोगा सोनिया यादव, मंजू, प्रीति पवार आदि थे। सीओ ने अपनी टीम के साथ सुबह 10 बजे वोट से सभी घाटों का निरीक्षण करके बैरीकेडिंग के बाहर आकर स्नान कर रहे श्रद्धालुओं को समझाया। सीओ ने इसके बाद दोपहर दो बजे भीड़ बढ़ने पर फिर वोट में सवार होकर बिना बैरीकेडिंग वाले घाटों पर स्नान कर रहे श्रद्धालुओं को खतरे के प्रति आगाह किया।
नर्तकियों पर खूब लुटाए नोट
मेला कमेटी ने सांस्कृतिक कला मंच के नाम से दो डांस पार्टी भी बुलाई थीं। मेले में डांस पार्टी के दोनों ही थिरेटरों का हर शो हाउस फुल चल रहा है। शुक्रवार की शाम से चालू हुए शो में नर्तकियों के अश्लील डांस पर युवकों ने खूब नोट लुटाए। इस दौरान कई बार विवाद होने से भी बचा। पुलिस वाले भी शाम ढलते ही सुरक्षा व्यवस्था में ड्यूटी करने के बजाए शो देखने लगते हैं। शनिवार को वर्दी वालों ने कई शो देखे।
मुफ्त जलेबी न देने पर दबंगों ने दुकानदार को पीटा
मेले में अखा गांव के दबंगों ने मुफ्त जलेबी न देने पर एक दुकानदार का सिर फोड़ दिया। विरोध करने पर उसकी दुकान का सामान फेंक दिया। थाना भमौरा के पडरी गांव निवासी केसरपाल ने रामगंगा पार लड्डू और जलेबी की दुकान लगा रखी थी। शनिवार शाम करीब साढ़े चार बजे अखा गांव का एक दबंग अपने कई साथियों को लेकर केसरपाल की दुकान पर पहुंचा। उसने केसरपाल से जलेबी लीं। पैसे मांगे तो हमला करके उनका सिर फोड़ दिया और दुकान का सामान फेंककर चला गया। पीड़ित ने पुल पर वाहनों से चेकिंग के नाम पर वसूली कर रही बिशारतगंज पुलिस से शिकायत की, लेकिन उसकी बात सुनने के बजाए भगा दिया गया।
... जब विधायक खुद जाम खुलवाने में जुटे
चौैबारी मेले में मुख्य स्नान के दिन व्यवस्थाएं देखने निकले बिथरी चैनपुर विधायक राजेश कुमार मिश्रा उर्फ पप्पू भरतौल महेशपुरा फाटक पर लगे जाम में फंस गए। इस पर वह गाड़ी से उतरकर जाम खुलवाने में जुट गए। बाहर से मेले में ड्यूटी करने आई पुलिस जाम खुलवाने के बजाए व्हाट्सएप और फेसबुक पर चेटिंग करने में लगी थी। विधायक ने पुलिस कर्मियों को हड़काया तो उन्हें जाम का होश आया। बाद में मेला कोतवाली पहुंचकर विधायक ने व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। मेले से लौटते समय भी विधायक को जाम खुद ही खुलवाना पड़ा।
शनिवार की सुबह छह बजे से स्नान करने आने वालों की संख्या बढ़ने लगी। अमर उजाला की टीम मेले में पहुंची तो रामगंगा के आसपास कोहरा था, लेकिन आस्था के आगे सुबह की सर्दी भी आड़े नहीं आई। करीब नौ बजे तक कोहरा छंटा। उस वक्त तक तो पुलिस प्रशासन के अधिकारी घाटों की भीड़ संभाल नहीं पा रहे थे। घाटों के लिए बनाए गए तीन रास्ते भी कम पड़े गए। हर तरफ से आ रही श्रद्धालुओं की भीड़ ने अफसरों को टेंशन में डाल दिया। प्रशासन की ओर से तैयार कराए गए घाटों पर अफरा-तफरी का माहौल होने लगा। बैरीकेडिंग भी भीड़ की वजह से टूट गई। इसके बाद भीड़ पुल के नीचे से होती हुई पश्चिम की तरफ फरीदापुर चौधरी गांव के पास तक पहुंच गई। पुलिस और गोताखोर भी पूरब की तरफ ही लगाए गए थे, इसलिए पश्चिम में रामगंगा में स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की किसी को परवाह नहीं थी।
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अबकी बार कारोबार तीन करोड़ पार
