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Bareilly News: खाते में 372 करोड़ रुपये, फिर भी अधिग्रहण में देरी से अटका बरेली-सितारगंज हाईवे चौड़ीकरण
Sat, 21 Oct 2023 01:47 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Sat, 21 Oct 2023 01:47 AM IST
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बरेली। जमीन अधिग्रहण में देरी से बरेली-सितारगंज मार्ग का चौड़ीकरण भी अधर में है। मुआवजे के लिए 372 करोड़ रुपये का बजट उपलब्ध है। निर्माण के लिए फर्म का चयन भी बीती 18 सितंबर को किया जा चुका है। इसके बावजूद अधिग्रहण की जद में आने वाले किसानों की सूची का अता-पता नहीं। जिम्मेदार विभागों की ढिलाई के चलते अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही। देरी के कारण चयनित फर्म को वर्क आर्डर भी जारी नहीं हो रहा। क्योंकि काम तभी शुरू हो सकता है जब 80 प्रतिशत जमीन कार्यदायी संस्था को मिल जाए।
स्थिति यह है कि दो साल से प्रोजेक्ट लटका हुआ है। अभी बरेली-सितारगंज मार्ग टू लेन है। इसे फोर लेन किया जाना है। इस 71 किलोमीटर हाईवे का चौड़ीकरण आठ बाईपास के साथ प्रस्तावित है। बरेली जिले में इस हाईवे का 27.750, पीलीभीत में 30.650 व ऊधम सिंह नगर में 12.40 किलोमीटर हिस्सा होगा। प्रोजेक्ट के लिए तीनों जिलों के 58 गांवों की जमीन ली जानी है। जमीन अधिग्रहण के लिए एनएचएआई ने 475 करोड़ रुपये बजट की मंजूरी दी है, लेकिन इसमें अब तक मात्र 103 करोड़ रुपये ही खर्च हुए हैं। कुछ किसानों को मुआवजा दिया गया है। बाकी रकम खाते में पड़ी है। चौड़ीकरण का काम रुका हुआ है और लोगों को आवागमन की दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है।
दो हिस्सों में होनी है कार्रवाई
अधिग्रहण की प्रक्रिया को दो हिस्सों में बांटा गया है। पहले हिस्से में बरेली और पीलीभीत जिले की 70 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण होना है। इसके लिए एनएचएआई ने 200 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं, लेकिन अभी तक सिर्फ 58 करोड़ रुपये खर्च हुए। बाकी 142 करोड़ रुपये खाते में हैं। दूसरे चरण में पीलीभीत और ऊधम सिंह नगर की 100.50 हेक्टेयर जमीन के लिए एनएचएआई ने 275 करोड़ रुपये की मंजूरी दी। इसमें अब तक मात्र 45 करोड़ रुपये व्यय हुए हैं। बाकी 230 करोड़ रुपये खाते में पड़े हैं। इस तरह बजट होने के बाद भी हाईवे के चौड़ीकरण में अधिग्रहण की बाधा है।
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बोले जिम्मेदार....
प्रशासन का पुराना जवाब-काम जल्द पकड़ेगा रफ्तार
बरेली और पीलीभीत जिले में जमीन अधिग्रहण के लिए कर्मचारियों की संख्या कम होने के कारण थोड़ा विलंब हुआ है, लेकिन अब रफ्तार के साथ काम किया जाएगा। शिविर लगाकर संबंधित किसानों के प्रपत्र जमा कराएंगे। किसानों के खाते में अधिग्रहण के रुपये भेजने के लिए पोर्टल पर प्रक्रिया पूरी करेंगे। अब तक 126 करोड़ रुपये के भुगतान के लिए किसानों के बैंक खाता संख्या के साथ मुआवजे की राशि का ब्योरा भूमि अधिग्रहण के पोर्टल पर अपलोड किया गया है। भुगतान एनएचएआई को ही करना है।
आशीष कुमार, अपर जिलाधिकारी एवं विशेष भूमि अध्यापित अधिकारी
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छह महीने में जमीन न मिली तो फर्म मांग सकती है जुर्माना
बरेली-सितारगंज मार्ग के चौड़ीकरण के लिए 18 सितंबर को निजी फर्म को टेंडर हुआ है। अनुबंध के तहत फर्म तभी काम शुरू करेगी जब 80 प्रतिशत जमीन उसे मिल जाए, लेकिन अभी तक 71 में एक किलोमीटर मार्ग के लिए भी जमीन नहीं दी जा सकी है। अगर अनुबंध के छह महीने में जमीन फर्म को नहीं दी गई तो फर्म एनएचएआई से जुर्माना मांग सकती है। इसलिए जल्द से जल्द जमीन उपलब्ध कराने आग्रह विशेष भूमि अध्यापित अधिकारी से किया गया है। लगातार संवाद बनाए हुए हैं ताकि देरी न होने पाए।
