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अभाविप और सछास नेताओं का बीच सड़क पर उत्पात, जमकर चलीं लाठियां
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शुक्रवार को बरेली कॉलेज में एबीवीपी और सछास के कार्यकर्ताओं में खूब लाठियां चलीं।
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एबीवीपी की ओर से पूर्व विधायक विजयपाल सिंह समेत 14 के खिलाफ रिपोर्ट
बरेली कॉलेज में हुए बवाल को लेकर एबीवीपी का पुतला फूंकने जा रहे थे सछास कार्यकर्ता
हमले के विरोध में मुंसिफ कोर्ट के पास सड़क पर ही धरना देकर बैठ गए सपाई
फरीदपुर। ज्ञापन फाड़ने और पुतला छीनने को लेकर एसडीएम और सीओ कार्यालय के पास अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और समाजवादी छात्र सभा कार्यकर्ताओं के बीच विवाद हो गया। दोनों पक्षों में जमकर लाठियां चलीं। बीच सड़क पर हुए बवाल से आसपास इलाके में अफरातफरी का माहौल रहा। इस मामले में विद्यार्थी परिषद के रचित शर्मा की तहरीर पर पूर्व विधायक विजय सिंह और सपा के जिला उपाध्यक्ष तारिक लिटिल समेत 14 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। सपा की ओर से दी तहरीर पर अभी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है।
बरेली कॉलेज में हुए विवाद को लेकर शुक्रवार को नारेबाजी करते हुए सछास के जिला उपाध्यक्ष अविनाश मिश्र, नगर अध्यक्ष समीर वर्मा के नेतृत्व में कार्यकर्ता अभाविप का पुतला फूंकने और एसडीएम अजय कुमार उपाध्याय को ज्ञापन देने जा रहे थे। पूर्वाह्न करीब 11:30 बजे जब ये लोग एसडीएम एवं सीओ कार्यालय के पास पहुंचे तभी पीछे से अभाविप के कार्यकर्ता पहुंच गए। उन्होंने सछास कार्यकर्ताओं से पुतला और ज्ञापन छीनने की कोशिश की तो कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने पर दोनों ओर से लाठियां चलने लगीं। बीच सड़क बवाल होते देख वहां अफरातफरी का माहौल बन गया। बताया जा रहा है कि अभाविप के कार्यकर्ताओं की संख्या ज्यादा थी। उन्होंने सछास कार्यकर्ताओं को सड़क पर दौड़ा-दौड़ाकर पीटा।
मुंसिफ कोर्ट के पास धरने पर बैठे सछास कार्यकर्ता
बवाल होते देख कुछ दूरी पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने दोनों पक्षों को समझाकर बमुश्किल मामला शांत कराया। इसके बाद पुलिसकर्मी दोनों पक्षों को थाने ले जाने बात कहने लगे लेकिन सछास कार्यकर्ता मुंसिफ कोर्ट के पास सड़क पर धरना देकर नारेबाजी करने लगे।
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मौके पर पहुंचे पूर्व विधायक समेत अन्य सपाई
हंगामे की सूचना पर सछास के समर्थन में पूर्व विधायक विजयपाल सिंह, सपा के जिला उपाध्यक्ष लिटिल तारिक, सभासद दन्नू समेत तमाम सपा नेता और कार्यकर्ता वहां पहुंच गए। उन्होंने सछास कार्यकर्ताओं से बातचीत की और फिर सछास की ओर से अभाविप के नौ कार्यकर्ताओं के खिलाफ पुलिस को तहरीर दिलाई। उधर, विद्यार्थी परिषद के रचित शर्मा ने सछास के जिला उपाध्यक्ष अविनाश मिश्र, नगर अध्यक्ष समीर वर्मा, सलमान अली खान, सपा के जिला उपाध्यक्ष तारिक लिटिल, पूर्व विधायक विजयपाल सिंह, अजयपाल यादव एडवोकेट, अर्जुन यादव, केशव यादव, बीपी यादव, आकाश यादव, पवन यादव, संजीव यादव दन्नू और हाशिम के खिलाफ तहरीर दी। इस पर पुलिस ने बलवा और मारपीट की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
मुख्यमंत्री का फूंक रहे थे पुतला भारत माता को कहे अपशब्द
विद्यार्थी परिषद के रचित शर्मा ने रिपोर्ट कहा है कि वह साथियों के साथ सदस्यता अभियान चलाकर लौट रहे थे। रास्ते में सपा और सछास के लोग मुख्यमंत्री और एबीवीपी का पुतला फूंक रहे थे। विरोध करने पर आरोपियों ने गालीगलौज कर मारपीट शुरू कर दी और भारत माता को अपशब्द कहे।
हमारे लोगों को पीटा और हम पर ही रिपोर्ट
पूर्व विधायक विजयपाल सिंह का कहना है कि हमारे लोगों को पीटा गया और हम पर ही रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। सछास कार्यकर्ताओं को पीटने की सूचना मिलने पर हम थाने गए थे। अगर बीजेपी सरकार में थाने में अपने लोगों और पीड़ितों की सिफारिश करना अपराध है तो फिर यही सही है।
