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Bareilly News: रोडवेज अधिकारियों ने नगर निगम को लिखे कई पत्र... फिर भी न सफाई की, न नाले ढके
Thu, 26 Mar 2026 03:12 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Thu, 26 Mar 2026 03:12 AM IST
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फोटो :
बेहद व्यस्त इलाका है सेटेलाइट बस अड्डा, 32 हजार लोगों का रोज होता है आवागमन
संवाद न्यूज एजेंसी
बरेली। सेटेलाइट बस अड्डा बेहद व्यस्त इलाका है। यहां रोजाना यूपी समेत आसपास के पांच राज्यों की 350-400 बसों और औसतन 32-35 हजार यात्रियों का आवागमन होता है। रोडवेज के अधिकारियों ने नालों की सफाई कराने और खुले नालों को ढकने के लिए कई बार नगर निगम को पत्र लिखे, लेकिन जिम्मेदारों ने सुध नहीं ली। नतीजा इस हादसे के रूप में सामने आया है।
रुहेलखंड डिपो के एआरएम अरुण कुमार वाजपेयी ने बताया कि पिछले साल सफाई के नाम पर बस अड्डे के एक ओर के नाले के स्लैब को तोड़ दिया गया। कई महीनों तक स्लैब वहां पड़ा रहा। कई बार नगर निगम को लिखने के बाद स्लैब हटाया गया। दूसरा स्लैब अब तक नहीं डाला गया है।
इसके कुछ दिन बाद एक और स्थान पर नाला खोल दिया गया। नाले से निकले कचरे को नहीं हटाया गया और स्लैब भी नहीं डाला गया। आठ मई 2025 को उन्होंने खुद नगर निगम को पत्र लिखकर अतिक्रमण हटवाने, सफाई कराने और नाला ढकने के लिए कहा। इसके बाद सेटेलाइट बस अड्डा प्रभारी ने भी कई पत्र लिखे।
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होली के दौरान खुले नालों से हादसा न हो इसको देखते हुए और सफाई कराने के लिए स्टेशन प्रभारी ने 10 फरवरी को भी नगर निगम को पत्र लिखा। इसके बावजूद आज तक कार्रवाई नहीं हुई। एआरएम ने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से बस अड्डे पर चौकीदारों की संख्या को बढ़ा दिया गया है।
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बेहद व्यस्त इलाका है सेटेलाइट बस अड्डा, 32 हजार लोगों का रोज होता है आवागमन
संवाद न्यूज एजेंसी
बरेली। सेटेलाइट बस अड्डा बेहद व्यस्त इलाका है। यहां रोजाना यूपी समेत आसपास के पांच राज्यों की 350-400 बसों और औसतन 32-35 हजार यात्रियों का आवागमन होता है। रोडवेज के अधिकारियों ने नालों की सफाई कराने और खुले नालों को ढकने के लिए कई बार नगर निगम को पत्र लिखे, लेकिन जिम्मेदारों ने सुध नहीं ली। नतीजा इस हादसे के रूप में सामने आया है।
रुहेलखंड डिपो के एआरएम अरुण कुमार वाजपेयी ने बताया कि पिछले साल सफाई के नाम पर बस अड्डे के एक ओर के नाले के स्लैब को तोड़ दिया गया। कई महीनों तक स्लैब वहां पड़ा रहा। कई बार नगर निगम को लिखने के बाद स्लैब हटाया गया। दूसरा स्लैब अब तक नहीं डाला गया है।
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इसके कुछ दिन बाद एक और स्थान पर नाला खोल दिया गया। नाले से निकले कचरे को नहीं हटाया गया और स्लैब भी नहीं डाला गया। आठ मई 2025 को उन्होंने खुद नगर निगम को पत्र लिखकर अतिक्रमण हटवाने, सफाई कराने और नाला ढकने के लिए कहा। इसके बाद सेटेलाइट बस अड्डा प्रभारी ने भी कई पत्र लिखे।
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होली के दौरान खुले नालों से हादसा न हो इसको देखते हुए और सफाई कराने के लिए स्टेशन प्रभारी ने 10 फरवरी को भी नगर निगम को पत्र लिखा। इसके बावजूद आज तक कार्रवाई नहीं हुई। एआरएम ने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से बस अड्डे पर चौकीदारों की संख्या को बढ़ा दिया गया है।