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तीन साल की तुलना में इस साल डकैती लूट और हत्या की वारदात हुईं बहुत कम
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
बरेली। हत्या, लूट, डकैती की घटनाएं भले ही अखबारों की सुर्खियां बन रही हों। विपक्षी दल प्रदेश में कानून-व्यवस्था की खराब स्थिति को मुद्दा बनाकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हों, लेकिन आंकड़ों की बाजीगरी से पुलिस सब सुहाना दिखा रही है। एडीजी ने बरेली जोन में अपराध के तीन साल के आंकड़े जारी किए हैं। एक जनवरी से 15 अगस्त तक के इन आंकड़ों के हिसाब से जोन के सभी नौ जिलों में डकैती, लूट, हत्या की घटनाओं में बहत कमी आई है। डकैती के मामले तो 70 फीसदी घट गए हैं।
यूं तो जोन भर में आपराधिक घटनाएं लगातार हो रही हैं। लॉकडाउन के समय भी जिले में हत्या की घटनाएं लगातार हुई थीं लेकिन पुलिस के आंकड़ों के अनुसार तीन साल की तुलना में इस साल अपराधों में कमी आई है। एडीजी कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक, बरेली जिले में पिछले तीन साल में डकैती की कुल आठ घटनाएं हुईं। इनमें पिछले दो वर्ष में सात घटनाएं दर्ज की गईं, जबकि इस वर्ष डकैती की केवल एक घटना ही हुई है।
आंकड़ों के अनुसार बदायूं जिले में दो सालों में डकैती के चार मामले दर्ज हुए, जबकि इस साल एक भी डकैती नहीं हुई है। पीलीभीत और शाहजहांपुर में दो साल से कोई डकैती नहीं पड़ी। मुरादाबाद मंडल में डकैती की सात वारदातें हुईं। आंकड़ों के आधार पर डकैती की वारदातों में 70 फीसदी कमी आने का दावा किया गया है। बरेली जोन में लूट की घटनाओं में भी 19 फीसदी की कमी बताई जा रही है। दो सालों में लूट के 66 केस सिर्फ बरेली में दर्ज हुए थे लेकिन इस साल सिर्फ 14 लूट होनी बताई जा रही हैं। बदायूं, शाहजहांपुर और पीलीभीत में दो सालों में 86 लूट हुईं जबकि इस साल बदायूं में छह, शाहजहांपुर में चार और पीलीभीत में लूट के सिर्फ नौ मामले दर्ज हुए।
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मुरादाबाद रेंज में दो सालों में 168 लूट की घटनाएं हुईं, जबकि इस साल 57 घटनाएं ही बताई जा रही हैं। बरेली में हत्या की घटनाओं में फर्क नहीं आया। बरेली जिले में पिछले दो साल में 123 हत्या हुईं। इस वर्ष अब तक 53 हत्या हो चुकी हैं। इसी तरह दो सालों में बदायूं में 86, शाहजहांपुर में 80, पीलीभीत में 42 हत्या हुईं, जबकि इस साल तीनों जिलों में कुल 70 हत्या हुई हैं। मुरादाबाद रेंज में दो साल में 315 हत्या हुईं, जबकि इस साल हत्या के 157 मामले दर्ज हुए हैं।
आंकड़े बलवा, बलात्कार, दहेज हत्या, चोरी और वाहन चोरी की घटनाओं में भी कमी के हैं। दो वर्षों में बरेली रेंज में बलवा के 283 मामले दर्ज हुए जो इस बार 117 हैं। मुरादाबाद रेंज में दो साल में 346 मामले दर्ज हुए मगर इस बार 87 मामले ही रिकॉर्ड में हैं। बरेली रेंज में दो साल में बलात्कार की 285 घटनाएं हुई मगर इस वर्ष यह आंकड़ा 61 पर सीमित है। मुरादाबाद रेंज में पिछले दो साल में 379 बलात्कार हुए, इस साल 89 हुए हैं। बरेली रेंज में दो साल में दहेज हत्या के 258, चोरी के 2220, वाहन चोरी के 1261 मामले दर्ज हुए जबकि इस वर्ष दहेज हत्या के 107, चोरी के 599 और वाहन चोरी के 330 मामले सामने आए हैं। मुरादाबाद मंडल में पिछले दो साल में दहेज हत्या की 171, चोरी की 2774, वाहन चोरी की 1461 घटनाएं हुई थीं। जबकि इस साल दहेज हत्या की 87, चोरी की 900, वाहन चोरी की 478 घटनाएं हुईं। तीन वर्षों में जोन में रोड होल्डअप की एक भी घटना सामने नहीं आई है। आंकड़ों के मुताबिक, दो साल के मुकाबले इस साल हत्या की घटनाओं में पांच फीसदी, बलवा में 38 फीसदी, बलात्कार की घटनाओं में 48 फीसदी, दहेज हत्या में चार फीसदी, चोरी में 33 फीसदी और वाहन चोरी की घटनाओं में 31 फीसदी की कमी आई है।