बीपी पाठक, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई
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प्रोजेक्ट एक नजर में-
- 71 किलोमीटर मार्ग का चौड़ीकरण होगा।
- 2857 करोड़ रुपये होंगे खर्च।
- तीन जिले (बरेली-पीलीभीत-ऊधमसिंह नगर सीधे जुड़ेंगे)
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स्थिति यह है कि दो साल से प्रोजेक्ट लटका हुआ है। अभी बरेली-सितारगंज मार्ग टू लेन है। इसे फोर लेन किया जाना है। इस 71 किलोमीटर हाईवे का चौड़ीकरण आठ बाईपास के साथ प्रस्तावित है। बरेली जिले में इस हाईवे का 27.750, पीलीभीत में 30.650 व ऊधम सिंह नगर में 12.40 किलोमीटर हिस्सा होगा। प्रोजेक्ट के लिए तीनों जिलों के 58 गांवों की जमीन ली जानी है। जमीन अधिग्रहण के लिए एनएचएआई ने 475 करोड़ रुपये बजट की मंजूरी दी है, लेकिन इसमें अब तक मात्र 103 करोड़ रुपये ही खर्च हुए हैं। कुछ किसानों को मुआवजा दिया गया है। बाकी रकम खाते में पड़ी है। चौड़ीकरण का काम रुका हुआ है और लोगों को आवागमन की दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है।
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दो हिस्सों में होनी है कार्रवाई
अधिग्रहण की प्रक्रिया को दो हिस्सों में बांटा गया है। पहले हिस्से में बरेली और पीलीभीत जिले की 70 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण होना है। इसके लिए एनएचएआई ने 200 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं, लेकिन अभी तक सिर्फ 58 करोड़ रुपये खर्च हुए। बाकी 142 करोड़ रुपये खाते में हैं। दूसरे चरण में पीलीभीत और ऊधम सिंह नगर की 100.50 हेक्टेयर जमीन के लिए एनएचएआई ने 275 करोड़ रुपये की मंजूरी दी। इसमें अब तक मात्र 45 करोड़ रुपये व्यय हुए हैं। बाकी 230 करोड़ रुपये खाते में पड़े हैं। इस तरह बजट होने के बाद भी हाईवे के चौड़ीकरण में अधिग्रहण की बाधा है।
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प्रशासन का पुराना जवाब-काम जल्द पकड़ेगा रफ्तार
बरेली और पीलीभीत जिले में जमीन अधिग्रहण के लिए कर्मचारियों की संख्या कम होने के कारण थोड़ा विलंब हुआ है, लेकिन अब रफ्तार के साथ काम किया जाएगा। शिविर लगाकर संबंधित किसानों के प्रपत्र जमा कराएंगे। किसानों के खाते में अधिग्रहण के रुपये भेजने के लिए पोर्टल पर प्रक्रिया पूरी करेंगे। अब तक 126 करोड़ रुपये के भुगतान के लिए किसानों के बैंक खाता संख्या के साथ मुआवजे की राशि का ब्योरा भूमि अधिग्रहण के पोर्टल पर अपलोड किया गया है। भुगतान एनएचएआई को ही करना है।
आशीष कुमार, अपर जिलाधिकारी एवं विशेष भूमि अध्यापित अधिकारी
छह महीने में जमीन न मिली तो फर्म मांग सकती है जुर्माना
बरेली-सितारगंज मार्ग के चौड़ीकरण के लिए 18 सितंबर को निजी फर्म को टेंडर हुआ है। अनुबंध के तहत फर्म तभी काम शुरू करेगी जब 80 प्रतिशत जमीन उसे मिल जाए, लेकिन अभी तक 71 में एक किलोमीटर मार्ग के लिए भी जमीन नहीं दी जा सकी है। अगर अनुबंध के छह महीने में जमीन फर्म को नहीं दी गई तो फर्म एनएचएआई से जुर्माना मांग सकती है। इसलिए जल्द से जल्द जमीन उपलब्ध कराने आग्रह विशेष भूमि अध्यापित अधिकारी से किया गया है। लगातार संवाद बनाए हुए हैं ताकि देरी न होने पाए।
बीपी पाठक, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई
प्रोजेक्ट एक नजर में-
- 71 किलोमीटर मार्ग का चौड़ीकरण होगा।
- 2857 करोड़ रुपये होंगे खर्च।
- तीन जिले (बरेली-पीलीभीत-ऊधमसिंह नगर सीधे जुड़ेंगे)