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शास्त्री मार्केट के दवा कारोबारी ने ट्रेन के आगे कूदकर की खुदकुशी
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राजेश ओबेराय (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
केमिस्ट वेलफेयर सोसाइटी के मंडल अध्यक्ष थे राजेश ओबेराय
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शाम पांच बजे निकले थे घर से, साढ़े नौ बजे मिली मौत की सूचना
बरेली। बरेली मंडल केमिस्ट वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष 50 वर्षीय राजेश ओबेराय ने मंगलवार शाम बाकरगंज रेलवे क्रॉसिंग के पास ट्रेन के आगे कूदकर खुदकुशी कर ली। परिजन के मुताबिक वह लंबे समय से हृदय रोग और डायबिटीज से पीड़ित होने के चलते अवसाद में रहते थे। कोराबार में मंदी के चलते उनके परेशान होने की बात भी सामने आ रही है।
प्रेमनगर स्थित विष्णु सागर आवास में रहने वाले दवा कारोबारी राजेश ओबेराय की शास्त्री मार्केट में करीब 30 साल पुरानी दुकान है। रोजाना की तरह ही मंगलवार शाम करीब पांच बजे वह दुकान से घर लौटे और थैला रखने के बाद वापस चले गए। परिवार वालों ने उनके जाने पर ध्यान भी नहीं दिया। रात करीब साढ़े नौ बजे किला थाने की बाकरगंज चौकी से सूचना मिली कि उन्होंने ट्रेन के सामने कूदकर खुदकुशी कर ली है। सूचना मिलते ही उनके दोनों बेटे हर्षित और गर्वित समेत तमाम दवा व्यापारी कारोबारी बाकरगंज चौकी पर पहुंच गए। वहीं, दुर्गेश खटवानी समेत कई दवा कारोबारी उनके घर भी पहुंच गए। उन लोगों ने बताया कि राजेश हृदय रोग और डायबिटीज से पीड़ित थे। दो साल पहले दिल्ली में उनकी ओपन हार्ट सर्जरी भी हो चुकी थी। तब से ही लगातार उपचार चल रहा था, जिसके कारण वह अवसाद में रहते थे। उन्हें लगता था कि अब वह ठीक नहीं हो पाएंगे। इसके अलावा कारोबार में मंदी के चलते भी वह परेशान थे। राजेश के परिवार में पत्नी रेखा ओबेराय, दो बेटे हर्षित और गर्वित के अलावा एक बेटी हिमांगी है। बेटी की शादी हो चुकी है।
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आवाज देता रहा गेटमैन, नहीं रुके राजेश
बरेली। पुलिस के मुताबिक बाकरगंज क्रॉसिंग के गेटमैन ने राजेश को ट्रैक किनारे टहलते देखकर उनका इरादा भांप लिया था। ट्रेन आने पर वह जैसे ही उसकी ओर बढ़े, गेटमैन ने उन्हें रोकने के लिए आवाजें लगाईं। मगर उसकी आवाज को अनसुना कर राजेश ने ट्रेन के आगे छलांग लगा दी।
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बाकरगंज चौकी इंचार्ज बृजपाल सिंह ने बताया कि घटना शाम करीब पौने पांच बजे हुई। दवा कारोबारी रेलवे क्रॉसिंग के पास टहल रहे थे। गेटमैन को उनके इरादों की कुछ भनक लगी तो वह उधर ही नजर रखता रहा। इसी बीच दिल्ली की ओर एक ट्रेन आई तो राजेश पटरी की ओर बढ़ने लगे। वह शोर मचाता हुआ उनकी ओर दौड़ा लेकिन तब तक वह ट्रेन के आगे छलांग लगा चुके थे। ट्रेन की टक्कर लगने के बाद वह उसमें फंस गए और 60 मीटर तक उनका शव रेलवे ट्रैक पर घिसटता चला गया। उनके शरीर के कई टुकड़े हो गए। इसके बाद गेटमैन ने रेलवे कंट्रोल मुरादाबाद को सूचना दी और वहां से पुलिस को सूचना दी गई।
जेब से मिली पर्ची पर लिखा था घर का नंबर
चौकी इंचार्ज ने बताया कि दवा कारोबारी की जेब से एक पर्ची मिली, जिस पर एक मोबाइल नंबर लिखा था। उन्होंने उस नंबर पर फोन किया लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। रात करीब आठ बजे उन्होंने दोबारा फोन किया, तब भी फोन नहीं उठा। नौ बजे एक बार फिर फोन किया लेकिन कॉल इस बार भी रिसीव नहीं हुई। मगर कुछ देर बाद दूसरी ओर से बैक कॉल आ गई। उन लोगों से बात हुई तो परिजन को घटना की जानकारी हो सकी।
