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Bareilly News: पांच साल पहले आठ करोड़ से बनी सड़क, अब 35 करोड़ से होगा कायाकल्प
Mon, 20 Jul 2026 11:49 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Mon, 20 Jul 2026 11:49 PM IST
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बरेली। मुख्यमंत्री ग्रीन रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट (सीएम ग्रिड) योजना का तीसरा चरण सवालों के घेरे में आ गया है। पांच साल पहले आठ करोड़ रुपये की लागत से बनी रोड को दोबारा खोदा जाएगा। महर्षि चौक से लेकर श्यामगंज पुल तक सीएम ग्रिड योजना के तहत रोड के चौड़ीकरण के लिए अनमोल एसोसिएट्स को 35 करोड़ रुपये का टेंडर दिया गया है।
15वें वित्त आयोग के बजट से कभी 14 से 18 फुट चौड़ी की गई इस सड़क पर नाला निर्माण और बिजली के खंभों की शिफ्टिंग कराई गई थी। स्थानीय व्यापारियों और निवासियों में इस तोड़फोड़ को लेकर नाराजगी है। उनका कहना है कि सड़क पहले से ही पर्याप्त चौड़ी है। यहां यातायात बाधित होने की असली वजह सड़क की चौड़ाई नहीं, बल्कि दोनों ओर फैला अतिक्रमण है। यदि निगम नियमित रूप से अतिक्रमण हटाए तो जाम से निजात मिल सकती है। शहरवासियों का तर्क है कि जहां कई वार्डों में सड़कें बदहाल हैं और लोग जलभराव की समस्या झेल रहे हैं, वहीं बनी-बनाई सड़क पर बुलडोजर चलाने के बजाय उन पिछड़े इलाकों पर बजट खर्च किया जाना चाहिए।
वर्जन
श्यामगंज पुल से महर्षि चौक तक वर्ष 2021 में हुए चौड़ीकरण की फाइल मंगवाई गई है। निर्माण विभाग से भी रिपोर्ट मांगी गई है। मामले की समीक्षा कर शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। - संजीव कुमार मौर्य, नगर आयुक्त
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15वें वित्त आयोग के बजट से कभी 14 से 18 फुट चौड़ी की गई इस सड़क पर नाला निर्माण और बिजली के खंभों की शिफ्टिंग कराई गई थी। स्थानीय व्यापारियों और निवासियों में इस तोड़फोड़ को लेकर नाराजगी है। उनका कहना है कि सड़क पहले से ही पर्याप्त चौड़ी है। यहां यातायात बाधित होने की असली वजह सड़क की चौड़ाई नहीं, बल्कि दोनों ओर फैला अतिक्रमण है। यदि निगम नियमित रूप से अतिक्रमण हटाए तो जाम से निजात मिल सकती है। शहरवासियों का तर्क है कि जहां कई वार्डों में सड़कें बदहाल हैं और लोग जलभराव की समस्या झेल रहे हैं, वहीं बनी-बनाई सड़क पर बुलडोजर चलाने के बजाय उन पिछड़े इलाकों पर बजट खर्च किया जाना चाहिए।
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वर्जन
श्यामगंज पुल से महर्षि चौक तक वर्ष 2021 में हुए चौड़ीकरण की फाइल मंगवाई गई है। निर्माण विभाग से भी रिपोर्ट मांगी गई है। मामले की समीक्षा कर शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। - संजीव कुमार मौर्य, नगर आयुक्त
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