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बरेली कॉलेज में हुए बवाल को लेकर एबीवीपी का पुतला फूंकने जा रहे थे सछास कार्यकर्ता
हमले के विरोध में मुंसिफ कोर्ट के पास सड़क पर ही धरना देकर बैठ गए सपाई
फरीदपुर। ज्ञापन फाड़ने और पुतला छीनने को लेकर एसडीएम और सीओ कार्यालय के पास अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और समाजवादी छात्र सभा कार्यकर्ताओं के बीच विवाद हो गया। दोनों पक्षों में जमकर लाठियां चलीं। बीच सड़क पर हुए बवाल से आसपास इलाके में अफरातफरी का माहौल रहा। इस मामले में विद्यार्थी परिषद के रचित शर्मा की तहरीर पर पूर्व विधायक विजय सिंह और सपा के जिला उपाध्यक्ष तारिक लिटिल समेत 14 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। सपा की ओर से दी तहरीर पर अभी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है।
बरेली कॉलेज में हुए विवाद को लेकर शुक्रवार को नारेबाजी करते हुए सछास के जिला उपाध्यक्ष अविनाश मिश्र, नगर अध्यक्ष समीर वर्मा के नेतृत्व में कार्यकर्ता अभाविप का पुतला फूंकने और एसडीएम अजय कुमार उपाध्याय को ज्ञापन देने जा रहे थे। पूर्वाह्न करीब 11:30 बजे जब ये लोग एसडीएम एवं सीओ कार्यालय के पास पहुंचे तभी पीछे से अभाविप के कार्यकर्ता पहुंच गए। उन्होंने सछास कार्यकर्ताओं से पुतला और ज्ञापन छीनने की कोशिश की तो कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने पर दोनों ओर से लाठियां चलने लगीं। बीच सड़क बवाल होते देख वहां अफरातफरी का माहौल बन गया। बताया जा रहा है कि अभाविप के कार्यकर्ताओं की संख्या ज्यादा थी। उन्होंने सछास कार्यकर्ताओं को सड़क पर दौड़ा-दौड़ाकर पीटा।
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मुंसिफ कोर्ट के पास धरने पर बैठे सछास कार्यकर्ता
बवाल होते देख कुछ दूरी पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने दोनों पक्षों को समझाकर बमुश्किल मामला शांत कराया। इसके बाद पुलिसकर्मी दोनों पक्षों को थाने ले जाने बात कहने लगे लेकिन सछास कार्यकर्ता मुंसिफ कोर्ट के पास सड़क पर धरना देकर नारेबाजी करने लगे।
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मौके पर पहुंचे पूर्व विधायक समेत अन्य सपाई
हंगामे की सूचना पर सछास के समर्थन में पूर्व विधायक विजयपाल सिंह, सपा के जिला उपाध्यक्ष लिटिल तारिक, सभासद दन्नू समेत तमाम सपा नेता और कार्यकर्ता वहां पहुंच गए। उन्होंने सछास कार्यकर्ताओं से बातचीत की और फिर सछास की ओर से अभाविप के नौ कार्यकर्ताओं के खिलाफ पुलिस को तहरीर दिलाई। उधर, विद्यार्थी परिषद के रचित शर्मा ने सछास के जिला उपाध्यक्ष अविनाश मिश्र, नगर अध्यक्ष समीर वर्मा, सलमान अली खान, सपा के जिला उपाध्यक्ष तारिक लिटिल, पूर्व विधायक विजयपाल सिंह, अजयपाल यादव एडवोकेट, अर्जुन यादव, केशव यादव, बीपी यादव, आकाश यादव, पवन यादव, संजीव यादव दन्नू और हाशिम के खिलाफ तहरीर दी। इस पर पुलिस ने बलवा और मारपीट की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
मुख्यमंत्री का फूंक रहे थे पुतला भारत माता को कहे अपशब्द
विद्यार्थी परिषद के रचित शर्मा ने रिपोर्ट कहा है कि वह साथियों के साथ सदस्यता अभियान चलाकर लौट रहे थे। रास्ते में सपा और सछास के लोग मुख्यमंत्री और एबीवीपी का पुतला फूंक रहे थे। विरोध करने पर आरोपियों ने गालीगलौज कर मारपीट शुरू कर दी और भारत माता को अपशब्द कहे।
हमारे लोगों को पीटा और हम पर ही रिपोर्ट
पूर्व विधायक विजयपाल सिंह का कहना है कि हमारे लोगों को पीटा गया और हम पर ही रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। सछास कार्यकर्ताओं को पीटने की सूचना मिलने पर हम थाने गए थे। अगर बीजेपी सरकार में थाने में अपने लोगों और पीड़ितों की सिफारिश करना अपराध है तो फिर यही सही है।
पुतला छीनने को लेकर मारपीट हुई थी। एक पक्ष की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। दूसरे पक्ष ने भी तहरीर दी है, उनकी शिकायत की जांच की जा रही है। उसके बाद कार्रवाई की जाएगी। - राजकुमार अग्रवाल, एसपी देहात