फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Seven districts, including the Bareilly division, are highly vulnerable to the deadly disease Kala-azar.

Bareilly News: बरेली मंडल सहित सात जिले जानलेवा कालाजार रोग के प्रति अतिसंवेदनशील

Thu, 30 Jul 2026 01:47 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 30 Jul 2026 01:47 AM IST
विज्ञापन
Seven districts, including the Bareilly division, are highly vulnerable to the deadly disease Kala-azar.
बरेली। उत्तराखंड और नेपाल में घातक कालाजार रोग के मरीज मिलने के बाद सीमा से सटे जिलों को अतिसंवेदनशील सूची में शामिल किया गया है। बरेली मंडल के चारों जिलों (पीलीभीत, बदायूं, शाहजहांपुर व बरेली) के साथ ही लखीमपुर खीरी, संभल, रामपुर में स्वास्थ्य विभाग संदिग्ध लक्षण वाले लोगों को चिह्नित कर जांच की तैयारी में है।
विज्ञापन

एयरपोर्ट रोड स्थित होटल में आयोजित कार्यशाला में यह जानकारी बुधवार को मलेरिया विभाग के अपर निदेशक एके चौधरी ने दी। बताया कि कालाजार (विसेरल लीशमैनियासिस) गंभीर और जानलेवा परजीवी बीमारी है। समय पर इलाज न मिलने पर यह जानलेवा हो सकती है।
विज्ञापन

यह परजीवी सैंडफ्लाई (बालू मक्खी) के काटने से फैलती है। यह मक्खी आकार में मच्छरों से छोटी और नमी वाले अंधेरे स्थानों (मिट्टी के घरों की दरारों) में मिलती है। परजीवी से संक्रमित होने पर कई दिन बाद लक्षण उभरते हैं। इसमें रुक-रुककर तेज बुखार आता है, जो दवा से ठीक नहीं होता।
विज्ञापन
विज्ञापन

बताया कि इस बीमारी से प्लीहा, यकृत में सूजन, हाथ, पैर, चेहरे, पेट की त्वचा का रंग गहरा भूरा या काला पड़ जाता है। इसीलिए इसे कालाजार कहते हैं। शरीर में खून (आरबीसी) की कमी होने लगती है। कमजोरी महसूस होती है। भूख कम लगने के साथ ही वजन कम होने लगता है। इसकी जांच सीरोलॉजिकल से होती है।


रोग की नहीं है वैक्सीन, जागरूकता ही बचाव
एडी हेल्थ डॉ. सीमा अग्रवाल ने बताया कि कालाजार की कोई वैक्सीन (टीका) नहीं है। इसलिए बचाव ही सबसे सुरक्षित तरीका है। घरों की दीवारों और सैंडफ्लाई के छिपने वाले स्थानों पर डीडीटी या सिंथेटिक कीटनाशकों का छिड़काव कराना चाहिए। कीटनाशक युक्त मच्छरदानी का प्रयोग करना चाहिए। पूरी आस्तीन के कपड़े पहनने चाहिए। कार्यशाला में डीएमओ सत्येंद्र कुमार समेत अन्य विभागीय अफसर मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed