फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Risk of zoonotic diseases amidst animal attacks; vaccines and awareness offer a solution.

Bareilly News: पशु हमलों के बीच जूनोटिक रोग का खतरा, टीका और जागरूकता से मिलेगी निजात

Sun, 04 Oct 2026 12:49 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Updated Sun, 04 Oct 2026 12:49 AM IST
विज्ञापन
Risk of zoonotic diseases amidst animal attacks; vaccines and awareness offer a solution.
बरेली। समय पर टीकाकरण और जागरूकता अभियानों से रेबीज और लंपी स्किन डिजीज जैसे पशुजनित रोगों पर नियंत्रण के संकेत हैं, लेकिन कुत्तों, बंदर, बिल्ली और अन्य पशुओं के बढ़ते हमले से एंटी रेबीज वैक्सीन (एआरवी) क्लीनिक में हर साल घायलों की संख्या बढ़ रही है।
विज्ञापन




जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. प्रशांत रंजन के मुताबिक रेबीज नियंत्रण कार्यक्रम के तहत इस वर्ष अब तक मौत का आंकड़ा शून्य है। पिछले चार-चार वर्षों में रेबीज से 10 लोगों की मौत हो चुकी है। समय पर घाव की सफाई और एआरवी के साथ जरूरत के मुताबिक रेबीज इम्युनोग्लोबुलिन दिए जाने से संक्रमण को रोकने में मदद मिलती है। कोल्ड चेन पॉइंट वाली यूपीएचसी और सीएचसी पर भी एआरवी लगने से संक्रमण फैलने की आशंका कम रहती है। हालांकि, पशुओं के काटने और खरोंच के मामले बढ़ रहे हैं।
विज्ञापन




नगर निगम के रिकॉर्ड के अनुसार शहर में करीब 35 हजार लावारिस कुत्ते हैं। इन्हें पकड़ने और बंध्याकरण के लिए सालाना करीब एक करोड़ रुपये खर्च की व्यवस्था है। नंदोसी में एबीसी सेंटर बना, पर संचालक एजेंसी का चयन अटका है। बंदर पकड़ने का वर्क ऑर्डर भी जारी नहीं हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पशुपालन विभाग के अनुसार वर्ष 2023 के बाद जिले में गोवंश में लंपी स्किन डिजीज का कोई मामला सामने नहीं आया है। इस वर्ष 1.47 लाख गोवंश टीकाकरण लक्ष्य के सापेक्ष 89,500 पशु प्रतिरक्षित हुए। बर्ड फ्लू का कोई मामला सामने नहीं आया। उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. ओपी मौर्य के अनुसार जिले में करीब छह लाख गाय-भैंस हैं। इनमें करीब 54 हजार का बधियाकरण कराया जा चुका है।



--



बच्चियों पर कुत्ते के हमले से मौत, टूटे परिवार

लटूरी गांव में 16 अगस्त को के इसहाक खान की छह वर्षीय बेटी इनाया गांव के बाहर बच्चों के साथ खेल रही थी। कुत्ते ने बच्ची पर हमला कर करीब 100 मीटर तक घसीटा। इससे मौत हो गई। तीन महीने पहले इनकी छोटी बेटी आयत पर भी कुत्तों ने हमला किया था। पूर्व में टियूलिया के अवधेश कुमार की बच्ची भी कुत्ते के हमले में जख्मी हुई और मौत हो गई। परिजन का आरोप है कि शिकायत के बाद नगर निगम की टीम कुत्तों को पकड़ने पहुंची, लेकिन बिना कार्रवाई लौट गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed