बरेली: रुहेलखंड विश्वविद्यालय शुरू करेगा नए रोजगारपरक पाठ्यक्रम, एआई की भी होगी पढ़ाई
रुहेलखंड विश्वविद्यालय की कार्य परिषद ने शुक्रवार को चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम के चौथे वर्ष के पाठ्यक्रमों को मंजूरी दी। इसके साथ ही विश्वविद्यालय में नए रोजगारपरक पाठ्यक्रम शुरू करने और वित्तीय अनुशासन मजबूत करने पर सहमति बनी।
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बरेली के महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय की कार्य परिषद की बैठक शुक्रवार को कुलपति प्रोफेसर अनिल कुमार राय की अध्यक्षता में हुई। इसमें चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम के चौथे वर्ष (ऑनर्स और ऑनर्स विद रिसर्च) के पाठ्यक्रमों को मंजूरी मिली। विश्वविद्यालय में नए रोजगारपरक पाठ्यक्रम शुरू करने और वित्तीय अनुशासन मजबूत करने पर सहमति बनी।
बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया। आगामी शैक्षिक सत्र 2027-28 से कई पुराने वार्षिक पाठ्यक्रमों को सेमेस्टर प्रणाली में बदला जाएगा। केंद्रीय पुस्तकालय को आधुनिक बनाकर उसे चौबीस घंटे अध्ययन कक्ष के रूप में विकसित करने पर मुहर लगी।
कुलपति अनिल कुमार राय ने कहा कि उद्योग एवं विश्वविद्यालय के बीच तालमेल आवश्यक है और छात्र सभी कार्यों का केंद्र बिंदु हैं। बायोइन्फॉर्मेटिक्स, कृषि और खाद्य विज्ञान जैसे नए रोजगारपरक पाठ्यक्रम शुरू होंगे, जिनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) भी जोड़ा जाएगा। छात्रों के रोजगार हेतु खाद्य परीक्षण, पैकेजिंग और लेबलिंग जैसे नए पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए एक समिति गठित होगी। विश्वविद्यालय की नई खेल नीति 2026 को भी अनुमोदित किया गया।
91 शोधार्थियों को शोध उपाधि प्रदान किए जाने की जानकारी दी गई
बैठक में 91 शोधार्थियों को शोध उपाधि प्रदान किए जाने की जानकारी दी गई। दो प्रतिष्ठित हस्तियों को मानद डीलिट और डीएससी उपाधि देने का निर्णय भी अनुमोदित किया गया। शिक्षण सहायक, प्रोफेसर ऑफ एमिनेंस और प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस की व्यवस्था 31 दिसंबर तक जारी रहेगी, जिसके बाद इन पर फिर से विचार किया जाएगा। पीएचडी छात्र-छात्राओं को असिस्टेंट ग्रेड वन व टू के रूप में वेतन भी 31 दिसंबर तक ही मिलेगा। मीडिया प्रभारी अमित सिंह ने बताया कि असिस्टेंट प्रोफेसर संविदा का पदनाम बदलकर गेस्ट लेक्चरर किया गया है।
रुहेलखंड विश्वविद्यालय के 46 की जगह 25 खाते होंगे
रुहेलखंड विश्वविद्यालय के वित्तीय अनुशासन को मजबूत करने के लिए 46 बैंक खातों की समीक्षा की गई। अनावश्यक खातों को बंद कर इनकी संख्या लगभग 25 करने का निर्णय लिया गया। सावधि जमा पर बेहतर ब्याज दर के लिए प्रतिस्पर्धी कोटेशन आमंत्रित होंगे। विद्यार्थियों की सुविधा हेतु सभी शुल्क डिजिटल माध्यम से जमा कराने की योजना को मंजूरी मिली। अकादमिक उत्कृष्टता सलाहकार समिति और वित्तीय प्रबंधन सलाहकार समिति के गठन पर भी मुहर लगी। उद्योग-विश्वविद्यालय सहयोग प्रकोष्ठ, भारतीय ज्ञान परंपरा अनुसंधान केंद्र और कौशल विकास प्रकोष्ठ की स्थापना को भी स्वीकृति दी गई।
49 नए पदों का सृजन किया जाएगा
स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विभाग के लिए 49 नए पदों का सृजन किया जाएगा। इनमें प्रयोगशाला तकनीशियन, कंप्यूटर प्रचालक, लिपिक और सहायक शामिल हैं। सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने हेतु 37 अतिरिक्त सुरक्षा गार्डों की बाह्य सेवा से तैनाती को अनुमोदन मिला। कॅरिअर उन्नति योजना के तहत 43 शिक्षकों को प्रोन्नति दी गई, साथ ही कई कर्मचारियों की विभागीय पदोन्नति के प्रस्तावों को भी मंजूरी मिली। विश्वविद्यालय द्वारा जारी होने वाली सभी डिग्रियों, अंकतालिकाओं और आधिकारिक दस्तावेज में 'इंडिया' के स्थान पर 'भारत' लिखा जाएगा।