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Bareilly News: हेराफेरी के आरोपी राइस मिलर ने भी कराई रिपोर्ट दर्ज
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बरेली। करोड़ों की जमीन के सौदे में हेराफेरी करने के आरोपी पीलीभीत के राइस मिलर अर्पित अग्रवाल ने भी खुद को पीड़ित बताकर इज्जतनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। बताया है कि संतोष टंडन नाम के शख्स ने अपनी जमीन बताकर उससे ठगी कर ली। राइस मिलर ने अपनी गर्दन बचाने की खातिर अपने ही चार पार्टनरों को धोखाधड़ी में नामजद कराया है।
पीलीभीत के अर्पित अग्रवाल और नितेंद्र नाथ मिश्रा ने बताया कि फरीदापुर चौधरी इज्जतनगर की एक महंगी जमीन का इकरारनामा उन्होंने अपने हक में कराया था। बबलू कश्यप, ख्वाजुद्दीन, नन्हे अहमद, नरवीर वर्मा, अंकुर जैसवार, पुरुषोत्तम गंगवार और राजकुमार उसके पास आए। इन लोगों ने जमीन के बारे में बताकर संतोष टंडन से मिलवाया। संतोष ने उसे अपनी जमीन बताकर जो कागज दिए वह जांच कराने पर सही निकले। इकरारनामा कराने के बाद पता चला कि जमीन में विवाद है। जिस संतोष टंडन से उसने इकरारनामा कराया, उसकी मौत 2003 में हो चुकी है।
सितंबर 2024 में बरेली रजिस्ट्री कार्यालय जाकर उसने जो इकरारनामा कराया था उसे सच्चाई सामने आने पर निरस्त करा दिया है। संतोष टंडन और उसके साथियों ने पचास लाख रुपये भी रख लिए। जब रुपये वापस करने के लिए कहा तब फर्जी संतोष टंडन जमीन का बैनामा कराने को कहने लगा। अब इज्जतनगर थाने में यह रिपोर्ट भी दर्ज की गई है। दोनों एफआईआर के विवेचक अलग-अलग रखे गए हैं।
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एग्रीमेंट निरस्त करके फंसा अर्पित अग्रवाल
- आरोपी अर्पित और उसके साथी पहले नकली संतोष टंडन को डीजीपी के सामने पेश करके और फिर उससे कराया गया एग्रीमेंट निरस्त करवाकर फंस गए हैं। इस लिहाज से वह सीधे तौर पर धोखाधड़ी के दोषी साबित हो गए हैं। पुलिस भले ही अर्पित की ठग मंडली को विवेचना और गिरफ्तारी में राहत दे दे, लेकिन कोर्ट में उनका फंसना तय माना जा रहा है। अब अर्पित सफाई दे रहा है कि उसका जमीन से कोई सरोकार नहीं रहा है।
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खुला घूम रहा फर्जी संतोष टंडन
करीब 21 साल पहले मृत संतोष टंडन की पहचान ओढ़े एक शख्स ने डीजीपी कार्यालय में पेश होकर खुद को संतोष टंडन बताया तो बरेली में उसकी संपत्ति पर विवाद की जांच शुरू हुई। सूत्र बताते हैं कि नकली संतोष टंडन को कुछ दिन पहले आरोपी पक्ष ने ही पकड़कर पुलिस को सौंप दिया था। उसे कुछ दिन शहर के ही एक थाने में रखा गया। इसके बाद पूछताछ कर उसे छोड़ दिया गया। सूत्र बताते हैं कि फर्जी संतोष टंडन का असली नाम राजू पंडित है। पुलिस उसे जरूरत के वक्त सामने लाकर खुलासा कर सकती है।
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- राइस मिलर की ओर से भी रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। दोनों ही मामलों में विवेचना की जा रही है। जांच व विवेचना के बिंदुओं के आधार पर पुलिस कार्रवाई करेगी। - मानुष पारीक, एसपी सिटी
अमर उजाला ब्यूरो
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पीलीभीत के अर्पित अग्रवाल और नितेंद्र नाथ मिश्रा ने बताया कि फरीदापुर चौधरी इज्जतनगर की एक महंगी जमीन का इकरारनामा उन्होंने अपने हक में कराया था। बबलू कश्यप, ख्वाजुद्दीन, नन्हे अहमद, नरवीर वर्मा, अंकुर जैसवार, पुरुषोत्तम गंगवार और राजकुमार उसके पास आए। इन लोगों ने जमीन के बारे में बताकर संतोष टंडन से मिलवाया। संतोष ने उसे अपनी जमीन बताकर जो कागज दिए वह जांच कराने पर सही निकले। इकरारनामा कराने के बाद पता चला कि जमीन में विवाद है। जिस संतोष टंडन से उसने इकरारनामा कराया, उसकी मौत 2003 में हो चुकी है।
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सितंबर 2024 में बरेली रजिस्ट्री कार्यालय जाकर उसने जो इकरारनामा कराया था उसे सच्चाई सामने आने पर निरस्त करा दिया है। संतोष टंडन और उसके साथियों ने पचास लाख रुपये भी रख लिए। जब रुपये वापस करने के लिए कहा तब फर्जी संतोष टंडन जमीन का बैनामा कराने को कहने लगा। अब इज्जतनगर थाने में यह रिपोर्ट भी दर्ज की गई है। दोनों एफआईआर के विवेचक अलग-अलग रखे गए हैं।
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एग्रीमेंट निरस्त करके फंसा अर्पित अग्रवाल
- आरोपी अर्पित और उसके साथी पहले नकली संतोष टंडन को डीजीपी के सामने पेश करके और फिर उससे कराया गया एग्रीमेंट निरस्त करवाकर फंस गए हैं। इस लिहाज से वह सीधे तौर पर धोखाधड़ी के दोषी साबित हो गए हैं। पुलिस भले ही अर्पित की ठग मंडली को विवेचना और गिरफ्तारी में राहत दे दे, लेकिन कोर्ट में उनका फंसना तय माना जा रहा है। अब अर्पित सफाई दे रहा है कि उसका जमीन से कोई सरोकार नहीं रहा है।
खुला घूम रहा फर्जी संतोष टंडन
करीब 21 साल पहले मृत संतोष टंडन की पहचान ओढ़े एक शख्स ने डीजीपी कार्यालय में पेश होकर खुद को संतोष टंडन बताया तो बरेली में उसकी संपत्ति पर विवाद की जांच शुरू हुई। सूत्र बताते हैं कि नकली संतोष टंडन को कुछ दिन पहले आरोपी पक्ष ने ही पकड़कर पुलिस को सौंप दिया था। उसे कुछ दिन शहर के ही एक थाने में रखा गया। इसके बाद पूछताछ कर उसे छोड़ दिया गया। सूत्र बताते हैं कि फर्जी संतोष टंडन का असली नाम राजू पंडित है। पुलिस उसे जरूरत के वक्त सामने लाकर खुलासा कर सकती है।
- राइस मिलर की ओर से भी रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। दोनों ही मामलों में विवेचना की जा रही है। जांच व विवेचना के बिंदुओं के आधार पर पुलिस कार्रवाई करेगी। - मानुष पारीक, एसपी सिटी
अमर उजाला ब्यूरो