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Bareilly News: केसर चीनी मिल की बिक्री फिर टली
Fri, 24 Jul 2026 12:59 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Fri, 24 Jul 2026 12:59 AM IST
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बहेड़ी। केसर चीनी मिल की बिक्री एक बार फिर टल गई है। इसके साथ ही भुगतान के लिए परेशान किसानों की बेचैनी भी बढ़ गई है। कई किसान नेताओं की ओर से भुगतान कराने के लिए गन्ना विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया गया। बताया जा रहा है कि शुक्रवार को डीएम ने चीनी मिल प्रबंधन, गन्ना विभाग तथा स्थानीय प्रशासन की एक बैठक बरेली में बुलाई है।
केसर चीनी मिल पर क्षेत्र के किसानों का करीब 161 करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य बकाया है। इसको लेकर किसान कई बार आंदोलन कर चुके हैं। केसर चीनी मिल प्रबंधन चीनी मिल को बेचने के लिए कई कंपनियों से बातचीत कर रहा है। हरियाणा की सरस्वती शुगर मिल से बातचीत अंतिम दौर में पहुंचने के बाद टूट गई। चीनी मिल बिकने के बाद जल्द भुगतान की आस लगाए बैठे किसानों में भी इसको लेकर निराशा है।
इसकी जानकारी सार्वजनिक होने के बाद ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक संजय कुमार राव, गन्ना समिति के सचिव राजीव सेठ के पास बुधवार रात से ही कॉल आने लगे। कुछ किसानों ने चीनी मिल पहुंचकर जल्द भुगतान मांगा। इसके बाद गन्ना विभाग के अफसरों ने जानकारी डीएम को दी।
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जमीन की नीलामी भी फंसी
चीनी मिल की मुड़िया मुकर्रमपुर स्थित करीब साढ़े ग्यारह एकड़ जमीन 28.5 करोड़ रुपये में 31 मई को नीलाम हुई थी। क्षेत्र के लोगों ने नीलामी औने-पौने दाम पर करने का आरोप लगाया। कहा कि यह जमीन 100 करोड़ रुपये की है। जान-बूझकर इसे कम कीमत पर बेचा गया। इसके बाद जिलाधिकारी अविनाश कुमार सिंह ने ऊंची कीमत पर खरीदने वाले निवेशकों को मौका दिया। कुछ निवेशकों ने अपने ड्राफ्ट भी जमा किए हैं। अब इस जमीन की नीलामी सर्किल रेट को लेकर फंस गई है। प्रशासन ने साफ किया है कि एक अगस्त को नए सर्किट रेट जारी होने के बाद इस जमीन की नीलामी कराई जाएगी।
अन्य संपत्तियों का जुटा रहे ब्योरा
बहेड़ी। केसर चीनी मिल के सीएमडी की उत्तराखंड में कई संपत्तियां हैं। जाजू नागर, अकबराबाद तथा टांडा में भी जमीन है। गन्ना विभाग के अफसरों की मानें तो इनका ब्योरा भी जुटाया जा रहा है। जल्द भुगतान न होने की स्थिति में इनकी नीलामी भी कराई जा सकती है। सहकारी गन्ना विकास समिति बहेड़ी के सचिव राजीव सेठ ने आरोप लगाया कि चीनी मिल प्रबंधन गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर कुछ नहीं कर रहा है।
वर्जन :
सरस्वती शुगर इंडस्ट्री से बात चल रही थी। सौदा नहीं हो पाया। अभी दो और जगह भी बात की जा रही है। बड़ा सौदा है। कहीं बात बनती है तो कहीं नहीं बन पाती है। किसान भाइयों को धैर्य रखना चाहिए। जिस दिन बिक्री होगी, हम खुद इसकी घोषणा करेंगे। शरत मिश्र, सीईओ, केसर चीनी मिल
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केसर चीनी मिल पर क्षेत्र के किसानों का करीब 161 करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य बकाया है। इसको लेकर किसान कई बार आंदोलन कर चुके हैं। केसर चीनी मिल प्रबंधन चीनी मिल को बेचने के लिए कई कंपनियों से बातचीत कर रहा है। हरियाणा की सरस्वती शुगर मिल से बातचीत अंतिम दौर में पहुंचने के बाद टूट गई। चीनी मिल बिकने के बाद जल्द भुगतान की आस लगाए बैठे किसानों में भी इसको लेकर निराशा है।
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इसकी जानकारी सार्वजनिक होने के बाद ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक संजय कुमार राव, गन्ना समिति के सचिव राजीव सेठ के पास बुधवार रात से ही कॉल आने लगे। कुछ किसानों ने चीनी मिल पहुंचकर जल्द भुगतान मांगा। इसके बाद गन्ना विभाग के अफसरों ने जानकारी डीएम को दी।
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जमीन की नीलामी भी फंसी
चीनी मिल की मुड़िया मुकर्रमपुर स्थित करीब साढ़े ग्यारह एकड़ जमीन 28.5 करोड़ रुपये में 31 मई को नीलाम हुई थी। क्षेत्र के लोगों ने नीलामी औने-पौने दाम पर करने का आरोप लगाया। कहा कि यह जमीन 100 करोड़ रुपये की है। जान-बूझकर इसे कम कीमत पर बेचा गया। इसके बाद जिलाधिकारी अविनाश कुमार सिंह ने ऊंची कीमत पर खरीदने वाले निवेशकों को मौका दिया। कुछ निवेशकों ने अपने ड्राफ्ट भी जमा किए हैं। अब इस जमीन की नीलामी सर्किल रेट को लेकर फंस गई है। प्रशासन ने साफ किया है कि एक अगस्त को नए सर्किट रेट जारी होने के बाद इस जमीन की नीलामी कराई जाएगी।
अन्य संपत्तियों का जुटा रहे ब्योरा
बहेड़ी। केसर चीनी मिल के सीएमडी की उत्तराखंड में कई संपत्तियां हैं। जाजू नागर, अकबराबाद तथा टांडा में भी जमीन है। गन्ना विभाग के अफसरों की मानें तो इनका ब्योरा भी जुटाया जा रहा है। जल्द भुगतान न होने की स्थिति में इनकी नीलामी भी कराई जा सकती है। सहकारी गन्ना विकास समिति बहेड़ी के सचिव राजीव सेठ ने आरोप लगाया कि चीनी मिल प्रबंधन गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर कुछ नहीं कर रहा है।
वर्जन :
सरस्वती शुगर इंडस्ट्री से बात चल रही थी। सौदा नहीं हो पाया। अभी दो और जगह भी बात की जा रही है। बड़ा सौदा है। कहीं बात बनती है तो कहीं नहीं बन पाती है। किसान भाइयों को धैर्य रखना चाहिए। जिस दिन बिक्री होगी, हम खुद इसकी घोषणा करेंगे। शरत मिश्र, सीईओ, केसर चीनी मिल