{"_id":"577c119d4f1c1b72027fb125","slug":"ruhelkhand-dominated-in-the-center-with-three-ministers","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीन मंत्रियों के साथ केंद्र में रुहेलखंड का दबदबा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीन मंत्रियों के साथ केंद्र में रुहेलखंड का दबदबा
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Wed, 06 Jul 2016 01:29 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केंद्रीय मंत्रिमंडल में बदलाव में सबसे ज्यादा महत्व रुहेलखंड को मिला है। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर शाहजहांपुर की सांसद कृष्णा राज को मंत्री बनाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बरेली मंडल को तीन लालबत्ती दे दी हैं। बरेली मंडल के लिए यह एक इतिहास बनने जैसा है। बदायूं को छोड़कर बाकी तीनों जिलों से एक-एक केंद्रीय मंत्री होना बड़ा फैसला है।
इस बदलाव में संतोष गंगवार को भले ही कपड़ा से वित्त जैसे महत्वपूर्ण विभाग में भेजा गया है लेकिन राज्यमंत्री के तौर पर उनसे स्वतंत्र प्रभार हट गया है। इसे उनका कद घटने के रूप में देखा जा रहा है। रणनीतिकार इसको अनुप्रिया पटेल को मंत्री बनाने से भी जोड़ रहे हैं। कुर्मी बिरादरी को भाजपा ने अनुप्रिया के रूप में एक और चेहरा दिया है। इसलिए इस बिरादरी से ताल्लुक रखने वाले संतोष से स्वतंत्र प्रभार हटाने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। इसे ध्यान में रखकर यह निर्णय हुआ है। दलित वर्ग की पासी बिरादरी को ध्यान में रखकर शाहजहांपुर की सांसद कृष्णा राज को केंद्रीय मंत्रिमंडल में लिया गया है। भाजपा का मानना है कि उनको मंत्री बनाने का फायदा विधानसभा चुनाव में मिलेगा लेकिन उनको मंत्रिमंडल में शामिल करने से पहले बरेली मंडल से तीन मंत्री रखने पर काफी मंथन किया गया था। चूंकि पीलीभीत की सांसद मेनका गांधी का अपना कद है इसलिए उन पर किसी निर्णय की संभावना ही नहीं थी। ऐसे में संतोष गंगवार के स्वतंत्र प्रभार पर ही आंच आनी तय हो गई थी। पार्टी में उनकी वरिष्ठता और सात बार सांसद होने की वजह से उनको मंत्री बनाए रखना जरूरी माना गया लेकिन सीधे तौर पर स्वतंत्र प्रभार हटने का असर न दिखे इसलिए स्मृति ईरानी के पास कपड़ा मंत्रालय कैबिनेट में जाने के बाद संतोष गंगवार को पुराने विभाग में बनाए रखना उचित नहीं समझा गया सो उनको वित्त जैसा अहम विभाग दे दिया गया।
गौरतलब है कि बरेली मंडल को महिला कल्याण एवं बाल विकास विभाग पूरी तरह से मिल गया है। पीलीभीत की सांसद मेनका गांधी इस विभाग के साथ कैबिनेट में हैं और शाहजहांपुर की सांसद कृष्णा राज राज्यमंत्री के रूप में उनकी सहयोग रहेंगी।
विज्ञापन
क्या अटक जाएंगे प्रोजेक्ट
संतोष गंगवार ने कपड़ा राज्यमंत्री रहते बरेली में टेक्सटाइल पार्क और मेगा क्लस्टर के प्रोजेक्ट पर कार्य शुरू कर दिया था लेकिन उनका विभाग बदलने से सवाल यह उठने लगा है कि अब इस प्रोजेक्ट का क्या होगा। गंगवार वित्त विभाग में रहते हुए क्या इसे पूरा करवा पाएंगे या फिर यह प्रोजेक्ट अटके रहेंगे।
रुहेलखंड का होगा विकास : भाजपा
केंद्रीय मंत्रिमंडल में बदलाव पर भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. श्याम बिहारी लाल ने कहा कि बरेली मंडल से तीन मंत्री बनाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रुहेलखंड को खास महत्व दिया है। इससे साफ है कि वह रुहेलखंड में बेहतर विकास कराना चाहते हैं। भाजपा सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की बात भी करती है।
गदगद हैं कृष्णा राज के भैया-भाभी