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यूं तो जोन भर में आपराधिक घटनाएं लगातार हो रही हैं। लॉकडाउन के समय भी जिले में हत्या की घटनाएं लगातार हुई थीं लेकिन पुलिस के आंकड़ों के अनुसार तीन साल की तुलना में इस साल अपराधों में कमी आई है। एडीजी कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक, बरेली जिले में पिछले तीन साल में डकैती की कुल आठ घटनाएं हुईं। इनमें पिछले दो वर्ष में सात घटनाएं दर्ज की गईं, जबकि इस वर्ष डकैती की केवल एक घटना ही हुई है।
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आंकड़ों के अनुसार बदायूं जिले में दो सालों में डकैती के चार मामले दर्ज हुए, जबकि इस साल एक भी डकैती नहीं हुई है। पीलीभीत और शाहजहांपुर में दो साल से कोई डकैती नहीं पड़ी। मुरादाबाद मंडल में डकैती की सात वारदातें हुईं। आंकड़ों के आधार पर डकैती की वारदातों में 70 फीसदी कमी आने का दावा किया गया है। बरेली जोन में लूट की घटनाओं में भी 19 फीसदी की कमी बताई जा रही है। दो सालों में लूट के 66 केस सिर्फ बरेली में दर्ज हुए थे लेकिन इस साल सिर्फ 14 लूट होनी बताई जा रही हैं। बदायूं, शाहजहांपुर और पीलीभीत में दो सालों में 86 लूट हुईं जबकि इस साल बदायूं में छह, शाहजहांपुर में चार और पीलीभीत में लूट के सिर्फ नौ मामले दर्ज हुए।
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मुरादाबाद रेंज में दो सालों में 168 लूट की घटनाएं हुईं, जबकि इस साल 57 घटनाएं ही बताई जा रही हैं। बरेली में हत्या की घटनाओं में फर्क नहीं आया। बरेली जिले में पिछले दो साल में 123 हत्या हुईं। इस वर्ष अब तक 53 हत्या हो चुकी हैं। इसी तरह दो सालों में बदायूं में 86, शाहजहांपुर में 80, पीलीभीत में 42 हत्या हुईं, जबकि इस साल तीनों जिलों में कुल 70 हत्या हुई हैं। मुरादाबाद रेंज में दो साल में 315 हत्या हुईं, जबकि इस साल हत्या के 157 मामले दर्ज हुए हैं।
आंकड़े बलवा, बलात्कार, दहेज हत्या, चोरी और वाहन चोरी की घटनाओं में भी कमी के हैं। दो वर्षों में बरेली रेंज में बलवा के 283 मामले दर्ज हुए जो इस बार 117 हैं। मुरादाबाद रेंज में दो साल में 346 मामले दर्ज हुए मगर इस बार 87 मामले ही रिकॉर्ड में हैं। बरेली रेंज में दो साल में बलात्कार की 285 घटनाएं हुई मगर इस वर्ष यह आंकड़ा 61 पर सीमित है। मुरादाबाद रेंज में पिछले दो साल में 379 बलात्कार हुए, इस साल 89 हुए हैं। बरेली रेंज में दो साल में दहेज हत्या के 258, चोरी के 2220, वाहन चोरी के 1261 मामले दर्ज हुए जबकि इस वर्ष दहेज हत्या के 107, चोरी के 599 और वाहन चोरी के 330 मामले सामने आए हैं। मुरादाबाद मंडल में पिछले दो साल में दहेज हत्या की 171, चोरी की 2774, वाहन चोरी की 1461 घटनाएं हुई थीं। जबकि इस साल दहेज हत्या की 87, चोरी की 900, वाहन चोरी की 478 घटनाएं हुईं। तीन वर्षों में जोन में रोड होल्डअप की एक भी घटना सामने नहीं आई है। आंकड़ों के मुताबिक, दो साल के मुकाबले इस साल हत्या की घटनाओं में पांच फीसदी, बलवा में 38 फीसदी, बलात्कार की घटनाओं में 48 फीसदी, दहेज हत्या में चार फीसदी, चोरी में 33 फीसदी और वाहन चोरी की घटनाओं में 31 फीसदी की कमी आई है।
बरेली जोन के नौ जिलों में अपराध के आंकड़े निकलवाए गए हैं। दो साल की तुलना में डकैती-लूट जैसे संगीन अपराधों में कमी आई है। लॉकडाउन में पुलिस की सख्ती और सक्रियता से भी अपराध कम हुए हैं। - अविनाश चंद्र, एडीजी जोन