{"_id":"57eebe324f1c1bcc09574c6b","slug":"ruviv-an-unwilling-student-union-elections","type":"story","status":"publish","title_hn":"रुविव में छात्र संघ चुनाव कराने को कोई तैयार नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रुविव में छात्र संघ चुनाव कराने को कोई तैयार नहीं
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
Updated Sat, 01 Oct 2016 01:05 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव होने की उम्मीदों को एक और झटका लगा है। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से चुनाव अधिकारी बनने के लिए मांगी गई सहमति देने से प्रो. नीलिमा गुप्ता ने इंकार कर दिया है। उन्होंने कहा है कि डीएसडब्लू होने केे नाते उन पर स्कालरशिप की जिम्मेदारी भी है और यह काम शासन की प्राथमिकता पर है, ऐसे में वह चुनाव कराएंगी तो अन्य काम प्रभावित होंगे।
प्रो. नीलिमा 2012 में हुए छात्र संघ चुनाव में चुनाव अधिकारी थीं। उनके अनुभव को देखते हुए छात्र नेताओं की मांग पर कुलसचिव डॉ. साहबलाल मौर्य ने उनको जिम्मेदारी संभालने के लिए पत्र लिखा था। जवाब में प्रो. नीलिमा गुप्ता ने इंकार कर दिया है। हालांकि उनका कहना है कि वह इससे पहले ही कुलपति की अध्यक्षता में हुई सारे डीन की बैठक में चुनाव अधिकारी बनने से इंकार कर चुकी थीं। इस बैठक में तय हुआ था कि आपसी सहमति से चुनाव अधिकारी तय कर लिया जाएगा लेकिन अब तक कोई तैयार नहीं हुआ है। वजह साफ है शुरू से ही विश्वविद्यालय प्रशासन के चुनाव कराने को लेकर अपनाए जा रहे लचर रुख के चलते कोई भी डीन चुनाव अधिकारी बनने के विवाद में नहीं पड़ना चाहता। कुलपति प्रो. मुशाहिद हुसैन और प्रतिकुलपति प्रो. वीपी सिंह छात्रों से लगातार कहते आ रहे हैं कि बवाल से बचने के लिए वह बिना सुरक्षा बंदोबस्त के चुनाव नहीं कराएंगे। चुनाव अधिकारी बनने के लिए किसी का तैयार न होना दूसरा मुद्दा था। प्रो. नीलिमा के इनकार के बाद अब विश्वविद्यालय प्रशासन को किसी और डीन से इसके लिए आग्रह करना पड़ेगा लेकिन जरूरी नहीं कोई और तैयार हो जाए। ऐसे में छात्र संघ चुनाव होने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं।
कोट...
मेरे पास डीएसडब्लू की जिम्मेदारी पहले से है। कई रिसर्च वर्क भी चल रहे हैं। स्कालरशिप का काम भी देखना है, जो शासन की प्राथमिकता का है, ऐसे में अगर मैं चुनाव कराऊंगी तो कई काम प्रभावित हो जाएंगे इसलिए चुनाव अधिकारी बनने से असमर्थता जताई है।
विज्ञापन
-प्रो. नीलिमा गुप्ता
विज्ञापन
प्रो. नीलिमा 2012 में हुए छात्र संघ चुनाव में चुनाव अधिकारी थीं। उनके अनुभव को देखते हुए छात्र नेताओं की मांग पर कुलसचिव डॉ. साहबलाल मौर्य ने उनको जिम्मेदारी संभालने के लिए पत्र लिखा था। जवाब में प्रो. नीलिमा गुप्ता ने इंकार कर दिया है। हालांकि उनका कहना है कि वह इससे पहले ही कुलपति की अध्यक्षता में हुई सारे डीन की बैठक में चुनाव अधिकारी बनने से इंकार कर चुकी थीं। इस बैठक में तय हुआ था कि आपसी सहमति से चुनाव अधिकारी तय कर लिया जाएगा लेकिन अब तक कोई तैयार नहीं हुआ है। वजह साफ है शुरू से ही विश्वविद्यालय प्रशासन के चुनाव कराने को लेकर अपनाए जा रहे लचर रुख के चलते कोई भी डीन चुनाव अधिकारी बनने के विवाद में नहीं पड़ना चाहता। कुलपति प्रो. मुशाहिद हुसैन और प्रतिकुलपति प्रो. वीपी सिंह छात्रों से लगातार कहते आ रहे हैं कि बवाल से बचने के लिए वह बिना सुरक्षा बंदोबस्त के चुनाव नहीं कराएंगे। चुनाव अधिकारी बनने के लिए किसी का तैयार न होना दूसरा मुद्दा था। प्रो. नीलिमा के इनकार के बाद अब विश्वविद्यालय प्रशासन को किसी और डीन से इसके लिए आग्रह करना पड़ेगा लेकिन जरूरी नहीं कोई और तैयार हो जाए। ऐसे में छात्र संघ चुनाव होने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं।
विज्ञापन
कोट...
मेरे पास डीएसडब्लू की जिम्मेदारी पहले से है। कई रिसर्च वर्क भी चल रहे हैं। स्कालरशिप का काम भी देखना है, जो शासन की प्राथमिकता का है, ऐसे में अगर मैं चुनाव कराऊंगी तो कई काम प्रभावित हो जाएंगे इसलिए चुनाव अधिकारी बनने से असमर्थता जताई है।
विज्ञापन
-प्रो. नीलिमा गुप्ता