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चक्रवात अर्नब: ओडिशा के गंजम-गजपति में बाढ़ के हालात सुधरे, आंध्र प्रदेश में 4,764 करोड़ के नुकसान का अनुमान
Sun, 01 Nov 2026 12:34 AM IST
अमन तिवारी
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: अमन तिवारी
Updated Sun, 01 Nov 2026 12:34 AM IST
सार
चक्रवात अर्नब के बाद ओडिशा और आंध्र प्रदेश में राहत और बहाली का काम जारी है। ओडिशा के गंजाम और गजपति में बाढ़ का पानी घट रहा है, जबकि आंध्र प्रदेश में 12 जिले प्रभावित हुए हैं। राज्य सरकार ने 4,764 करोड़ रुपये के नुकसान का शुरुआती अनुमान लगाया है।
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चक्रवात अर्नब से ओडिशा-आंध्र प्रदेश में भारी नुकसान
- फोटो : अमर उजाला/ पीटीआई
विस्तार
चक्रवात अर्नब ने ओडिशा और आंध्र प्रदेश में भारी तबाही मचाई है, हालांकि अब हालात धीरे-धीरे सुधर रहे हैं। ओडिशा के गंजाम और गजपति जिलों में बाढ़ की स्थिति में सुधार हो रहा है, लेकिन अब भी करीब 700 लोग पानी से घिरे इलाकों में फंसे हुए हैं। वहीं, आंध्र प्रदेश में चक्रवात से 12 जिले प्रभावित हुए हैं। राज्य सरकार के शुरुआती आकलन के मुताबिक, यहां 4,764 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। फसलों के साथ-साथ हजारों मकान और सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं। इस बीच, केंद्र सरकार की सात सदस्यीय टीम नुकसान का जायजा लेने के लिए आंध्र प्रदेश पहुंच गई है। दूसरी ओर, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने राहत और बहाली के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
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चक्रवात का असर, बाढ़ से तबाही का मंजर
- फोटो : अमर उजाला
ओडिशा में बाढ़ का पानी घटा, 700 लोग अब भी फंसे
ओडिशा के नौ दक्षिणी जिले चक्रवात अर्नब से सबसे ज्याद प्रभावित हुए थे। इनमें गंजाम और गजपति जिलों में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। गंजाम में 1.5 लाख से अधिक और गजपति में 30 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए राहत शिविर बनाए हैं। गंजाम के कलेक्टर वी. कीर्ति वासन के मुताबिक, जिले में 56,051 लोगों को निकालकर 367 सुरक्षित शिविरों में पहुंचाया गया है। इसके अलावा 370 स्थानों पर पका हुआ भोजन बांटा जा रहा है। करीब 700 लोग अब भी जलभराव वाले इलाकों में फंसे हैं। इन गांवों तक नौसेना और भारतीय तटरक्षक बल के हेलीकॉप्टरों से खाने के पैकेट पहुंचाने का काम पूरा कर लिया गया है।
ये भी पढ़ें: अर्नब तूफान : 24 घंटे में 23 मिमी बरसा पानी, 30 से 40 किमी की रफ्तार से हवाएं चलती रहीं
प्रशासन के मुताबिक, अगले 15 से 20 दिनों की जरूरत के लिए पर्याप्त खाद्य सामग्री उपलब्ध है। गंजाम में पानी से घिरे गांवों की संख्या भी लगातार कम हुई है। गुरुवार को ऐसे 70 गांव थे, जो शुक्रवार को घटकर 21 और शनिवार को सिर्फ तीन रह गए। बाढ़ और जलभराव को देखते हुए जिले के स्कूल 3 नवंबर तक बंद रहेंगे।
ओडिशा के नौ दक्षिणी जिले चक्रवात अर्नब से सबसे ज्याद प्रभावित हुए थे। इनमें गंजाम और गजपति जिलों में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। गंजाम में 1.5 लाख से अधिक और गजपति में 30 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए राहत शिविर बनाए हैं। गंजाम के कलेक्टर वी. कीर्ति वासन के मुताबिक, जिले में 56,051 लोगों को निकालकर 367 सुरक्षित शिविरों में पहुंचाया गया है। इसके अलावा 370 स्थानों पर पका हुआ भोजन बांटा जा रहा है। करीब 700 लोग अब भी जलभराव वाले इलाकों में फंसे हैं। इन गांवों तक नौसेना और भारतीय तटरक्षक बल के हेलीकॉप्टरों से खाने के पैकेट पहुंचाने का काम पूरा कर लिया गया है।
