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परिवार की फाकाकशी से परेशान रिक्शाचालक भी फंदे पर लटका
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जयराम के घरवाले।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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काफी समय से ठप थी कमाई, शनिवार को रिक्शा लेकर निकला तो पुलिस ने भगा दिया
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बरेली। सुभाषनगर के ही वंशी नगला में रहने वाले एक रिक्शा चालक ने भी काम-धंधा ठप होने की वजह से फंदे पर लटककर खुदकुशी कर ली। आसपड़ोस के लोगों ने बताया कि गरीबी की वजह से रिक्शा चालक परिवार नहीं पाल पा रहा था। शनिवार को रिक्शा लेकर निकला तो पुलिस ने लॉकडाउन का हवाला देकर भगा दिया। उसके परिवार में पत्नी और तीन छोटे बच्चे हैं।
40 वर्षीय रिक्शा चालक जयराम शनिवार रात खाना खाकर कमरे में सोने चले गए। रात में ही किसी समय घर के बाहर बनी खपरैल में चादर का फंदा बनाकर जान दे दी। रात दो बजे पत्नी रेशमा जागीं तो पति को कमरे में न पाकर खपरैल में पहुंचीं तो वहां शव को कुंडे से लटकते देखा। सूचना पर पहुंची सुभाषनगर पुलिस ने शव को उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
जयराम के भतीजे जयंत ने बताया कि लॉकडाउन के कारण जयराम रिक्शा चलाकर परिवार का पेट नहीं भर पा रहे थे। रिक्शा लेकर निकलते भी थे तो ज्यादा सवारियां नहीं मिलती थीं। वह काफी दिनों से परेशान थे। शनिवार को भी वह रिक्शा लेकर निकले तो पुलिस ने लॉकडाउन की बात कहकर उन्हें भगा दिया। कमाई न होने की वजह से परिवार भी काफी समय से फाकाकशी कर रहा था।
40 वर्षीय रिक्शा चालक जयराम शनिवार रात खाना खाकर कमरे में सोने चले गए। रात में ही किसी समय घर के बाहर बनी खपरैल में चादर का फंदा बनाकर जान दे दी। रात दो बजे पत्नी रेशमा जागीं तो पति को कमरे में न पाकर खपरैल में पहुंचीं तो वहां शव को कुंडे से लटकते देखा। सूचना पर पहुंची सुभाषनगर पुलिस ने शव को उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
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जयराम के भतीजे जयंत ने बताया कि लॉकडाउन के कारण जयराम रिक्शा चलाकर परिवार का पेट नहीं भर पा रहे थे। रिक्शा लेकर निकलते भी थे तो ज्यादा सवारियां नहीं मिलती थीं। वह काफी दिनों से परेशान थे। शनिवार को भी वह रिक्शा लेकर निकले तो पुलिस ने लॉकडाउन की बात कहकर उन्हें भगा दिया। कमाई न होने की वजह से परिवार भी काफी समय से फाकाकशी कर रहा था।
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