कारोबारी नुकसान में थे राजेश
राजेश के घर पहुंचे दवा कारोबारियों का कहना था कि दूसरी बार के लॉकडाउन में उनका कारोबार मंदा हो गया था। कुछ स्थानीय कारोबारियों की उधारी के अलावा लखनऊ की फर्म का भी बकाया था। उस फर्म ने राजेश को नोटिस भी दे दिया था। इस वजह से भी वह तनाव में रहते थे। मगर अपनी समस्या के बारे में किसी को कुछ बताते नहीं थे।
एक दिन पहले भी निकले थे घर से, लौटा लाया कर्मचारी
घटना की सूचना मिलने पर राजेश की दुकान में काम करने वाले कर्मचारी भी उनके घर पहुंच गए। अशरफ खां छावनी निवासी सुब्हान अली ने बताया कि सोमवार शाम को भी दुकान से लौटने के बाद वह ई रिक्शा में बैठकर कहीं जाने लगे थे लेकिन वह उन्हें घर लौटा लाया। मगर इसके बाद मंगलवार को उन्होंने खुदकुशी कर ली। उन लोगों को बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि वह ऐसा भी कर सकते हैं।
हंसमुख थे राजेश, घटना पर यकीन नहीं कर पा रहे साथी
मौत की जानकारी मिलने पर केमिस्ट एसोसिएशन के दुर्गेश खटवानी, राकेश नरूला, रंजीत जौहरी, कमल कोहली, योगेंद्र अग्रवाल, विजय श्रीवास्तव, मुनीश प्रजापति, मोहित पांडे, मनु साहनी, शेरू साहनी, दीपक पांडे, रितेश मोहन, पारस सेठी, वीनस गुलाटी आदि उनके घर पहुंच गए। उन्होंने शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया और सहयोग के लिए सदैव तत्पर रहने का आश्वासन दिया। व्यापारियों का कहना था कि राजेश बहुत हंसमुख स्वभाव के थे और सबसे मिलजुल कर रहते थे। करीब दर्जन भर ऐसी दुकानें थीं, जहां वह खुद ही रोजाना जाकर दवाओं की डिमांड नोट करके लाते थे। उन लोगों का कहना था कि यकीन नहीं हो रहा है, राजेश ने यह कदम कैसे उठा लिया।
बाकरगंज क्रॉसिंग के पास एक व्यक्ति ने ट्रेन से कटकर खुदकुशी कर ली थी। देर रात उनकी शिनाख्त कर ली गई है। पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई कराई जा रही है। - आशीष प्रताप सिंह, सीओ द्वितीय
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शाम पांच बजे निकले थे घर से, साढ़े नौ बजे मिली मौत की सूचना बरेली। बरेली मंडल केमिस्ट वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष 50 वर्षीय राजेश ओबेराय ने मंगलवार शाम बाकरगंज रेलवे क्रॉसिंग के पास ट्रेन के आगे कूदकर खुदकुशी कर ली। परिजन के मुताबिक वह लंबे समय से हृदय रोग और डायबिटीज से पीड़ित होने के चलते अवसाद में रहते थे। कोराबार में मंदी के चलते उनके परेशान होने की बात भी सामने आ रही है।
प्रेमनगर स्थित विष्णु सागर आवास में रहने वाले दवा कारोबारी राजेश ओबेराय की शास्त्री मार्केट में करीब 30 साल पुरानी दुकान है। रोजाना की तरह ही मंगलवार शाम करीब पांच बजे वह दुकान से घर लौटे और थैला रखने के बाद वापस चले गए। परिवार वालों ने उनके जाने पर ध्यान भी नहीं दिया। रात करीब साढ़े नौ बजे किला थाने की बाकरगंज चौकी से सूचना मिली कि उन्होंने ट्रेन के सामने कूदकर खुदकुशी कर ली है। सूचना मिलते ही उनके दोनों बेटे हर्षित और गर्वित समेत तमाम दवा व्यापारी कारोबारी बाकरगंज चौकी पर पहुंच गए। वहीं, दुर्गेश खटवानी समेत कई दवा कारोबारी उनके घर भी पहुंच गए। उन लोगों ने बताया कि राजेश हृदय रोग और डायबिटीज से पीड़ित थे। दो साल पहले दिल्ली में उनकी ओपन हार्ट सर्जरी भी हो चुकी थी। तब से ही लगातार उपचार चल रहा था, जिसके कारण वह अवसाद में रहते थे। उन्हें लगता था कि अब वह ठीक नहीं हो पाएंगे। इसके अलावा कारोबार में मंदी के चलते भी वह परेशान थे। राजेश के परिवार में पत्नी रेखा ओबेराय, दो बेटे हर्षित और गर्वित के अलावा एक बेटी हिमांगी है। बेटी की शादी हो चुकी है।