फैजाबाद। जिले के अमानीगंज ब्लॉक के महमदपुर में जन्मी और पली-बढ़ी बेटी की ऊंची उड़ान से हर कोई गदगद है। इस बेटी का नाम कृष्णा राज है, जिसने अपनी ससुराल शाहजहांपुर से सांसद होकर अब नरेंद्र मोदी सरकार में राज्यमंत्री पद की शपथ ली है। बहन के मंत्री बनने से रामनगर कालोनी में रह रहे बड़े भाई बीरेंद्र बहादुर भावविह्वल हैं, तो गांव में रह रहे पूर्व प्रधान चचेरे भाई साधु और भाभी जिला पंचायत सदस्य जमुना देवी के पांव जमीं पर नहीं हैं। राजनीति के जानकार भी बेटी के जरिये ही सही फैजाबाद से केंद्रीय मंत्री का सूखा दूर होने को विकास की नई उम्मीद से जोड़ रहे हैं।
विज्ञापन
इस बदलाव में संतोष गंगवार को भले ही कपड़ा से वित्त जैसे महत्वपूर्ण विभाग में भेजा गया है लेकिन राज्यमंत्री के तौर पर उनसे स्वतंत्र प्रभार हट गया है। इसे उनका कद घटने के रूप में देखा जा रहा है। रणनीतिकार इसको अनुप्रिया पटेल को मंत्री बनाने से भी जोड़ रहे हैं। कुर्मी बिरादरी को भाजपा ने अनुप्रिया के रूप में एक और चेहरा दिया है। इसलिए इस बिरादरी से ताल्लुक रखने वाले संतोष से स्वतंत्र प्रभार हटाने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। इसे ध्यान में रखकर यह निर्णय हुआ है। दलित वर्ग की पासी बिरादरी को ध्यान में रखकर शाहजहांपुर की सांसद कृष्णा राज को केंद्रीय मंत्रिमंडल में लिया गया है। भाजपा का मानना है कि उनको मंत्री बनाने का फायदा विधानसभा चुनाव में मिलेगा लेकिन उनको मंत्रिमंडल में शामिल करने से पहले बरेली मंडल से तीन मंत्री रखने पर काफी मंथन किया गया था। चूंकि पीलीभीत की सांसद मेनका गांधी का अपना कद है इसलिए उन पर किसी निर्णय की संभावना ही नहीं थी। ऐसे में संतोष गंगवार के स्वतंत्र प्रभार पर ही आंच आनी तय हो गई थी। पार्टी में उनकी वरिष्ठता और सात बार सांसद होने की वजह से उनको मंत्री बनाए रखना जरूरी माना गया लेकिन सीधे तौर पर स्वतंत्र प्रभार हटने का असर न दिखे इसलिए स्मृति ईरानी के पास कपड़ा मंत्रालय कैबिनेट में जाने के बाद संतोष गंगवार को पुराने विभाग में बनाए रखना उचित नहीं समझा गया सो उनको वित्त जैसा अहम विभाग दे दिया गया।
विज्ञापन
गौरतलब है कि बरेली मंडल को महिला कल्याण एवं बाल विकास विभाग पूरी तरह से मिल गया है। पीलीभीत की सांसद मेनका गांधी इस विभाग के साथ कैबिनेट में हैं और शाहजहांपुर की सांसद कृष्णा राज राज्यमंत्री के रूप में उनकी सहयोग रहेंगी।
विज्ञापन
क्या अटक जाएंगे प्रोजेक्ट
संतोष गंगवार ने कपड़ा राज्यमंत्री रहते बरेली में टेक्सटाइल पार्क और मेगा क्लस्टर के प्रोजेक्ट पर कार्य शुरू कर दिया था लेकिन उनका विभाग बदलने से सवाल यह उठने लगा है कि अब इस प्रोजेक्ट का क्या होगा। गंगवार वित्त विभाग में रहते हुए क्या इसे पूरा करवा पाएंगे या फिर यह प्रोजेक्ट अटके रहेंगे।
रुहेलखंड का होगा विकास : भाजपा
केंद्रीय मंत्रिमंडल में बदलाव पर भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. श्याम बिहारी लाल ने कहा कि बरेली मंडल से तीन मंत्री बनाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रुहेलखंड को खास महत्व दिया है। इससे साफ है कि वह रुहेलखंड में बेहतर विकास कराना चाहते हैं। भाजपा सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की बात भी करती है।
गदगद हैं कृष्णा राज के भैया-भाभी
फैजाबाद। जिले के अमानीगंज ब्लॉक के महमदपुर में जन्मी और पली-बढ़ी बेटी की ऊंची उड़ान से हर कोई गदगद है। इस बेटी का नाम कृष्णा राज है, जिसने अपनी ससुराल शाहजहांपुर से सांसद होकर अब नरेंद्र मोदी सरकार में राज्यमंत्री पद की शपथ ली है। बहन के मंत्री बनने से रामनगर कालोनी में रह रहे बड़े भाई बीरेंद्र बहादुर भावविह्वल हैं, तो गांव में रह रहे पूर्व प्रधान चचेरे भाई साधु और भाभी जिला पंचायत सदस्य जमुना देवी के पांव जमीं पर नहीं हैं। राजनीति के जानकार भी बेटी के जरिये ही सही फैजाबाद से केंद्रीय मंत्री का सूखा दूर होने को विकास की नई उम्मीद से जोड़ रहे हैं।