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प्रशासन के मुताबिक, अगले 15 से 20 दिनों की जरूरत के लिए पर्याप्त खाद्य सामग्री उपलब्ध है। गंजाम में पानी से घिरे गांवों की संख्या भी लगातार कम हुई है। गुरुवार को ऐसे 70 गांव थे, जो शुक्रवार को घटकर 21 और शनिवार को सिर्फ तीन रह गए। बाढ़ और जलभराव को देखते हुए जिले के स्कूल 3 नवंबर तक बंद रहेंगे।
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चक्रवात का असर, बाढ़ से तबाही का मंजर
- फोटो : अमर उजाला
सड़क और रेल सेवाएं बहाल, बिजली आपूर्ति भी सुधरी
ओडिशा के परिवहन मंत्री बीबी जेना ने बताया कि बहुदा नदी का जलस्तर घटने के बाद कोलकाता-चेन्नई को जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग-16 फिर से चालू हो गया है। इस मार्ग पर रेल सेवाएं भी सामान्य हो गई हैं। जल संसाधन विभाग की सचिव शुभा शर्मा ने रुशिकुल्या नदी के गेज स्टेशन का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि नदी का जलस्तर खतरे के निशान से काफी नीचे है और फिलहाल बाढ़ का तत्काल खतरा नहीं है। हालांकि, निचले इलाकों में जमा पानी को पूरी तरह निकलने में कुछ दिन लग सकते हैं।
प्रभावित इलाकों में सड़क, पुल, एनीकट और तटबंधों की मरम्मत शुरू कर दी गई है। राहत सामग्री पहुंचाने के लिए हिंजिली-भंजनगर, सोराडा-दरिंगबाड़ी और मोहना-ब्रह्मपुर जैसे प्रमुख मार्गों को प्राथमिकता दी जा रही है। गंजाम और गजपति में एनडीआरएफ, ओडीआरएएफ, पुलिस और अग्निशमन विभाग के 100 से अधिक कर्मचारी राहत और बचाव कार्य में जुटे हैं। टीपी सदर्न ओडिशा डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (पीटीएसओडीएल) के मुताबिक, दक्षिणी ओडिशा में 17 लाख उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है। आठ जिलों में 96.32 प्रतिशत बिजली बहाली का काम पूरा हो चुका है। सभी 130 प्रभावित प्राथमिक सबस्टेशन भी चालू कर दिए गए हैं। मलकानगिरी, बौध और रायगढ़ा में बिजली आपूर्ति पूरी तरह बहाल हो गई है, जबकि गंजाम में यह आंकड़ा 93 प्रतिशत है।
ओडिशा के परिवहन मंत्री बीबी जेना ने बताया कि बहुदा नदी का जलस्तर घटने के बाद कोलकाता-चेन्नई को जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग-16 फिर से चालू हो गया है। इस मार्ग पर रेल सेवाएं भी सामान्य हो गई हैं। जल संसाधन विभाग की सचिव शुभा शर्मा ने रुशिकुल्या नदी के गेज स्टेशन का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि नदी का जलस्तर खतरे के निशान से काफी नीचे है और फिलहाल बाढ़ का तत्काल खतरा नहीं है। हालांकि, निचले इलाकों में जमा पानी को पूरी तरह निकलने में कुछ दिन लग सकते हैं।
प्रभावित इलाकों में सड़क, पुल, एनीकट और तटबंधों की मरम्मत शुरू कर दी गई है। राहत सामग्री पहुंचाने के लिए हिंजिली-भंजनगर, सोराडा-दरिंगबाड़ी और मोहना-ब्रह्मपुर जैसे प्रमुख मार्गों को प्राथमिकता दी जा रही है। गंजाम और गजपति में एनडीआरएफ, ओडीआरएएफ, पुलिस और अग्निशमन विभाग के 100 से अधिक कर्मचारी राहत और बचाव कार्य में जुटे हैं। टीपी सदर्न ओडिशा डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (पीटीएसओडीएल) के मुताबिक, दक्षिणी ओडिशा में 17 लाख उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है। आठ जिलों में 96.32 प्रतिशत बिजली बहाली का काम पूरा हो चुका है। सभी 130 प्रभावित प्राथमिक सबस्टेशन भी चालू कर दिए गए हैं। मलकानगिरी, बौध और रायगढ़ा में बिजली आपूर्ति पूरी तरह बहाल हो गई है, जबकि गंजाम में यह आंकड़ा 93 प्रतिशत है।
चक्रवात का असर, बाढ़ से तबाही का मंजर