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आवाज देता रहा गेटमैन, नहीं रुके राजेश
बरेली। पुलिस के मुताबिक बाकरगंज क्रॉसिंग के गेटमैन ने राजेश को ट्रैक किनारे टहलते देखकर उनका इरादा भांप लिया था। ट्रेन आने पर वह जैसे ही उसकी ओर बढ़े, गेटमैन ने उन्हें रोकने के लिए आवाजें लगाईं। मगर उसकी आवाज को अनसुना कर राजेश ने ट्रेन के आगे छलांग लगा दी।
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बाकरगंज चौकी इंचार्ज बृजपाल सिंह ने बताया कि घटना शाम करीब पौने पांच बजे हुई। दवा कारोबारी रेलवे क्रॉसिंग के पास टहल रहे थे। गेटमैन को उनके इरादों की कुछ भनक लगी तो वह उधर ही नजर रखता रहा। इसी बीच दिल्ली की ओर एक ट्रेन आई तो राजेश पटरी की ओर बढ़ने लगे। वह शोर मचाता हुआ उनकी ओर दौड़ा लेकिन तब तक वह ट्रेन के आगे छलांग लगा चुके थे। ट्रेन की टक्कर लगने के बाद वह उसमें फंस गए और 60 मीटर तक उनका शव रेलवे ट्रैक पर घिसटता चला गया। उनके शरीर के कई टुकड़े हो गए। इसके बाद गेटमैन ने रेलवे कंट्रोल मुरादाबाद को सूचना दी और वहां से पुलिस को सूचना दी गई।
जेब से मिली पर्ची पर लिखा था घर का नंबर
चौकी इंचार्ज ने बताया कि दवा कारोबारी की जेब से एक पर्ची मिली, जिस पर एक मोबाइल नंबर लिखा था। उन्होंने उस नंबर पर फोन किया लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। रात करीब आठ बजे उन्होंने दोबारा फोन किया, तब भी फोन नहीं उठा। नौ बजे एक बार फिर फोन किया लेकिन कॉल इस बार भी रिसीव नहीं हुई। मगर कुछ देर बाद दूसरी ओर से बैक कॉल आ गई। उन लोगों से बात हुई तो परिजन को घटना की जानकारी हो सकी।कारोबारी नुकसान में थे राजेश
राजेश के घर पहुंचे दवा कारोबारियों का कहना था कि दूसरी बार के लॉकडाउन में उनका कारोबार मंदा हो गया था। कुछ स्थानीय कारोबारियों की उधारी के अलावा लखनऊ की फर्म का भी बकाया था। उस फर्म ने राजेश को नोटिस भी दे दिया था। इस वजह से भी वह तनाव में रहते थे। मगर अपनी समस्या के बारे में किसी को कुछ बताते नहीं थे।एक दिन पहले भी निकले थे घर से, लौटा लाया कर्मचारी
घटना की सूचना मिलने पर राजेश की दुकान में काम करने वाले कर्मचारी भी उनके घर पहुंच गए। अशरफ खां छावनी निवासी सुब्हान अली ने बताया कि सोमवार शाम को भी दुकान से लौटने के बाद वह ई रिक्शा में बैठकर कहीं जाने लगे थे लेकिन वह उन्हें घर लौटा लाया। मगर इसके बाद मंगलवार को उन्होंने खुदकुशी कर ली। उन लोगों को बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि वह ऐसा भी कर सकते हैं।हंसमुख थे राजेश, घटना पर यकीन नहीं कर पा रहे साथी
मौत की जानकारी मिलने पर केमिस्ट एसोसिएशन के दुर्गेश खटवानी, राकेश नरूला, रंजीत जौहरी, कमल कोहली, योगेंद्र अग्रवाल, विजय श्रीवास्तव, मुनीश प्रजापति, मोहित पांडे, मनु साहनी, शेरू साहनी, दीपक पांडे, रितेश मोहन, पारस सेठी, वीनस गुलाटी आदि उनके घर पहुंच गए। उन्होंने शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया और सहयोग के लिए सदैव तत्पर रहने का आश्वासन दिया। व्यापारियों का कहना था कि राजेश बहुत हंसमुख स्वभाव के थे और सबसे मिलजुल कर रहते थे। करीब दर्जन भर ऐसी दुकानें थीं, जहां वह खुद ही रोजाना जाकर दवाओं की डिमांड नोट करके लाते थे। उन लोगों का कहना था कि यकीन नहीं हो रहा है, राजेश ने यह कदम कैसे उठा लिया।बाकरगंज क्रॉसिंग के पास एक व्यक्ति ने ट्रेन से कटकर खुदकुशी कर ली थी। देर रात उनकी शिनाख्त कर ली गई है। पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई कराई जा रही है। - आशीष प्रताप सिंह, सीओ द्वितीय