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सेटेलाइट फ्लाईओवर : संतोष बोले- चिट्ठी भेजने का मतलब सबकुछ फाइनल नहीं

Sun, 15 Sep 2019 02:46 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 15 Sep 2019 02:46 AM IST
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satelite flyover bridge
बरेली। निर्माणाधीन सेटेलाइट फ्लाईओवर की एक लेन को नक्शे में संशोधन करके पीलीभीत रोड पर बस स्टेशन की ओर भी उतारने के मुद्दे पर शनिवार को केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने स्थिति साफ की। उन्होंने कहा कि इसके लिए उनकी तरफ से चिट्ठी लिखे जाने का यह मतलब नहीं है कि सबकुछ फाइनल हो गया है। सेतु निगम के एक्सपर्ट यहां सर्वे करने के बाद ही कोई निर्णय लेंगे और उसे ही अंतिम माना जाएगा। उन्होंने बताया कि सर्वे के लिए सेतु निगम के प्रबंध निदेशक के साथ एक्सपर्ट्स की टीम इसी हफ्ते लखनऊ से बरेली पहुंचेगी जो सेटेलाइट फ्लाईओवर के अलावा दूसरे निर्माणाधीन पुलों का भी जायजा लेकर उनके निर्माण की गुणवत्ता परखेगी।
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सेटेलाइट फ्लाईओवर का मूल नक्शा सिर्फ श्यामगंज और शाहजहांपुर रोड को जोड़ने के लिए बनाया गया था। हाल ही में कुछ लोगों का सुझाव मिलने के बाद केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने मुख्यमंत्री और सेतु निगम के उच्चाधिकारियों को इस पुल की एक लेन पीलीभीत रोड पर भी उतारने के लिए चिट्ठी लिखी थी। इस चिट्ठी के बाद यह भी सवाल उठने लगे कि सेटेलाइट चौराहे से पीलीभीत की ओर निकली सड़क 65 से 70 मीटर तक चौड़ी है तो इस पर साढ़े आठ मीटर चौड़ा पुल बनाकर किस तरह ट्रैफिक जाम की समस्या खत्म होने की उम्मीद की जा रही है। बता दें कि इससे पहले सेटेलाइट पुल के मूल नक्शे पर भी सवाल उठे थे। दरअसल ईसाईयों की पुलिया से चौराहे की ओर जाने वाली सड़क भी लगभग 40 मीटर तक चौड़ी है। अतिक्रमण से घिरी इस सड़क पर भी साढ़े आठ मीटर चौड़ा पुल बनने से कुछ लोगों को राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। खुद वरिष्ठ प्रशासनिक अफसर पहले से इसको लेकर मुतमईन नहीं थे, लेकिन इसके बावजूद इस पुल को मंजूरी मिल गई थी।
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सेटेलाइट फ्लाईओवर के डिजाइन पर उठ रहे सवालों की जानकारी मिलने के बाद शनिवार को संतोष गंगवार ने इस बारे में पूरी स्थिति साफ की। उन्होंने बताया कि उनकी चिट्ठी का मतलब यह नहीं है कि सबकुछ इसी पर फाइनल हो गया है। दरअसल सेतु निगम ने इस पर काम शुरू कर दिया है। कुछ दिन पहले उन्होंने बरेली में निर्माणाधीन सभी परियोजनाओं के बारे में सेतु निगम के प्रमुख निदेशक से वार्ता की थी। फोन पर हुई इस वार्ता के बाद तय हुआ है कि प्रबंध निदेशक खुद इसी सप्ताह एक्सपर्ट टीम को लेकर बरेली आएंगे। टीम यहां आकर सेटेलाइट, लाल फाटक, आईवीआरआई और अन्य निर्माणाधीन परियोजनाओं का जायजा लेगी। इसके साथ पीलीभीत रोड पर एक लेन उतारे जाने की भी फिजिबिलिटी परखेगी। इसके बाद ही तय होगा कि 70 मीटर चौड़ी सड़क पर पुल की एक लेन उतारी जाए या नहीं।
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