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सेटेलाइट पर हाईटेंशन लाइनों की शिफ्टिंग शुरू
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खंभों को शिफ्ट करती मशीन।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
सेटेलाइट फ्लाईओवर पर अगले महीने फर्राटा भरने को तैयार रहिए
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बरेली। सेटेलाइट फ्लाईओवर के ऊपर से गुजर रही पारेषण की लाइनों को मोनो पोल लगाकर ऊंचा करने का काम शुरू कर दिया गया है जो हफ्ते भर के अंदर यह काम पूरा हो जाएगा। सेतु निगम को भी इस पुल पर सिर्फ सड़क बनानी है जो कुछ ही दिनों का काम माना जा रहा है। इसके बाद पुल ट्रैफिक के लिए शुरू करने की स्थिति में होगा। हालांकि माना जा रहा है कि पंचायत चुनाव की आचार संहिता की वजह से इसका उद्घाटन पांच मई के बाद ही हो पाएगा।
सेटेलाइट फ्लाईओवर के ऊपर से गुजर रही लाइनों को पारेषण के अभियंताओं ने रविवार को हटाना शुरू कर दिया। ये लाइनें पुल से सिर्फ चार मीटर ऊंचाई पर गुजर रही हैं जबकि मानक के अनुसार इनकी न्यूनतम ऊंचाई 10 मीटर होनी चाहिए। सेतु निगम ने 2019 में ही पुल का निर्माण पूरा करने की समयसीमा तय की थी लेकिन शुरू में इसके ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन पर ध्यान न दिए जाने के कारण पुल का निर्माण पूरा होने के बाद भी उसे शुरू नहीं किया जा सका।
पावर कॉरपोरेशन के पारेषण अनुभाग ने अब लाइनों को शिफ्ट करना शुरू किया है। करीब दो करोड़ रुपये की लागत से यहां मोनो पोल लगाए जा रहे हैं। मोनो पोल लगने के बाद लाइनों को उन पर शिफ्ट कर मौजूदा टॉवरों को हटा दिया जाएगा। माना जा रहा है कि पुल की सड़क बनाने और लाइनों को ऊंचा करने का काम बमुश्किल 15 दिन में पूरा हो जाएगा। हालांकि पंचायत चुनाव की आचार संहिता की वजह से पुल का उद्घाटन इसके बाद भी कुछ दिन टल सकता है। पांच मई को आचार संहिता खत्म होते ही पुल के उद्घाटन की तारीख पक्की हो सकती है।
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सेटेलाइट फ्लाईओवर के ऊपर से गुजर रही लाइनों को पारेषण के अभियंताओं ने रविवार को हटाना शुरू कर दिया। ये लाइनें पुल से सिर्फ चार मीटर ऊंचाई पर गुजर रही हैं जबकि मानक के अनुसार इनकी न्यूनतम ऊंचाई 10 मीटर होनी चाहिए। सेतु निगम ने 2019 में ही पुल का निर्माण पूरा करने की समयसीमा तय की थी लेकिन शुरू में इसके ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन पर ध्यान न दिए जाने के कारण पुल का निर्माण पूरा होने के बाद भी उसे शुरू नहीं किया जा सका।
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पावर कॉरपोरेशन के पारेषण अनुभाग ने अब लाइनों को शिफ्ट करना शुरू किया है। करीब दो करोड़ रुपये की लागत से यहां मोनो पोल लगाए जा रहे हैं। मोनो पोल लगने के बाद लाइनों को उन पर शिफ्ट कर मौजूदा टॉवरों को हटा दिया जाएगा। माना जा रहा है कि पुल की सड़क बनाने और लाइनों को ऊंचा करने का काम बमुश्किल 15 दिन में पूरा हो जाएगा। हालांकि पंचायत चुनाव की आचार संहिता की वजह से पुल का उद्घाटन इसके बाद भी कुछ दिन टल सकता है। पांच मई को आचार संहिता खत्म होते ही पुल के उद्घाटन की तारीख पक्की हो सकती है।
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सेतु निगम की चूक से करना पड़ा साल भर ज्यादा इंतजार
सेटेलाइट फ्लाईओवर से चार मीटर ऊपर हाईटेंशन लाइन होने की वजह से निर्माण पूरा होने के बाद भी उसे शुरू नहीं किया जा सका। पुल का निर्माण शुरू करते वक्त सेतु निगम के अफसरों ने इस पर ध्यान नहीं दिया। इसके बाद शासन से बजट मिलने में भी काफी समय लग गया। पारेषण विभाग के अभियंताओं ने पहले ही कह दिया था कि बजट मिलने के करीब छह महीने बाद लाइन शिफ्ट हो पाएंगी क्योंकि ऊंचे मोनो पोल बनवाने के लिए पहले से ऑर्डर देना पड़ता है। इसके चार-पांच महीने बाद फर्म से सप्लाई मिल पाती है। पारेषण लाइन का इंस्पेक्टर न होने से भी यह प्रोजेक्ट पिछड़ गया।आड़े आ सकती है आचार संहिता
करीब तैयार हुए फ्लाईओवर चुनाव आचार संहिता के घेरे में आ सकता है। क्योंकि सरकार इसका उद्घाटन और लोकार्पण कार्यक्रम करना चाहेगी, जो कि आचार संहिता के चलते संभव नहीं है। इसलिए माना जा रहा कि पांच मई तक उद्घाटन नहीं हो पाएगा। उधर, सेतु निगम अधिकारी भी दावा जरूर कर रहे हैं कि इसी माह फर्राटा भरवाएंगे। लेकिन वे अपने प्रोजेक्ट निर्माण लक्ष्य एक सप्ताह बढ़ा सकते हैं।सेतु निगम ने समय से बजट नहीं दिया इसलिए काम में देरी हुई। अब मोनो पोल लगना शुरू हो गए हैं। सप्ताह भर में काम पूरा हो जाएगा। - एके गुप्ता, एक्सईएन पारेषण
इसी महीने सेटेलाइट फ्लाईओवर तैयार हो जाएगा। जल्द तारकोल की परत बिछाई जाएगी। ज्यादातर काम पूरे हो चुके हैं। बिजली की लाइनों की शिफ्टिंग भी तीन-चार दिन में पूरी होने की उम्मीद है। - वीके सेन, उप परियोजना प्रबंधक सेतु निगम