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Sawan 2023: आठ दरिद्रताओं का नाश करेगा आठवां सोमवार, भक्तों ने गंगाजल से किया महादेव का जलाभिषेक

Mon, 28 Aug 2023 03:34 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली Published by: मुकेश कुमार Updated Mon, 28 Aug 2023 03:34 PM IST
सार

बरेली के नाथ मंदिरों में आठवें सोमवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कांवड़ियों ने गंगाजल से भगवान शिव का जलाभिषेक किया।  

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Sawan 2023 Eighth Monday will destroy eight poverty
सावन 2023 - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

यूं तो सावनभर भक्त भगवान शिव की शरण में रहते हैं। उनकी पूजा अर्चना और जलाभिषेक करते हैं। सात सोमवार को भक्तों ने धूमधाम से पूजा अर्चना की। भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त किया। लेकिन अधिक मास की वजह से सावन के आठवें सोमवार का विशेष महत्व है। आठवां सोमवार अष्ट दारिद्रय विनाशक है। बरेली के नाथ मंदिरों में आठवें सोमवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कांवड़ियों ने गंगाजल से भगवान शिव का जलाभिषेक किया।  

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सावन के आखिरी या आठवें सोमवार को भगवान शिव का पूजन करने और व्रत रखने से आठ प्रकार की दरिद्रता का नाश होगा। ज्योतिषाचार्य पंडित मुकेश मिश्रा के अनुसार, सावन का महीना भोलेनाथ को सर्वप्रिय है। 
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सावन के सोमवार भोलेनाथ को विशेष रूप से समर्पित माने गए हैं। इस बार अधिक मास के कारण सावन में आठ सोमवार का संयोग बना। आठवें सोमवार के व्रत और पूजा-अर्चना से शिव जी की विशेष कृपा हासिल की जा सकती है।

धर्म ग्रंथों के अनुसार आयु, आरोग्य, अभिद्धि, पुत्र-पौत्र, धनधान्य, सफलता, शांति और कीर्ति ये आठ ऐश्वर्य माने गए हैं। इन आठ प्रकार के ऐश्वर्य का अभाव ही अष्ट दारिद्रय कहा जाता है। जिनके जीवन में इन आठ ऐश्वर्य का अभाव है उनका जीवन बहुत ही कष्टकारी माना जाता है। किसी एक ऐश्वर्य का अभाव ही व्यक्ति की परेशानी का कारण बनता है। ऐसे में सावन के इस आठवें सोमवार को पूजन-अर्चन, जलाभिषेक और उपवास करने पर भोले बाबा की कृपा से अभाव प्रभाव में बदल जाएगा।

सावन का आठवां और माह की विदाई का अंतिम सोमवार है। इसमें त्रिभुवन स्वामी देवाधिदेव महादेव अपने भक्तों को सौभाग्य की वृद्धि के लिए आयुष्मान का वरदान देंगे। ज्योतिष के अनुसार, सावन के आखिरी सोमवार को प्रात: 9:54 बजे तक आयुष्मान योग रहेगा। उसके उपरांत सौभाग्य योग व्याप्त हो जाएगा। इन दोनों योगों का संयोग अंतिम सोमवार के महत्व को कई गुना अधिक बढाएगा। ये दोनों योग ज्योतिष में विशेष अहमियत रखते हैं। 

इन दोनों योगों में पूजा-पाठ, जलाभिषेक, व्रत-उपवास आदि करने से आर्थिक तंगी और जीवन की परेशानियों से मुक्ति मिलती है। जातकों को आयु, यश, वैभव, धन-संपन्नता की प्राप्ति सरलता से होती है। कुल मिलाकर अंतिम सोमवार को भगवान भोलेनाथ अपने भक्तों पर असीम कृपा बरसा कर सभी अभिलाषाओं को परिपूर्ण करने वाले हैं।

शिव पुष्पांजलि का सोमवार

जिन जातकों ने सावन में किसी कारण पूजा-पाठ जलाभिषेक नहीं किया है, तो ऐसे जातकों के लिए अंतिम सोमवार विशेष महत्व रखता है। धर्म शास्त्रों में कहा गया है कि पूजा-पाठ के अंत में अगर कोई भक्त पुष्पांजलि भी अर्पण करता है तो उसे पूजा पाठ का पूर्ण फल मिलता है। आठवां सोमवार भी पुष्पांजलि की तरह है। समर्पण भाव से भगवान को पुष्पांजलि निवेदित करें। भगवान भोलेनाथ पूर्ण कृपा बरसाएंगे।

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