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Bareilly News: प्रशासन की राजनीति से हारीं निशानेबाज नेहा, अब दूसरे शहर में करेंगी अभ्यास

Fri, 29 Nov 2024 06:07 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Published by: मुकेश कुमार Updated Fri, 29 Nov 2024 06:07 PM IST
सार

बरेली के राइफल क्लब में निशानेबाज नेहा को अभ्यास करने से फिर रोक दिया। बताया गया कि नेहा ने अनुबंध पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए ते। इसके बिना क्लब में एंट्री नहीं होगी। 

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Shooter Neha lost to the politics of administration in Bareilly
निशानेबाज नेहा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बरेली में नेशनल शूटर नेहा सिंह प्रशासन की राजनीति से हार गई हैं। अब वह अभ्यास के लिए दिल्ली या चंडीगढ़ का रुख कर सकती हैं। उनकी दिल्ली और चंडीगढ़ की रेंज में बात चल रही है। नेहा ने बताया कि इसके लिए उन्होंने एक परिचित से कर्ज भी मांगा है।

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13 दिसंबर को दिल्ली में राष्ट्रीय निशानेबाजी प्रतियोगिता होनी है। इससे ऐन पहले 26 नवंबर को राइफल क्लब के सदस्य, सचिव व कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता केबी त्रिपाठी ने सिटी मजिस्ट्रेट के निर्देशों का हवाला देते हुए नेहा सिंह को वहां अभ्यास से रोक दिया गया। वहीं, सिटी मजिस्ट्रेट राजीव शुक्ला ने इसकी जानकारी से ही इन्कार कर दिया था।
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नेहा के मुताबिक बृहस्पतिवार को वह डीएम से मिलने पहुंचीं। उनके नहीं मिलने पर वह सिटी मजिस्ट्रेट राजीव शुक्ला के पास पहुंचीं। उन्होंने भी कहा कि अनुबंध पत्र पर हस्ताक्षर किए बिना क्लब में एंट्री नहीं होगी। इस पर नेहा ने अनुबंध पत्र पर हस्ताक्षर करने से इन्कार कर दिया। 

साथ ही सवाल उठाया कि वर्ष 2023 में उनका तीन साल के लिए रजिस्ट्रेशन हुआ था, जो 2026 तक के लिए वैध है। ऐसे में अब 2024 में दोबारा अनुबंध की जरूरत क्यों पड़ गई? अगर अनुबंध पत्र जारी ही करना था तो धरना खत्म कराते समय ही हस्ताक्षर क्यों नहीं कराए गए?

सबके लिए हैं नियम
राइफल क्लब के सचिव व कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता केबी त्रिपाठी ने कहा कि नियम सबके लिए हैं। हमने अपना बच्चा समझकर नेहा से बात की थी, लेकिन उन्होंने गुरु से भी अच्छे से बात नहीं की। राष्ट्रीय खिलाड़ी से तात्पर्य होता है कि पदक विजेता। अगर अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी भी है और पदक नहीं है तो वह खिलाड़ी कैसे माना जाएगा? उनकी एक प्राइवेट रेंज है, जिसमें वह कोषाध्यक्ष हैं। यह पूरी घटना सिर्फ सरकारी रेंज को बदनाम करने की साजिश है और कुछ नहीं।

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