- फोटो : अमर उजाला
आंध्र प्रदेश में 4,764 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान
आंध्र प्रदेश सरकार ने केंद्रीय टीम को बताया कि चक्रवात अर्नब से राज्य के 12 जिले प्रभावित हुए हैं। शुरुआती आकलन में कम से कम 4,764 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया गया है। सरकार के मुताबिक, 4.63 लाख किसानों की 3.52 लाख हेक्टेयर जमीन पर लगी फसलें बर्बाद हुई हैं। इसके अलावा 23,383 हेक्टेयर में बागवानी फसलों को नुकसान पहुंचा है। करीब 2,500 किलोमीटर सड़कें और 7,000 से अधिक मकान भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। बिजली क्षेत्र को भी भारी नुकसान हुआ है। डॉ. बीआर आंबेडकर कोनसीमा और पश्चिम गोदावरी जिले चक्रवात से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं।
आंध्र प्रदेश सरकार ने केंद्रीय टीम को बताया कि चक्रवात अर्नब से राज्य के 12 जिले प्रभावित हुए हैं। शुरुआती आकलन में कम से कम 4,764 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया गया है। सरकार के मुताबिक, 4.63 लाख किसानों की 3.52 लाख हेक्टेयर जमीन पर लगी फसलें बर्बाद हुई हैं। इसके अलावा 23,383 हेक्टेयर में बागवानी फसलों को नुकसान पहुंचा है। करीब 2,500 किलोमीटर सड़कें और 7,000 से अधिक मकान भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। बिजली क्षेत्र को भी भारी नुकसान हुआ है। डॉ. बीआर आंबेडकर कोनसीमा और पश्चिम गोदावरी जिले चक्रवात से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं।
चक्रवात का असर, बाढ़ से तबाही का मंजर
- फोटो : अमर उजाला
नुकसान का जायजा लेने पहुंची सात सदस्यीय केंद्रीय टीम
चक्रवात से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए गृह मंत्रालय के चित्तरंजन दास के नेतृत्व में सात सदस्यीय केंद्रीय टीम शनिवार को आंध्र प्रदेश पहुंची। टीम शनिवार और रविवार को प्रभावित इलाकों का दौरा कर रही है। इससे पहले रियल टाइम गवर्नेंस सोसाइटी (आरटीजीएस) के सचिव के. भास्कर और मुख्य कार्यकारी प्रखर जैन ने केंद्रीय टीम को चक्रवात से हुए नुकसान की जानकारी प्रेजेंटेशन के जरिए दी।
उधर, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर नुकसान का आकलन करने और राहत कार्यों में तेजी लाने को कहा है। उन्होंने 3 नवंबर को आंध्र प्रदेश के तट की ओर संभावित नए चक्रवाती सिस्टम को देखते हुए भी तैयारी रखने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों से आपदा के दौरान मीडिया को पूरी, आधिकारिक और सही जानकारी देने को कहा है। साथ ही बिजली, सड़क और अन्य जरूरी सेवाओं को जल्द से जल्द बहाल करने के निर्देश दिए हैं।
चक्रवात से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए गृह मंत्रालय के चित्तरंजन दास के नेतृत्व में सात सदस्यीय केंद्रीय टीम शनिवार को आंध्र प्रदेश पहुंची। टीम शनिवार और रविवार को प्रभावित इलाकों का दौरा कर रही है। इससे पहले रियल टाइम गवर्नेंस सोसाइटी (आरटीजीएस) के सचिव के. भास्कर और मुख्य कार्यकारी प्रखर जैन ने केंद्रीय टीम को चक्रवात से हुए नुकसान की जानकारी प्रेजेंटेशन के जरिए दी।
उधर, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर नुकसान का आकलन करने और राहत कार्यों में तेजी लाने को कहा है। उन्होंने 3 नवंबर को आंध्र प्रदेश के तट की ओर संभावित नए चक्रवाती सिस्टम को देखते हुए भी तैयारी रखने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों से आपदा के दौरान मीडिया को पूरी, आधिकारिक और सही जानकारी देने को कहा है। साथ ही बिजली, सड़क और अन्य जरूरी सेवाओं को जल्द से जल्द बहाल करने के निर्देश दिए हैं।