Bareilly News: नाथ मंदिरों को विकसित करने के लिए 70 करोड़ की योजना मंजूर, बनेगी वैदिक लाइब्रेरी
Bareilly News: नाथ कॉरिडोर परियोजना के तहत नाथ मंदिरों को भव्य रूप दिया जाएगा। अलखनाथ, तुलसी मठ, त्रिवटीनाथ मंदिर परिसर में वैदिक लाइब्रेरी बनाई जाएगी। अलखनाथ मंदिर परिसर में ओपन थियेटर बनेगा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बरेली के नाथ मंदिरों के परिसर को संवारने की परियोजना अब धरातल पर उतरेगी। इसके लिए 70 करोड़ की योजना को शासन की मंजूरी मिल गई है। पर्यटन और संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव मुकेश मेश्राम ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर इसे सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की।
नाथ कॉरिडोर परियोजना के तहत सात शिव मंदिरों को आपस में जोड़ने के लिए लोक निर्माण विभाग ने काम कराया है। सुभाषनगर के तपेश्वरनाथ मंदिर को छोड़कर अन्य सड़कों के काम हो चुके हैं। अब मंदिर परिसरों को संवारने और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं देने की तैयारी है। शासन ने उप्र पर्यटन परिषद और उप्र प्रोजेक्ट कॉरपोरेशन को इसकी जिम्मेदारी सौंपी है।
बनाई जाएगी वैदिक लाइब्रेरी
वास्तुविद सुमित अग्रवाल द्वारा तैयार की गई डीपीआर के मुताबिक अलखनाथ, तुलसी मठ, त्रिवटीनाथ मंदिर परिसर में वैदिक लाइब्रेरी बनाई जाएगी। अलखनाथ मंदिर परिसर में ओपन थियेटर बनेगा। इसमें धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम हो सकेंगे। शिव मंदिरों के परिसर में भंडारा और सत्संग के लिए भवन बनेंगे। सातों नाथ मंदिरों के द्वार का निर्माण भी प्रस्तावित है।
वैदिक काल की वास्तुकला को समाहित करते हुए द्वारों की संरचना प्रस्तावित की गई है। प्रमुख सचिव ने इसके लिए वास्तुविद की सराहना की है। क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी बृजपाल सिंह ने बताया कि प्रमुख सचिव ने सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। शासनादेश जारी होने पर टेंडर निकाले जाएंगे। फर्म का चयन कर डीपीआर के अनुरूप काम कराया जाएगा।
आठ द्वार बनेंगे, तुलसी मठ में होगी श्रद्धालुओं के लिए धर्मशाला
अलखनाथ, मढ़ीनाथ, तपेश्वनाथ, त्रिबटीनाथ, वनखंडीनाथ, धोपेश्वरनाथ, पशुपतिनाथ मंदिर व तुलसी मठ में द्वार बनेंगे। बड़ाबाग हनुमान मंदिर के पास रामलीला मैदान पर 1000 की क्षमता का कांवड़ विश्राम स्थल स्थल बनेगा। यह करीब 1600 वर्ग फुट का शेड होगा। इसमें एक मंच भी रहेगा। जहां यह कांवड़ स्थल बनना है, वहां हर साल रामलीला भी होती है। इससे रामलीला के वक्त भी दर्शकों को सहूलियत होगी। तुलसी मठ में 12 कमरे की धर्मशाला बनेगी। एक कमरे चार श्रद्धालु ठहर सकेंगे।