चौबारी मेले में अबकी बार कारोबार तीन करोड़ के पार पहुंच गया। घोड़ों का नखासा खूब गुलजार रहा। शनिवार तक सबसे मंहगा घोड़ा 85 हजार का बिका, जबकि इससे कम 75 हजार का बिका। मेला कमेटी और नखासा के प्रबंधक मोहित चौहान ने बताया कि अभी तक करीब 600 से ज्यादा घोड़े बिके हैं। एक औसत घोड़े की कीमत 10-15 हजार तक रही। कुछ घोड़े मंहगे भी बिके हैं। अभी आगे दो दिन और बिक्री होगी। बाकी जानवर भी बिके हैं। इस तरह पशुओं की बिक्री का आंकड़ा ही 25 लाख रुपये के पार हो गया है। मेले में लकड़ी, लोहे का सामान, कॉस्मेटिक का सामान का सामान भी खूब बिका। अनाज, खेल, तमाशे, झूले, डांस पार्टी आदि वालों ने भी खूब कमाया। मेले में अब तक तीन करोड़ का कारोबार होने का अंदाजा है।
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आंवला प्रशासन ने नहीं की श्रद्धालुओं की परवाह
रामगंगा पुल पार के घाट पर आंवला तहसील प्रशासन को घाट तैयार कराकर बैरीकेडिंग करानी होती है। ताकि कार्तिक पूर्णिमा पर बिना जान जोखिम में डाले श्रद्धालु स्नान कर सकें, लेकिन आंवला तहसील प्रशासन ने इस बार कोई इंतजाम नहीं किया। लिहाजा श्रद्धालुओं को खुद पानी का अंदाजा लगाकर डुबकी लगानी पड़ी। बिशारतगंज पुलिस ने भी लापरवाही दिखाई। घाटों पर कोई सिपाही तक नजर नहीं आया। यह गंगा मैया की कृपा ही रही कि सब सही सलामत स्नान करके लौट गए।
सीओ वोट से घूमकर श्रद्धालुओं को खतरे से आगाह किया
सीओ द्वितीय सीमा यादव अपनी टीम के साथ सारे दिन रामगंगा घाट पर जमी रहीं। उनके साथ रामगंगा चौकी इंचार्ज राजेश कौशिक, घाट चौकी इंचार्ज सलाउद्दीन खान, दरोगा सोनिया यादव, मंजू, प्रीति पवार आदि थे। सीओ ने अपनी टीम के साथ सुबह 10 बजे वोट से सभी घाटों का निरीक्षण करके बैरीकेडिंग के बाहर आकर स्नान कर रहे श्रद्धालुओं को समझाया। सीओ ने इसके बाद दोपहर दो बजे भीड़ बढ़ने पर फिर वोट में सवार होकर बिना बैरीकेडिंग वाले घाटों पर स्नान कर रहे श्रद्धालुओं को खतरे के प्रति आगाह किया।
नर्तकियों पर खूब लुटाए नोट
मेला कमेटी ने सांस्कृतिक कला मंच के नाम से दो डांस पार्टी भी बुलाई थीं। मेले में डांस पार्टी के दोनों ही थिरेटरों का हर शो हाउस फुल चल रहा है। शुक्रवार की शाम से चालू हुए शो में नर्तकियों के अश्लील डांस पर युवकों ने खूब नोट लुटाए। इस दौरान कई बार विवाद होने से भी बचा। पुलिस वाले भी शाम ढलते ही सुरक्षा व्यवस्था में ड्यूटी करने के बजाए शो देखने लगते हैं। शनिवार को वर्दी वालों ने कई शो देखे।
मुफ्त जलेबी न देने पर दबंगों ने दुकानदार को पीटा
मेले में अखा गांव के दबंगों ने मुफ्त जलेबी न देने पर एक दुकानदार का सिर फोड़ दिया। विरोध करने पर उसकी दुकान का सामान फेंक दिया। थाना भमौरा के पडरी गांव निवासी केसरपाल ने रामगंगा पार लड्डू और जलेबी की दुकान लगा रखी थी। शनिवार शाम करीब साढ़े चार बजे अखा गांव का एक दबंग अपने कई साथियों को लेकर केसरपाल की दुकान पर पहुंचा। उसने केसरपाल से जलेबी लीं। पैसे मांगे तो हमला करके उनका सिर फोड़ दिया और दुकान का सामान फेंककर चला गया। पीड़ित ने पुल पर वाहनों से चेकिंग के नाम पर वसूली कर रही बिशारतगंज पुलिस से शिकायत की, लेकिन उसकी बात सुनने के बजाए भगा दिया गया।
... जब विधायक खुद जाम खुलवाने में जुटे
चौैबारी मेले में मुख्य स्नान के दिन व्यवस्थाएं देखने निकले बिथरी चैनपुर विधायक राजेश कुमार मिश्रा उर्फ पप्पू भरतौल महेशपुरा फाटक पर लगे जाम में फंस गए। इस पर वह गाड़ी से उतरकर जाम खुलवाने में जुट गए। बाहर से मेले में ड्यूटी करने आई पुलिस जाम खुलवाने के बजाए व्हाट्सएप और फेसबुक पर चेटिंग करने में लगी थी। विधायक ने पुलिस कर्मियों को हड़काया तो उन्हें जाम का होश आया। बाद में मेला कोतवाली पहुंचकर विधायक ने व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। मेले से लौटते समय भी विधायक को जाम खुद ही खुलवाना पड़ा।