'खाकी' पर दाग: जुआ, स्मैक हो या सट्टा, हर जगह सेट है पुलिस का पत्ता; हैरान करने वाले हैं ये मामले
बरेली में पुलिस पर गंभीर आरोप लगते रहे हैं। कभी नशे की खातिर पुलिसकर्मियों ने बवाल किया तो जुआ और तस्करी के मामले में भी खाकी पर दाग लगे। जिले में बीते कुछ दिनों में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिससे पुलिस पर सवाल खड़े हुए हैं।
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बरेली जिला यूं ही नहीं स्मैक तस्करी का हब बनकर उभरा है। इसमें कहीं न कहीं पुलिस की भी संलिप्तता है। समय-समय पर यह खेल उजागर भी होता रहा है। स्मैक तस्करी, जुआ से लेकर सट्टेबाजी तक, हर जगह खाकी का पत्ता सेट है। आपराधिक गतिविधियों में पुलिसकर्मियों की संलिप्तता से महकमे की भी बदनामी हो रही है।
शराब पीकर चौकी में मारपीट से लेकर प्रेम प्रसंग तक के मामले भी चर्चित रहे हैं। पुलिसकर्मी इस कदर बेलगाम हो गए हैं कि भमोरा थाना क्षेत्र में जुआरी बताते हुए निर्दोष को पीटकर मार डाला। हालांकि, चर्चा में आने के बाद कुछ मामलों में आरोपी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई भी हुई है। इसके बाद भी इस तरह की घटनाओं पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।
पुलिस की पिटाई से हुई थी किसान की मौत
10 नवंबर को भमोरा थाने की सरदारनगर चौकी पुलिस आलमपुर जाफराबाद में जुआ पकड़ने गई थी। इसके लिए अफसरों से कोई अनुमति भी नहीं ली गई। पुलिसवालों को जुआरी नहीं मिले तो किसान संतोष शर्मा की पिटाई कर दी। इससे उनकी मौत हो गई। पुलिसवालों समेत 10 लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया।
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एसएसपी ने अब तक आठ पुलिस वालों को निलंबित किया है। आरोपी जमानत के लिए हाईकोर्ट में पैरवी करने में लगे हैं, अभी तक एक भी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। सोमवार शाम को बिथरी विधायक डॉ. राघवेंद्र शर्मा, संतोष शर्मा के घर पहुंचे। संतोष के परिजनों ने गिरफ्तारी न होने पर नाराजगी जताई तो विधायक ने अधिकारियों को कॉल करके जल्द गिरफ्तारी करने को कहा।
आंवला कस्बा चौकी में पुलिसवालों ने शनिवार रात शराब पार्टी के बाद आपस में मारपीट कर ली। एसएसपी ने पांच सिपाहियों को अनुशासनहीनता के आरोप में निलंबित कर दिया है। फरीदपुर सीओ को मामले की जांच सौंपी गई है। पुलिस चौकी में लगातार शराब पार्टी होने से चौकी प्रभारी अमित कुमार की भूमिका भी सवालों के घेरे में है।
वहीं, सितंबर में बंदी रामा उर्फ समीर को बरेली पुलिस के जवान प्रतापगढ़ पेशी पर लेकर गए थे। रास्ते में पुलिसवालों ने बंदी के साथ होटल में शराब पार्टी की थी। इसके फोटो और वीडियो वायरल हुए तो एसएसपी ने हेड कांस्टेबल महेंद्र, कांस्टेबल छत्रपाल व रजनीश को अनुशासनहीनता के आरोप में निलंबित कर दिया था।
एसओजी के दीवान मोहित शर्मा और शकील का नाम लेकर बात कर रहे सट्टेबाजों का ऑडियो वायरल हुआ था। इसमें सट्टेबाज दोनों को अपना दोस्त बताते हुए कह रहा था कि खुलकर काम कर सकते हैं। एसपी सिटी की जांच में पता लगा कि दोनों का ही आरोपियों से जुड़ाव था।
मोहित के खिलाफ शाहजहांपुर एसओजी में तैनाती के दौरान लूट का मुकदमा भी दर्ज हुआ था। बाद में एसएसपी ने दोनों को निलंबित कर दिया। वहीं, कैंट थाने का सिपाही रविंद्र सिंह स्मैक तस्करी में लगा था। सितंबर में उत्तराखंड के लालकुआं में एसओजी ने सिपाही और उसके दो साथियों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद एसएसपी ने सिपाही रविंद्र को निलंबित कर दिया था।
आईजी रेंज डॉ. राकेश कुमार सिंह ने बताया कि गलत आचरण में लिप्त पुलिसकर्मियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। शिकायतों पर जांच कर निलंबन किया जा रहा है। कुछ मामलों में दोषी स्टाफ पर रिपोर्ट भी कराई गई है। अब ज्यादा गंभीर आरोपों के मामले में निलंबित पुलिसकर्मियों की बर्खास्तगी के भी निर्देश दिए जाएंगे।